
रांची. रांची की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने कथित तौर पर जमीन हड़पने से जुड़े धनशोधन के मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. सोरेन को इस मामले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था. इससे जुड़े एक घटनाक्रम में, सोमवार को उच्चतम न्यायालय ने इस धनशोधन मामले में गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली सोरेन की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को 17 मई तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा.
सोरेन ने शीर्ष अदालत के समक्ष अपनी याचिका में, गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका खारिज करने के झारखंड उच्च न्यायालय के तीन मई के आदेश को चुनौती दी थी. उन्होंने गिरफ्तारी के खिलाफ अपनी याचिका पर अदालत का फैसला आने तक लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत भी मांगी है.
रांची में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने सोमवार को सोरेन की जमानत याचिका खारिज कर दी. इस बीच, एक अलग घटनाक्रम में विशेष अदालत ने राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पूर्व निजी सचिव संजीव कुमार लाल और लाल के घरेलू सहायक जहांगीर आलम की ईडी हिरासत भी पांच दिन के लिए बढ़ा दी. एजेंसी ने ग्रामीण विकास विभाग में कथित अनियमितताओं और रिश्वत के लेन-देन से जुड़ी धनशोधन जांच के तहत पिछले हफ्ते दोनों को गिरफ्तार किया था. आलमगीर आलम को एजेंसी ने 14 मई को यहां ईडी कार्यालय में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है.



