
नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को यहां एक अदालत को बताया कि ‘न्यूज़क्लिक’ के संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ आतंकवाद रोधी यूएपीए के तहत मामला चलाने के लिए जरूरी स्वीकृति हासिल कर ली गई है. आरोप है कि समाचार पोर्टल ने चीन समर्थक दुष्प्रचार फैलाने के लिए पैसा लिया था. अभियोजन पक्ष ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर को बताया कि स्वीकृति के दस्तावेज मामले में पूरक आरोप पत्र के साथ दायर किए गए हैं.
न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल तय की. गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एक स्वतंत्र प्राधिकारी, जांच एजेंसी द्वारा एकत्र किए गए सबूतों की समीक्षा करने के बाद किसी आरोपी पर मुकदमा चलाने को लेकर सक्षम प्राधिकारी (केंद्र या राज्य सरकार) को सिफारिश करता है. मंजूरी देनी है या नहीं, यह तय करना सक्षम प्राधिकारी का काम है. अदालत ने जनवरी में ‘न्यूज़क्लिक’ के मानव संसाधन (एचआर) प्रमुख अमित चक्रवर्ती को मामले में सरकारी गवाह बनने की अनुमति दे दी थी. न्यायाधीश ने मामले में गिरफ्तार चक्रवर्ती को उसके आवेदन पर माफी दे दी थी, जिसमें दावा किया गया था कि उसके पास “महत्वपूर्ण जानकारी” है जिसे वह दिल्ली पुलिस को बताना चाहता था.
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पिछले साल तीन अक्टूबर को चक्रवर्ती और पुरकायस्थ को गिरफ्तार किया था. वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. पुलिस ने भी आरोप लगाया था कि पुरकायस्थ ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने के लिए ‘ पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म’ (पीएडीएस) नामक समूह के साथ साजिश रची.



