प्रधानमंत्री डरे हुए हैं क्योंकि जनता चुनाव में उन्हें सबक सिखाने वाली है : कांग्रेस

झूठ फैलाना 'मोदी की गारंटी' है: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्यसभा में उस पर किए गए तीखे प्रहार के बाद बुधवार को पलटवार करते हुए दावा किया कि मोदी इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाने जा रही है. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने मल्लिकार्जुन खरगे पर हमला करने का ‘फैशन’ बना लिया है तथा वह राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से परेशान हैं.

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को ‘आउटडेटेड’ और आरक्षण का ‘जन्मजात विरोधी’ बताया तथा उसके ‘पतन’ के लिए संवेदनाएं प्रकट करते हुए ‘प्रार्थना’ की कि वह अगले आम चुनाव में 40 सीट बचा ले.

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर निकले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उन्हें ‘कांग्रेस के युवराज’ के नाम से संबोधित करते हुए उन्हें ऐसा ‘नॉन स्टार्टर’ बताया जो न तो ‘लिफ्ट’ हो पा रहे हैं और ना ही ‘लांच’.

वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री पर पलटवार करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”प्रधानमंत्री ने मल्लिकार्जुन खरगे जी पर हमला करने का फैशन बना लिया है, जो एक कद्दावर नेता हैं, जो जमीन से उठकर नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष के पद तक पहुंचे हैं. आज एक बार फिर प्रधानमंत्री ने हद पार कर दी.” उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में उनके दोनों भाषण भारत की जनता के साथ एक ‘क्रूर मजाक’ है.

वेणुगोपाल ने कहा, ”अगर 10 साल सत्ता में रहने के बाद नरेन्द्र मोदी कांग्रेस पर केवल सस्ते, बचकाने और गुमराह करने वाले हमलों के बारे में सोच सकते हैं तो यह उनके विचारों और नैतिकता के दिवालियापन को दर्शाता है.” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दो बार यात्रा निकालकर प्रधानमंत्री को परेशान कर दिया है.

वेणुगोपाल के अनुसार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी समुदाय भाजपा-आरएसएस द्वारा किए गए अन्याय के खिलाफ खड़े हो रहे हैं और राहुल गांधी के सामाजिक न्याय के मिशन को अपना पूरा समर्थन दे रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया, ”बेरोजगारी और महंगाई की दोहरी मार झेल रहा मतदाता प्रधानमंत्री से स्पष्ट समाधान की उम्मीद कर रहा था, लेकिन उनके पास देने के लिए कुछ नहीं था. इन भाषणों के बाद यह स्पष्ट होता जा रहा है कि मोदी और भाजपा के लिए एक और कार्यकाल का मतलब गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए निराशा तथा हताशा के और पांच साल होंगे.”

कांग्रेस के संगठन महासचिव ने कहा, ”प्रधानमंत्री के भाषणों में अहंकार और नफरत से पता चलता है कि वास्तव में वह इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव में उन्हें हराने और जनता उन्हें सबक सिखाने वाली है.”

झूठ फैलाना ‘मोदी की गारंटी’ है: कांग्रेस

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्यसभा में उस पर किए गए तीखे प्रहार के बाद बुधवार को पलटवार करते हुए दावा किया कि मोदी इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाने जा रही है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह आरोप भी लगाया कि झूठ फैलाना ‘मोदी की गारंटी’ है.

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को ‘आउटडेटेड’ और आरक्षण का ‘जन्मजात विरोधी’ बताया तथा उसके ‘पतन’ के लिए संवेदनाएं प्रकट करते हुए ‘प्रार्थना’ की कि वह अगले आम चुनाव में 40 सीट बचा ले.

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर निकले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उन्हें ‘कांग्रेस के युवराज’ के नाम से संबोधित करते हुए उन्हें ऐसा ‘नॉन स्टार्टर’ बताया जो न तो ‘लिफ्ट’ हो पा रहे हैं और ना ही ‘लांच’.

प्रधानमंत्री पर पलटवार करते हुए खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”संविधान को नहीं मानने वाले, जो दांडी मार्च और ह्लभारत छोड़ो आंदोलनह्व में शामिल नहीं हुए वो लोग आज कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति का ज्ञान दे रहे हैं. मोदी जी ने संप्रग सरकार पर अनगिनत झूठी बातें की हैं.” उन्होंने सवाल किया, ”संप्रग सरकार के दौरान बेरोजग़ारी दर 2.2 प्रतिशत थी तो अब 45 वर्षों में सबसे ज़्यादा क्यों है? संप्रग सरकार के 10 वर्षों के दौरान जीडीपी वृद्धि दर औसतन 8.13 प्रतिशत रही, आपके (प्रधानमंत्री) दौरान केवल 5.6 प्रतिशत क्यों?” खरगे ने कहा कि विश्व बैंक की मानें तो 2011 में ही भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था.

