प्रधानमंत्री मोदी ने आठ भारतीयों की रिहाई के लिए कतर के अमीर की सराहना की

भारत-कतर संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी

दोहा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी की बृहस्पतिवार को सराहना की. साथ ही दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों विशेष रूप से निवेश, ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.

कतर सरकार द्वारा भारतीय नौसेना के उन आठ पूर्व र्किमयों को रिहा किए जाने के कुछ दिन बाद दोनों नेताओं के बीच यह बैठक हुई जिन्हें अगस्त, 2022 में गिरफ्तारी के बाद मौत की सजा सुनाई गई थी. मोदी ने अमीर के साथ अपनी मुलाकात को ”अद्भुत” बताया और कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि भारत-कतर संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग करने पर विचार कर रहे हैं.

मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की दो दिवसीय यात्रा के बाद बुधवार की रात दोहा पहुंचे थे. यह प्रधानमंत्री की कतर की दूसरी यात्रा है. इससे पहले वह जून 2016 में कतर पहुंचे थे. विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने प्रेस वार्ता में कहा कि मोदी ने खाड़ी देश में भारतीय समुदाय के कल्याण के वास्ते समर्थन के लिए अमीर को धन्यवाद दिया.

क्वात्रा ने कहा, ”प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के कल्याण के वास्ते समर्थन के लिए अमीर को धन्यवाद दिया और इस संबंध में, अल-दहरा कंपनी के आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए उनकी सराहना की.” क्वात्रा ने कहा कि मोदी और अमीर के बीच चर्चा व्यापार साझेदारी, निवेश सहयोग और ऊर्जा संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग के व्यापक क्षेत्रों पर केंद्रित रही.

उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रणनीतिक निवेश और साझेदारी की आवश्यकता के बारे में बात की.
प्रधानमंत्री मोदी की कतर की दूसरी यात्रा कतर द्वारा भारतीयों को रिहा किए जाने के कुछ दिन बाद हुई. निजी कंपनी अल दहरा के साथ काम करने वाले भारतीय नागरिकों को जासूसी के एक कथित मामले में अगस्त, 2022 में गिरफ्तार किया गया था. नौसेना के पूर्व र्किमयों को 26 अक्टूबर को कतर की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.

खाड़ी देश की अपीलीय अदालत ने 28 दिसंबर को मौत की सजा को कम कर दिया था और नौसेना के पूर्व र्किमयों को तीन साल से लेकर 25 साल तक अलग-अलग अवधि के लिए जेल की सजा सुनाई थी. पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई में ‘कॉप 28’ शिखर सम्मेलन के मौके पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से मुलाकात की थी और कतर में भारतीय समुदाय के कल्याण पर चर्चा की थी.

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर कहा, ”शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ सार्थक बैठक हुई. हमने भारत-कतर संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की. दोनों देश भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए भी तत्पर हैं.” प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर आज सुबह अमीरी पैलेस में उनका औपचारिक स्वागत किया गया. इसके बाद दोनों पक्षों ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की मोदी ने दोहा में अपने औपचारिक स्वागत की तस्वीरों के साथ एक अन्य पोस्ट में कहा, ”भारत और कतर के संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं!”

क्वात्रा ने कहा, ”प्रधानमंत्री की कतर की बहुत सफल यात्रा रही. इस यात्रा ने सहयोग के पूरे क्षेत्र में भारत-कतर संबंधों को बहुत ऊंचे स्तर पर ले जाने के लिए आधार तैयार किया है; साथ ही कुछ नए क्षेत्रों में साझेदारी तलाशने की नींव भी रखी.” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मोदी तथा अमीर के बीच बैठक को ”सार्थक” बताया और कहा कि प्रधानमंत्री ने कतर के नेता को उस देश में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए धन्यवाद दिया. जायसवाल ने ‘एक्स’ पर कहा, ”दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, अंतरिक्ष, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच संबंधों को गहरा करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की.”

प्रवक्ता ने कहा, ”उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. प्रधानमंत्री ने कतर में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए अमीर को धन्यवाद दिया.” अपने आगमन के तुरंत बाद, मोदी ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की. वह कतर के विदेश मंत्री भी हैं.

विदेश मंत्रालय ने कहा, ”दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, वित्त और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया.” मंत्रालय ने कहा, ”उन्होंने पश्चिम एशिया में हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी चर्चा की और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया.” वार्ता के बाद मोदी के सम्मान में अमीरी पैलेस में दोपहर के भोज का आयोजन किया गया.

