प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप में ‘स्नॉर्कलिंग’ की, तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में लक्षद्वीप द्वीप समूह की अपनी यात्रा के दौरान समुद्र के नीचे के जीवन का पता लगाने के लिए ‘स्नॉर्कलिंग’ का लुत्फ उठाया. मोदी ने समुद्र के नीचे का जीवन पता लगाने संबंधी तस्वीरें सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कीं और अरब सागर में स्थित द्वीपों में प्रवास के अपने ‘उत्साहजनक अनुभव’ को साझा किया.

उन्होंने लिखा, ”जो लोग रोमांचकारी अनुभव लेना चाहते हैं, लक्षद्वीप उनकी सूची में जरूर होना चाहिए. मेरे प्रवास के दौरान, मैंने स्नॉर्कलिंग की भी कोशिश की. यह कितना उत्साहजनक अनुभव था!” ‘स्नॉर्कलिंग’ एक लोकप्रिय गतिविधि है जहां लोग समुद्र की सतह पर तैरते हुए उसके नीचे के समुद्री जीवन का पता लगाते हैं. स्नॉर्कलर्स अपनी दृष्टि के लिए मुखौटा पहनते हैं, सांस लेने के लिए स्नॉर्कल पहनते हैं, और कभी-कभी दिशा और गति के लिए पंख पहनते हैं.

बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों की ओर से एक वीडियो भी साझा किया गया जिसमें प्रधानमंत्री समुद्र में डुबकी लगाते और पानी के अंदर मछलियों के बीच तैरते दिख रहे हैं. इस वीडियो में प्रधानमंत्री समुद्र तट पर बैठकर कुछ काम करते भी दिख रहे हैं. मोदी ने लक्षद्वीप के समुद्र तटों पर सुबह की सैर और समुद्र तट के किनारे कुर्सी पर बैठे फुर्सत के कुछ क्षणों की तस्वीरें भी साझा कीं.

उन्होंने कहा, ”प्राकृतिक सुंदरता के अलावा, लक्षद्वीप की शांति भी मंत्रमुग्ध कर देने वाली है. इसने मुझे यह सोचने का अवसर दिया कि 140 करोड़ भारतीयों के कल्याण के लिए और कड़ी मेहनत कैसे की जाए.” मोदी कोच्चि-लक्षद्वीप द्वीप पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन का उद्घाटन करने और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा और पांच मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों के नवीनीकरण की आधारशिला रखने के लिए दो और तीन जनवरी को लक्षद्वीप में थे. उन्होंने कई परियोजनाओं को राष्ट्र को सर्मिपत किया.

उन्होंने कहा, ”हाल ही में मुझे लक्षद्वीप के लोगों के बीच रहने का अवसर मिला. मैं अब भी यहां के द्वीपों की आश्चर्यजनक सुंदरता और यहां के लोगों की अविश्वसनीय गर्मजोशी से चकित हूं. मुझे अगाती, बंगाराम और कावारत्ती में लोगों से बातचीत करने का अवसर मिला. मैं द्वीपों के लोगों को उनके आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं.” प्रधानमंत्री ने कहा कि लक्षद्वीप में उनकी सरकार का ध्यान विकास के माध्यम से जीवन का उत्थान करना है.

उन्होंने कहा कि भविष्य के बुनियादी ढांचे के निर्माण के अलावा, यह जीवंत स्थानीय संस्कृति की रक्षा के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, तेज इंटरनेट और पीने के पानी के अवसर पैदा करने के बारे में भी है. उन्होंने कहा, ”जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, वे इस भावना को दर्शाती हैं.”

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