संसद ने चिनफिंग के तीसरे कार्यकाल का किया समर्थन, ताउम्र सत्ता में बने रहने का रास्ता साफ

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 10 Mar 2023 08:07 PM
संसद ने चिनफिंग के तीसरे कार्यकाल का किया समर्थन, ताउम्र सत्ता में बने रहने का रास्ता साफ
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बीजिंग. चीन की संसद ने शुक्रवार को अभूतपूर्व रूप से राष्ट्रपति शी चिनफिंग को पांच साल का तीसरा कार्यकाल देने का सर्वसम्मति से समर्थन किया, जिससे उनके ताउम्र सत्ता में बने रहने का रास्ता साफ हो गया है. पिछले साल अक्टूबर में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की कांग्रेस की बैठक में 69 वर्षीय चिनफिंग को फिर से सीपीसी का नेता चुना गया था.

सीपीसी की कांग्रेस हर पांच साल में एक बार होती है. इसी के साथ, चिनफिंग सीपीसी के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद पांच साल के तीसरे कार्यकाल के लिए पार्टी प्रमुख चुने वाले पहले चीनी नेता बन गए थे. चीनी संसद ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ (एनपीसी) ने शुक्रवार को प्रत्याशित रूप से चिनफिंग के तीसरे कार्यकाल को मंजूरी दी.

एनपीसी को सीपीसी के फैसलों पर आंख मूंदकर मुहर लगाने के कारण अक्सर ‘रबर स्टांप पार्लियामेंट’ कहा जाता है. चिनफिंग के ताउम्र चीन पर हुकूमत करने की संभावना जताई जा रही है. एनपीसी ने चिनफिंग के राष्ट्रपति पद पर तीसरे कार्यकाल पर मुहर लगाने के साथ ही शक्तिशाली केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति का भी समर्थन किया है.

केंद्रीय सैन्य आयोग का अध्यक्ष चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का प्रमुख होता है. 20 लाख सैन्य बलों वाली पीएलए दुनिया की सबसे बड़ी सेना है. चिनफिंग पिछले साल अक्टूबर में हुई सीपीसी कांग्रेस में पार्टी के महासचिव भी चुने गए थे. इस दौरान, सीपीसी ने अपने सभी शीर्ष नीति निकायों के लिए नए नेतृत्व का चयन किया था.

एनपीसी की राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित कार्यवाही में 2,950 से अधिक सांसदों ने ‘सर्वसम्मति से चिनफिंग के चुनाव’ की घोषणा की.
तीसरे कार्यकाल के लिए समर्थन मिलने के बाद चिनफिंग ने संविधान के प्रति निष्ठा की प्रतिज्ञा ली और झुककर सदन के सदस्यों का अभिवादन किया. एनपीसी ने उपराष्ट्रपति के रूप में चिनफिंग के करीबी सहयोगी हान झेंग के नाम का भी समर्थन किया.

एनपीसी का इस साल का वार्षिक सत्र इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें चीन सरकार में नेतृत्व में 10 साल में एक बार होने वाले बदलावों पर मुहर लगाई जानी है, जिसमें प्रधानमंत्री पद भी शामिल है. प्रधानमंत्री स्टेट काउंसिल (केंद्रीय मंत्रिमंडल) की अध्यक्षता करता है. मौजूदा प्रधानमंत्री ली ंिक्वग का कार्यकाल इस वर्ष के एनपीसी सत्र के साथ समाप्त होगा.

ली कियांग के उनका उत्तराधिकारी चुने जाने की प्रबल संभावनाएं हैं, जो चिनफिंग के करीबी सहयोगी माने जाते हैं. एनपीसी शनिवार को उनके नाम पर मुहर लगा सकती है. नए नेतृत्व के सभी नामों को कुछ सप्ताह पहले चिनफिंग की अध्यक्षता में हुई सीपीसी की बैठक में अनुमोदित किया गया था. एनपीसी की मंजूरी एक औपचारिकता भर मानी जाती है. चीन के नए प्रधानमंत्री इस साल के वार्षिक एनपीसी सत्र के अंतिम दिन 13 मार्च को अपने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे.

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