क्वात्रा ने कहा, ”प्रौद्योगिकी, निवेश, ऊर्जा, व्यापार, सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और रणनीतिक दृष्टिकोण से उनका आकलन किया गया.” उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी विशेष समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किये गये. उन्होंने कहा, ”लेकिन जैसा कि मैंने कहा, यह यात्रा भारत और कतर के बीच एक मजबूत, गहरी, व्यापक साझेदारी के लिए एक मंच तैयार करेगी, आधार तैयार करेगी.” भारत और कतर के बीच व्यापार एवं ऊर्जा संबंध बढ़ रहे हैं. कतर भारत को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, जो भारत के वैश्विक एलएनजी आयात का 48 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है. प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से दोनों पक्षों को उच्चतम स्तर पर जुड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करने का अवसर मिलेगा.

भारत-कतर संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी

दोहा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ बातचीत के बाद कहा कि भारत-कतर संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग करने पर विचार कर रहे हैं. कतर सरकार द्वारा भारतीय नौसेना के उन आठ पूर्व र्किमयों को रिहा किए जाने के कुछ दिन बाद यह बैठक हुई जिन्हें अगस्त, 2022 में गिरफ्तारी के बाद मौत की सजा सुनाई गई थी.

मोदी ने अमीर के साथ अपनी मुलाकात को ”अद्भुत” बताया और कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की गई. प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर कहा, ”शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ सार्थक बैठक हुई. हमने भारत-कतर संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की. दोनों देश भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए भी तत्पर हैं.” चर्चा व्यापार और निवेश, ऊर्जा, अंतरिक्ष, सांस्कृतिक तथा लोगों से लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने एवं द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित रही.

मोदी ने दोहा में अपने औपचारिक स्वागत की तस्वीरों के साथ एक अन्य पोस्ट में कहा, ”भारत और कतर के संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं!” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मोदी तथा अमीर के बीच बैठक को ”सार्थक” बताया और कहा कि प्रधानमंत्री ने कतर के नेता को उस देश में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए धन्यवाद दिया. मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की दो दिवसीय यात्रा के बाद बुधवार की रात दोहा पहुंचे थे. यह प्रधानमंत्री की कतर की दूसरी यात्रा है. इससे पहले वह जून 2016 में कतर पहुंचे थे.

जायसवाल ने ‘एक्स’ पर कहा, ”दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, अंतरिक्ष, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच संबंधों को गहरा करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की.” प्रवक्ता ने कहा, ”उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. प्रधानमंत्री ने कतर में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए अमीर को धन्यवाद दिया.” अपने आगमन के तुरंत बाद, मोदी ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की. वह कतर के विदेश मंत्री भी हैं.

विदेश मंत्रालय ने कहा, ”दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, वित्त और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया.” मंत्रालय ने कहा, ”उन्होंने पश्चिम एशिया में हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी चर्चा की और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया.” बैठक के बाद कतर के प्रधानमंत्री ने मोदी के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया.

प्रधानमंत्री मोदी की कतर की दूसरी यात्रा कतर द्वारा भारतीयों को रिहा किए जाने के कुछ दिन बाद हुई.निजी कंपनी अल दहरा के साथ काम करने वाले भारतीय नागरिकों को जासूसी के एक कथित मामले में अगस्त, 2022 में गिरफ्तार किया गया था. नौसेना के पूर्व र्किमयों को 26 अक्टूबर को कतर की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.

खाड़ी देश की अपीलीय अदालत ने 28 दिसंबर को मौत की सजा को कम कर दिया था और नौसेना के पूर्व र्किमयों को तीन साल से लेकर 25 साल तक अलग-अलग अवधि के लिए जेल की सजा सुनाई थी. पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई में ‘कॉप 28’ शिखर सम्मेलन के मौके पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से मुलाकात की थी और कतर में भारतीय समुदाय के कल्याण पर चर्चा की थी.

भारत और कतर के बीच व्यापार एवं ऊर्जा संबंध बढ़ रहे हैं. कतर भारत को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, जो भारत के वैश्विक एलएनजी आयात का 48 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है. प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से दोनों पक्षों को उच्चतम स्तर पर जुड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करने का अवसर मिलेगा. नवंबर, 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यात्रा के बाद जून 2016 में मोदी की पहली कतर यात्रा भारत की ओर से इस देश की दूसरी उच्चस्तरीय यात्रा थी.

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