प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर पर स्मारक डाक टिकट जारी किया

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को अयोध्या में राम मंदिर पर स्मारक डाक टिकट और दुनिया भर में भगवान राम पर जारी डाक टिकटों के संग्रह की एक पुस्तक जारी की और कहा कि ये टिकट सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं है बल्कि इतिहास की किताबों, कलाकृतियों के रूपों और ऐतिहासिक स्थलों का सबसे छोटा रूप भी हैं.

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”आज पवित्र अयोध्या धाम की विरासत और भगवान श्री राम को सर्मिपत स्मारक डाक टिकट जारी करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. इस अवसर पर दुनियाभर में प्रभु श्री राम पर जारी टिकटों से जुड़ी एक पुस्तक का अनावरण भी किया.” उन्होंने कहा, ”मुझे विश्वास है कि स्मारक डाक टिकट और यह पुस्तक आने वाली कई पीढि.यों को श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के इस पावन अवसर का स्मरण कराती रहेगी.” इससे पहले, उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि डाक टिकट केवल कागज या कलाकृति का एक टुकड़ा भर नहीं हैं बल्कि यह महाकाव्यों और महान विचारों का एक लघु रूप हैं.

रामायण के रचयिता मर्हिष वाल्मिकी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ”जब तक पृथ्वी पर पर्वत हैं, नदियां हैं, तब तक रामायण की कथा, श्रीराम का व्यक्तित्व लोक समूह में प्रचारित होता रहेगा.” अधिकारियों ने बताया कि इसके डिजाइन में राम मंदिर, चौपाई ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ सूर्य, सरयू नदी और मंदिर की एवं इसके आसपास की मूर्तियां शामिल हैं. उन्होंने बताया कि छह डाक टिकट राम मंदिर, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, जटायु, केवटराज और मां शबरी पर हैं.

मोदी ने कहा कि राम, सीता और रामायण का महात्मय समय, समाज, जाति, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं से परे है और ये हर किसी को जोड़ते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि रामायण ‘प्रेम की जीत’ का संदेश देती है और मानवता को जोड़ते हुए लोगों को सबसे कठिन समय में त्याग, एकता और बहादुरी सिखाती है. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि महाकाव्य वैश्विक आकर्षण का केंद्र रहा है और हर जगह इसे सम्मान दिया जाता है.

डाक टिकट पर आधारित पुस्तक पर भगवान राम की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता को दर्शाया गया है और 48 पृष्ठों की इस पुस्तक में अमेरिका, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, कनाडा, कंबोडिया और संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठनों सहित 20 से अधिक देशों द्वारा जारी डाक टिकटों को शामिल किया गया है. मोदी ने कहा कि डाक टिकट और पुस्तक युवाओं को बहुत कुछ सीखने में मदद करेंगे और ये युवाओं को भगवान राम की भक्ति की भावना से ओतप्रोत करेंगे.

उन्होंने कहा कि वे मंदिर की वास्तुकला और पंचतत्व के दर्शन की भी झलक पेश करते हैं. मोदी ने कहा कि कई देशों ने भगवान राम पर डाक टिकट जारी किए हैं और वह भारत के बाहर भी कई लोगों के लिए आदर्श हैं. उन्होंने कहा कि भगवान राम ने विभिन्न सभ्यताओं पर भी गहरा प्रभाव डाला है.

उन्होंने कहा, ”ये टिकट सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं है, ये टिकट सिर्फ कोई कला का नमूना नहीं है. ये इतिहास की किताबों, कलाकृतियों के रूपों और ऐतिहासिक स्थलों का सबसे छोटा रूप भी होते हैं. हम यह भी कह सकते हैं कि ये एक प्रकार से बड़े-बड़े ग्रंथ का, बड़ी-बड़ी सोच का एक प्रकार होते हैं.”

अधिकारियों ने बताया कि सूर्य की सुनहरी किरणों की तस्वीर और ‘चौपाई’ इस पुस्तक को शानदार स्वरूप में प्रस्तुत करती हैं. उन्होंने कहा कि इसमें पांच भौतिक तत्व, ”आकाश, वायु, अग्नि, पृथ्वी और जल”, विभिन्न डिजाइन के माध्यम से परिलक्षित होते हैं और अपना पूर्ण सामंजस्य स्थापित करते हैं जो सभी अभिव्यक्तियों के लिए आवश्यक है. अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले ये स्मारक डाक टिकट जारी किये गए.

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