
अमरावती. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान कई कर सुधार लाए गए, जिसके परिणामस्वरूप रिकॉर्ड कर संग्रह हुआ है. श्री सत्यसाई जिले के पलासमुद्रम में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं स्वापक पदार्थ अकादमी (एनएसीआईएन) का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री एक सभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि करदाताओं के पैसे का उचित उपयोग किया जा रहा है और जो भी (पैसा) एकत्र किया जाता है उसे विभिन्न रूपों में लोगों को वापस दिया जाता है.
मोदी ने कहा, ह्लपिछले दस वर्षों के दौरान कर प्रणाली में कई सुधार लाए गए. पहले अलग-अलग कर प्रणालियाँ हुआ करती थीं जिन्हें आम नागरिकों को समझना मुश्किल होता था. पारर्दिशता की कमी के कारण, ईमानदार करदाताओं और व्यापारियों को परेशानी हो रही थी.ह्व प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी (माल एवं सेवाकर) के रूप में देश को एक आधुनिक कर प्रणाली मिली. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने आयकर प्रणाली को भी सरल बनाया है.
देश में ‘फेसलेस टैक्स असेसमेंट’ प्रणाली शुरू होने की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि इन सुधारों के कारण आज देश में रिकॉर्ड कर संग्रह देखने को मिल रहा है. ‘फेसलेस टैक्स असेसमेंट’ का मतलब आकलन की ऐसी व्यवस्था से है जहां करदाता आयकर विभाग का दौरा नहीं करते हैं और किसी भी आयकर अधिकारी के आमने-सामने/सीधे संपर्क में नहीं आते हैं.
मोदी ने कहा कि भगवान राम सामाजिक जीवन में सुशासन की मिसाल हैं और वह एनएसीआईएन के लिए प्रेरणास्रोत हो सकते हैं, जिसकी भूमिका देश को एक आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र देने की है. प्रधानमंत्री ने कहा, “एनएसीआईएन की भूमिका देश को एक आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने की है जो देश में व्यापार और व्यवसाय को आसान बनाएगा.”



