रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करती है : राष्ट्रपति मुर्मू

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 03 Dec 2025 09:24 PM
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करती है : राष्ट्रपति मुर्मू

ऑडियो सुनें

तिरुवनंतपुरम. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करती है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नौसेना स्वदेशी प्रौद्योगिकी का विकास जारी रखेगी और भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में आगे ले जाएगी. मुर्मू ने नौसेना की समुद्री शक्ति और युद्ध क्षमताओं के संचालनात्मक प्रदर्शन के एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में यह बात कही. उन्होंने भारत की समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में नौसेना की युद्ध क्षमताओं और व्यावसायिकता की भी सराहना की.

भारतीय नौसेना ने केरल के तट पर शंगुमुघम समुद्र तट पर एक परिचालन प्रदर्शन के साथ अपनी समुद्री शक्ति और बहु-क्षेत्रीय युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन किया. राष्ट्रपति मुर्मू नौसेना दिवस समारोह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुईं. नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, एक पनडुब्बी, चार तीव्र हस्तक्षेप नौकाएं और 32 विमान – लड़ाकू जेट, निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर – सहित 19 प्रमुख युद्धपोत इस शो का हिस्सा रहे.

भारत ने अपने कुछ अत्याधुनिक नौसैनिक प्लेटफॉर्म प्रर्दिशत किए, जिनमें स्वदेशी अग्रिमपंक्ति के फ्रिगेट आईएनएस उदयगिरि और कुछ प्रमुख विमान शामिल थे. मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करती है. राष्ट्रपति ने कहा, ” मुझे विश्वास है कि भारतीय नौसेना स्वदेशी प्रौद्योगिकी का विकास जारी रखेगी और भारत को विकसित भारत बनाने की यात्रा में योगदान देगी.” उन्होंने नौसेना बल और सभी हितधारकों से समुद्र की सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया.

मुर्मू ने कहा, ”हमें मिलकर अपने समुद्रों की रक्षा करने, जहाज निर्माताओं को सशक्त बनाने, नाविकों का समर्थन करने और उस समुद्री भावना को पोषित करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि करनी चाहिए, जो सदैव हमारी महान सभ्यता को परिभाषित करती रही है. ” इससे पहले, केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की मौजूदगी में मुर्मू का हवाई अड्डे पर स्वागत किया. राष्ट्रपति को हवाई अड्डे के तकनीकी क्षेत्र में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और प्रमुख विध्वंसक आईएनएस कोलकाता द्वारा औपचारिक रूप से तोपों की सलामी दी गई.

विकसित भारत की यात्रा को गति देने में समुद्र की भूमिका महत्वपूर्ण होगी: नौसेना प्रमुख
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने बुधवार को कहा कि भारत 2047 तक एक विकसित व समृद्ध देश बनने की ओर अग्रसर है और इस यात्रा को गति देने में समुद्र एक ‘महत्वपूर्ण भूमिका’ निभाएगा. एडमिरल त्रिपाठी ने तिरुवनंतपुरम के तट पर नौसेना के एक परिचालन प्रदर्शन के बाद अपने संबोधन में नौसेना की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की और कहा कि यह भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए युद्ध-तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य के लिए तैयार इकाई के रूप में खड़ी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, नौसेना के इस भव्य प्रदर्शन की गवाह बनीं.

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, “नौसेना दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर भारतीय नौसेना के लिए यह अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है कि सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर हमारे बीच इस अभियान का गवाह बनीं.” नौसेना प्रमुख ने जोर देकर कहा कि पिछले साल पुरी के बाद इस दूसरे आयोजन में राष्ट्रपति मुर्मू की उपस्थिति ‘भारत की समुद्री सुरक्षा और भारतीय नौसेना के अभियान प्रयासों को आपके द्वारा दिए गए महत्व को रेखांकित करती है’.

एडमिरल ने कहा कि नौसेना दिवस हर साल चार दिसंबर को ‘1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान कराची बंदरगाह पर और उसके बाहर भारतीय नौसेना के साहसी व निर्णायक हमलों’ की याद में मनाया जाता है. उन्होंने कहा, “यह दिन हमें अपने वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर भी प्रदान करता है, जिनका साहस और सर्वोच्च बलिदान हमें नौसेना और राष्ट्र की सेवा में निरंतर प्रेरित करता है.” एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि नौसेना दिवस भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का भी प्रतीक है और यह एक ऐसी विरासत है जो “हमारी सोच को आकार देती है और हमारे मार्ग का मार्गदर्शन करती है.”

नौसेना प्रमुख ने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए कहा, “मैडम’, भारतीय नौसेना के सभी रैंकों की ओर से, मैं आपको और हमारे सभी साथी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारतीय नौसेना भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण रूप से, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य के लिए तैयार बल के रूप में कभी भी, कहीं भी, सभी तरह से खड़ी है.” एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, “भारत 2047 तक एक विकसित व समृद्ध देश बनने की ओर अग्रसर है और इस यात्रा में समुद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.”

By Yogesh Kumar Sahu