सनातन धर्म विवाद: हिंदू साधु-संतों ने दिल्ली में किया प्रदर्शन

सनातन धर्म की आलोचना करने वालों का दशहरा पर पुतला दहन करेगी दिल्ली की रामलीला समितियां नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) दिल्ली में कुछ रामलीला समितियों ने निर्णय लिया है कि सनातन धर्म की आलोचना करने वालों का दशहरा के अवसर पर रावण, कुम्भकरण और मेघनाद के साथ पुतला दहन किया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के नेताओं ने समितियों से सनातन धर्म के विरूद्ध बयान देने वाले नेताओं का पुतला दहन करने का आग्रह किया था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया. समितियों के पदाधिकारियों ने कहा कि इसमें कोई राजनीति नहीं की जा रही क्योंकि उन्होंने अतीत में महंगाई, भ्रष्टाचार और मादक पदार्थ की लत को चित्रित कर पुतले जलाए हैं. तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन सहित कई विपक्षी नेताओं ने सनातन धर्म को निशाना बनाकर हाल में बयान दिए हैं. श्री धार्मिक लीला समिति के प्रबंधक रवि जैन ने कहा, ''दशहरा के दौरान सामाजिक कुरितियों के पुतले फूंकने की हमारी परंपरा रही है. रामलीला, सनातन धर्म का हिस्सा है और इस साल इसका विरोध करने वाले लोगों का पुतला फूंका जाएगा.'' आदर्श रामलीला समिति के सलाहकार सतीश गर्ग ने कहा कि सनातन धर्म को नीचा दिखाने वाले और इसे गलत तरीके से पेश करने वालों का पुतला जलाना किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने का प्रयास बिल्कुल नहीं है. गर्ग ने कहा, ''सनातन धर्म लोगों से जुड़ा हुआ है. सनातन धर्म के खिलाफ बोलना मतलब हर चीज का अपमान करना है, जिसमें रामलीला और भगवान श्री राम खुद शामिल हैं.'' भाजपा की दिल्ली इकाई के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के निर्देश के बाद रामलीला समितियों से यह अपील की गई थी. दिल्ली धार्मिक महासंघ के महासचिव अशोक गोयल देवराहा ने कहा कि रामलीला, सनातन धर्म का प्रतीक है, और जो लोग इसकी तुलना डेंगू जैसी बीमारियों से करते हैं उनका विरोध करने की जरूरत है.

नयी दिल्ली. सनातन धर्म पर देश भर में जारी विवाद के बीच सोमवार को सैंकड़ों साधु-संतों ने यहां तमिलनाडु भवन के निकट द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका.

प्रदर्शनकारियों ने सनातन धर्म को लेकर इसी प्रकार के बयान देने वाले तथा द्रमुक नेता को समर्थन देने वाले अन्य नेताओं के खिलाफ भी नारेबाजी की. ‘दिल्ली संत महामंडल’ के बैनर तले प्रदर्शनकारी तख्तियां लिए हुए थे, जिनमें उदयनिधि स्टालिन तथा अन्य की निंदा करने वाली पंक्तियां लिखी हुई थीं. प्रदर्शनकारी सरोजिनी नगर में एक मंदिर से तमिलनाडु भवन की ओर रवाना हुए.

पुलिस ने उन्हें अफ्रीका एवेन्यू पर रोका जिसके बाद उन्होंने उदयनिधि और अन्य के पुतले फूंके. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुखों को अपने नेताओं को ‘सनातन धर्म’ के खिलाफ बयान जारी करने से रोकना चाहिए. दर्शनकारियों ने साथ ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन से अपने बेटे के कृत्य के लिए माफी की मांग की.

दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष नरायण गिरि महाराज ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार की चुप्पी से वह हैरान हैं. उन्होंने कहा,”यहां तक की उच्चतम न्यायालय ने भी सनातन धर्म के खिलाफ नेताओं के घृणा भाषण का संज्ञान लिया. सनातन धर्म के खिलाफ नेताओं की जो भाषा है वह सुमदायों के बीच द्वेष पैदा करती है और इस प्रकार के राजनेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.”

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने हाल में सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की थी और इसके उन्मूलन की बात कही थी, जिसके बाद देश भर में विवाद पैदा हो गया था.

सनातन धर्म की आलोचना करने वालों का दशहरा पर पुतला दहन करेगी दिल्ली की रामलीला समितियां
दिल्ली में कुछ रामलीला समितियों ने निर्णय लिया है कि सनातन धर्म की आलोचना करने वालों का दशहरा के अवसर पर रावण, कुम्भकरण और मेघनाद के साथ पुतला दहन किया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के नेताओं ने समितियों से सनातन धर्म के विरूद्ध बयान देने वाले नेताओं का पुतला दहन करने का आग्रह किया था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया.

समितियों के पदाधिकारियों ने कहा कि इसमें कोई राजनीति नहीं की जा रही क्योंकि उन्होंने अतीत में महंगाई, भ्रष्टाचार और मादक पदार्थ की लत को चित्रित कर पुतले जलाए हैं. तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन सहित कई विपक्षी नेताओं ने सनातन धर्म को निशाना बनाकर हाल में बयान दिए हैं.

श्री धार्मिक लीला समिति के प्रबंधक रवि जैन ने कहा, ”दशहरा के दौरान सामाजिक कुरितियों के पुतले फूंकने की हमारी परंपरा रही है. रामलीला, सनातन धर्म का हिस्सा है और इस साल इसका विरोध करने वाले लोगों का पुतला फूंका जाएगा.” आदर्श रामलीला समिति के सलाहकार सतीश गर्ग ने कहा कि सनातन धर्म को नीचा दिखाने वाले और इसे गलत तरीके से पेश करने वालों का पुतला जलाना किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने का प्रयास बिल्कुल नहीं है.

गर्ग ने कहा, ”सनातन धर्म लोगों से जुड़ा हुआ है. सनातन धर्म के खिलाफ बोलना मतलब हर चीज का अपमान करना है, जिसमें रामलीला और भगवान श्री राम खुद शामिल हैं.” भाजपा की दिल्ली इकाई के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के निर्देश के बाद रामलीला समितियों से यह अपील की गई थी. दिल्ली धार्मिक महासंघ के महासचिव अशोक गोयल देवराहा ने कहा कि रामलीला, सनातन धर्म का प्रतीक है, और जो लोग इसकी तुलना डेंगू जैसी बीमारियों से करते हैं उनका विरोध करने की जरूरत है.

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