
आदिलाबाद/कलपक्कम. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को तेलंगाना में बिजली, रेल और सड़क क्षेत्रों से संबंधित 56,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की आर्थिक प्रगति का भी उल्लेख किया. यहां प्रधानमंत्री के आधिकारिक समारोह में राज्य की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सहित अन्य लोग शामिल हुए.
लंबे समय बाद तेलंगाना के किसी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी की और आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान उनके साथ मंच साझा किया. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने अतीत में कई मौकों पर राज्य में प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई थी. यहां कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने अन्य परियोजनाओं के अलावा पेद्दापल्ली में एनटीपीसी की 800 मेगावाट (इकाई-2) क्षमता वाली तेलंगाना सुपर थर्मल पावर परियोजना का उद्घाटन किया.
‘अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल’ प्रौद्योगिकी पर आधारित यह परियोजना तेलंगाना को 85 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति करेगी और इसकी देश भर में मौजूद एनटीपीसी के सभी बिजली केंद्रों में सर्वाधिक बिजली उत्पादन दक्षता होगी जो लगभग 42 प्रतिशत होगी. इस परियोजना का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री ने ही किया था.
प्रधानमंत्री ने झारखंड के चतरा में स्थित उत्तरी करणपुरा ताप विद्युत परियोजना की 660 मेगावाट (इकाई-2) क्षमता वाली इकाई भी राष्ट्र को सर्मिपत की. यह देश का पहली ‘सुपरक्रिटिकल’ ताप विद्युत परियोजना है, जिसकी कल्पना इतने बड़े आकार के ‘एयर कूल्ड कंडेनसर’ (एसीसी) के साथ की गई है, जो पारंपरिक ‘वॉटर-कूल्ड कंडेनसर’ की तुलना में पानी की खपत को एक तिहाई तक कम कर देता है. इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने ही किया था. मोदी ने कहा कि 56,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं कई राज्यों में विकास की नई इबारत लिखेंगी.
उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का एकमात्र देश है जो पिछली तिमाही में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ एक बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है. उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर पिछले 3-4 दिनों से दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है. मोदी ने कहा, ”इस गति से भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.” उन्होंने कहा कि केंद्र तेलंगाना के लोगों के विकास के सपने को साकार करने में हर तरह से सहयोग कर रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आदिलाबाद की भूमि न केवल तेलंगाना बल्कि पूरे देश से जुड़ी विकास परियोजनाओं की गवाह बन रही है, क्योंकि आज 56,000 करोड़ रुपये से अधिक की 30 से अधिक ऐसी परियोजनाओं का या तो उद्घाटन किया जा रहा है या उनकी आधारशिला रखी जा रही है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और तेलंगाना राज्य दोनों ने 10 साल पूरे कर लिए हैं और केंद्र सरकार लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए राज्य को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है. इस मौके पर रेवंत रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री एक बड़े भाई की तरह हैं और राज्य को मोदी के गृह राज्य गुजरात की तरह प्रगति के लिए उनके समर्थन की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्य तेलंगाना केंद्र के साथ टकराव नहीं बल्कि सौहार्दपूर्ण संबंध चाहता है.
उन्होंने कहा, ”हम पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में योगदान देना चाहेंगे.” प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के सीपत, बिलासपुर में एनटीपीसी के ‘फ्लाई ऐश’ आधारित ‘लाइटवेट एग्रीगेट प्लांट’ और उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में सीवेज को हरित हाइड्रोजन में परिर्वितत करने वाले प्लांट का भी उद्घाटन किया.
इसके अलावा, उन्होंने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में सिंगरौली ताप विद्युत परियोजना के तृतीय चरण की आधारशिला भी रखी. प्रधानमंत्री ने राजस्थान के जैसलमेर में नेशनल हाइड्रोइले्ट्रिरक पावर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) की 380 मेगावाट की सौर परियोजना का भी उद्घाटन किया.
मोदी ने उत्तर प्रदेश के जालौन में बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड (बीएसयूएल) के 1200 मेगावाट के ‘जालौन अल्ट्रा मेगा रिन्यूबल एनर्जी पावर पार्क’ की नींव भी रखी. उत्तर प्रदेश के जालौन, कानपुर देहात में सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) की तीन सौर ऊर्जा परियोजनाओं और उत्तराखंड के उत्तरकाशी में नैतवार मोरी जलविद्युत स्टेशन के साथ-साथ संबंधित ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन किया गया.
प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु में परमाणु ऊर्जा संयंत्र का दौरा किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र का दौरा किया, जहां बिजली उत्पादन के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू हुई. चेन्नई से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित कलपक्कम में स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) की ‘कोर लोडिंग’ की शुरुआत प्रधानमंत्री की मौजूदगी में हुई. यह 500 मेगावाट का फास्ट ब्रीडर रिएक्टर भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी) द्वारा विकसित किया गया है. दौरे के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत अन्य लोग भी प्रधानमंत्री के साथ थे.



