परसा कोयला ब्लॉक: छग के हसदेव अरण्य में खनन परियोजना पर रोक लगाने से न्यायालय का इनकार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 20 Dec 2022 06:40 PM
परसा कोयला ब्लॉक: छग के हसदेव अरण्य में खनन परियोजना पर रोक लगाने से न्यायालय का इनकार

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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के जैव-विविधता वाले हसदेव अरण्य में अदानी समूह द्वारा संचालित और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) के स्वामित्व वाली कोयला खनन परियोजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है और कहा है कि वह विकास के रास्ते में नहीं आएगा. पर्यावरण संबंधी ंिचताओं और जनजातीय अधिकारों पर खनन गतिविधियों के प्रभाव को लेकर इस क्षेत्र में मूल आदिवासी समुदाय लंबे समय से विरोध करते रहे हैं.

न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि हसदेव अरण्य वन क्षेत्र में परसा कोयला ब्लॉक के लिए भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली लंबित याचिकाओं को कोयला खनन गतिविधियों के खिलाफ किसी भी तरह के प्रतिबंध के रूप में नहीं माना जाएगा.

पीठ ने कहा, ‘‘हम विकास के रास्ते में नहीं आना चाहते हैं और हम इस मामले में बहुत स्पष्ट हैं. हम कानून के तहत आपके अधिकारों का निर्धारण करेंगे, लेकिन विकास की कीमत पर नहीं.’’ पीठ ने हाल के एक आदेश में कहा, ‘‘अंतरिम राहत से इनकार किया जाता है. हम स्पष्ट करते हैं कि इन अपीलों का लंबित रखा जाना परियोजना(ओं) के रास्ते में बाधक नहीं बनेगा. यदि इस न्यायालय को अपीलकर्ताओं की ओर से दी गयी दलीलों में दम नजर आता है, तो प्रतिवादियों को क्षतिपूर्ति के लिए कभी भी निर्देश दिया जा सकता है.’’ शीर्ष अदालत परसा कोयला ब्लॉक के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली स्थानीय निवासियों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.

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