उन्होंने कहा, ”सरकार में 30 लाख पद ख.ाली पड़े हैं, और उसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी के पद सबसे ज़्यादा ख.ाली हैं.” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”मोदी जी, आपने अपने दोनों सदनों के भाषण में केवल कांग्रेस को कोसा. 10 वर्षों से शासन में होने के बावजूद अपने बारे में बात करने के बजाय सिफ.र् कांग्रेस की आलोचना करते हैं.”

खरगे ने आरोप लगाया, ”सरकार सारे आंकड़े छिपाकर झूठ फैलाती है. झूठ फैलाना ही ‘मोदी की गारंटी’ है!” कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”प्रधानमंत्री ने मल्लिकार्जुन खरगे जी पर हमला करने का फैशन बना लिया है, जो एक कद्दावर नेता हैं, जो जमीन से उठकर नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष के पद तक पहुंचे हैं. आज एक बार फिर प्रधानमंत्री ने हद पार कर दी.” उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में उनके दोनों भाषण भारत की जनता के साथ ‘क्रूर मजाक’ हैं.

वेणुगोपाल ने कहा, ”अगर 10 साल सत्ता में रहने के बाद नरेन्द्र मोदी कांग्रेस पर केवल सस्ते, बचकाने और गुमराह करने वाले हमलों के बारे में सोच सकते हैं तो यह उनके विचारों और नैतिकता के दिवालियापन को दर्शाता है.” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दो बार यात्रा निकालकर प्रधानमंत्री को परेशान कर दिया है.वेणुगोपाल के अनुसार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी समुदाय भाजपा-आरएसएस द्वारा किए गए अन्याय के खिलाफ खड़े हो रहे हैं और राहुल गांधी के सामाजिक न्याय के मिशन को अपना पूरा समर्थन दे रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, ”बेरोजगारी और महंगाई की दोहरी मार झेल रहा मतदाता प्रधानमंत्री से स्पष्ट समाधान की उम्मीद कर रहा था, लेकिन उनके पास देने के लिए कुछ नहीं था. इन भाषणों के बाद यह स्पष्ट होता जा रहा है कि मोदी और भाजपा के लिए एक और कार्यकाल का मतलब गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए निराशा तथा हताशा के और पांच साल से होगा.” कांग्रेस के संगठन महासचिव ने कहा, ”प्रधानमंत्री के भाषणों में अहंकार और नफरत से पता चलता है कि वास्तव में वह इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव में उन्हें हराने और जनता उन्हें सबक सिखाने वाली है.”

मनरेगा को कमजोर करके मजदूरों के साथ अन्याय कर रही है भाजपा सरकार: प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के भुगतान से संबंधित राज्यों के बकाये का उल्लेख करते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार मनरेगा को कमजोर करके देश के मजदूरों के साथ अन्याय कर रही है.

प्रियंका गांधी ने एक खबर का हवाला देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसे मजदूरी मिल जानी चाहिए. ह्लअमृतकालह्व में यह मुहावरा मजदूरों के लिए मजाक बनके रह गया है? खबरों के मुताबिक, 1 फरवरी तक राज्यों का 16,000 करोड़ का मनरेगा भुगतान बकाया है. मजदूरों के सामने बच्चे पालने का संकट है लेकिन सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.”

उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री जी ने पहले मनरेगा को कांग्रेस की ह्लअसफलता का स्मारकह्व बताया, उसे बंद करने की कोशिश की. लेकिन जब जमीनी सच्चाई से रूबरू हुए तो इसे बंद नहीं कर पाए मगर लगातार बजट घटाया. इस बार भी मामूली बढ.ोतरी करके वाहवाही लूटने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई ये है कि बजट में आवंटित राशि 2023-24 के संशोधित बजट के बराबर ही है.” कांग्रेस महासचिव के अनुसार, जानकारों का कहना है कि बकाया व अन्य खर्चे चुकाने के बाद जो राशि बचेगी, उसमें महज 25 दिनों का रोजगार दिया जा सकेगा जबकि मनरेगा योजना 100 दिनों के रोजगार की गारंटी देती है. उन्होंने कहा, ”कांग्रेस सरकार मनरेगा लाई थी ताकि आम ग्रामीणों, गरीबों, मजदूरों के हाथ में पैसा आए और उनका घर चले.” प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को कमजोर करके देश के मजदूरों के साथ अन्याय कर रही है.

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