
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की 99वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जीवन पर्यन्त राष्ट्र निर्माण को गति देने में जुटे रहे. मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर देश के सभी परिवारजनों की ओर से मेरा कोटि-कोटि नमन. वह जीवनपर्यंत राष्ट्र निर्माण को गति देने में जुटे रहे. मां भारती के लिए उनका समर्पण और सेवा भाव अमृतकाल में भी प्रेरणास्रोत बना रहेगा.ह्व बाद में प्रधानमंत्री ने वाजपेयी के स्मारक ‘सदैव अटल’ जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की.
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत अनेक केंद्रीय मंत्रियों एवं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा मौजूद थे और उन्होंने भी पुष्पांजलि अर्पित की.
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 1924 में आज ही के दिन जन्म हुआ था. वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापकों में एक थे. वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने. उनका पहला कार्यकाल 1996 में मात्र 13 दिनों का था. इसके बाद, वह 1998 में फिर प्रधानमंत्री बने और 13 महीने तक इस पद को संभाला. वर्ष 1999 में वह तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने. वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता बने जिन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया. उनका 16 अगस्त 2018 को निधन हो गया था.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनका अतुलनीय व्यक्तित्व और कृतित्व देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा. मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”भारत और भारतीयता को सर्मिपत महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन. उनका अतुलनीय व्यक्तित्व और कृतित्व देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा.”
पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसंबर 1861 को प्रयागराज में हुआ था. वर्ष 1909 में उन्होंने कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता की थी. बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना में भी उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई. उन्हें वर्ष 2014 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया था. उनका 12 नवंबर 1946 को निधन हो गया था.
प्रधानमंत्री मोदी और लोकसभा अध्यक्ष बिरला के नेतृत्व में सांसदों ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में भी वाजपेयी की जयंती पर उनके चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई. शाम को डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में ‘अटल भजन संध्या’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुर्मू, भाजपा अध्यक्ष नड्डा और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए.



