जापान के पश्चिमी समुद्र तट पर भूकंप के कई तेज झटके; सुनामी की चेतावनी जारी

तोक्यो. जापान ने सोमवार को पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में भूकंप के तेज झटके महसूस किए जाने के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की और लोगों से तटीय इलाकों से जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे के तुरंत बाद इशिकावा के समुद्र तट और आसपास के प्रांतों में एक दर्जन भूकंप आने की सूचना दी, जिनमें से एक की प्रारंभिक तीव्रता 7.6 मापी गई.

इसने इशिकावा के लिए एक गंभीर स्तर की सुनामी चेतावनी और होंशू द्वीप के बाकी पश्चिमी तट के लिए निचले स्तर की सुनामी चेतावनी जारी की. जापान के सरकारी प्रसारणकर्ता ‘एनएचके टीवी’ ने चेतावनी दी कि समुद्र में पांच मीटर तक लहरें उठ सकती हैं. इसने लोगों से जल्द से जल्द ऊंचे स्थानों या पास की इमारत की ऊपरी मंजिलों पर चले जाने का आग्रह किया.

जापान के सरकारी प्रसारणकर्ता एनएचके टीवी के मुताबिक, सुनामी की लहरें उठने के चलते शुरुआती चेतावनी के बाद भी अलार्म लगभग दो घंटे तक बजता रहा. प्रांत में भूंकप बाद के झटके आने से लोगों में डर का माहौल बन गया. सरकार के प्रवक्ता योशिमासा हयाशी ने संवाददाताओं को बताया कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में स्थित परमाणु संयंत्रों को किसी तरह का नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है.

उन्होंने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते हुए कहा, ”हर एक मिनट अहम है. कृपया तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.” एनएचके के मुताबिक, जापान के पश्चिमी तट पर निगाटा और अन्य क्षेत्रों में लगभग तीन मीटर ऊंची सुनामी आने की आशंका जताई गई. इसके अनुसार, समुद्र तट पर कम ऊंचाई की सुनामी लहरें पहले ही दर्ज की गई हैं.

भूकंप के कारण नुकसान की भी सूचना है. जापान के मीडिया में प्रसारित वीडियो में वजीमा शहर के एक इलाके से धुआं उठता देखा जा सकता है. एक अन्य इलाके में एक घर ढह गया. एनएचके के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्र में बुलेट ट्रेन का परिचालन रोक दिया गया है. इसके मुताबिक, राजमार्ग के कुछ हिस्सों को बंद कर दिया गया है और कई जगह पानी की पाइपलाइन टूट जाने की सूचना है. मीडिया की खबर के मुताबिक, भूकंप के कारण कई जगह चौड़ी दरारें पड़ गईं.

मौसम विज्ञान एजेंसी ने प्रेसवार्ता में कहा कि अगले सप्ताह, खासकर अगले दो या तीन दिनों में इस क्षेत्र में और बड़े भूकंप आ सकते हैं.
जापान के उत्तरी हिस्से में स्थित होकाइदो द्वीप के अलावा उत्तर कोरिया और रूस के कुछ हिस्सों में समुद्र में एक मीटर ऊंची लहरे उठने की चेतावनी जारी की गई है. रूस के अधिकारियों ने सखालिन द्वीप के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है. वहीं, दक्षिण कोरिया में मौसम एजेंसी ने कुछ पूर्वी तटीय शहरों के निवासियों से समुद्र के स्तर में संभावित बदलावों पर नजर रखने का आग्रह किया है.

प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने भूकंप और सुनामी के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए एक विशेष आपातकालीन केंद्र स्थापित किया है. जापान में भूकंप आने की संभावना अधिक रहती है. मार्च 2011 में, जापान में एक बड़े भूकंप और सुनामी के कारण परमाणु संयंत्र में खराबी आ गई. सरकार के प्रवक्ता हयाशी ने संवाददाताओं से कहा कि प्रभावित क्षेत्र में परमाणु संयंत्रों ने सोमवार को किसी भी अनियमितता की सूचना नहीं दी है.

सुनामी की चेतावनी के बाद जापान में भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया

जापान के पश्चिमी तट पर आए कई शक्तिशाली भूकंप के झटकों को लेकर जारी सुनामी अलर्ट के बाद यहां स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को उन भारतीयों के लिए एक आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जो किसी तरह की मदद चाहते हैं. जापान ने सोमवार को अपने पश्चिमी तट पर आए कई शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की और लोगों से समुद्र तटीय इलाकों को खाली करने के लिए कहा.

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने शाम चार बजे के तुरंत बाद इशिकावा के तट और आसपास के प्रान्तों में भूकंप की सूचना दी, जिनमें से एक की प्रारंभिक तीव्रता 7.6 आंकी गई. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के कारण आग लग गई और भूकंप प्रभावित मुख्य द्वीप के पश्चिमी तट पर लोग मलबे में फंस गए.

भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करके कहा, ”दूतावास ने एक जनवरी, 2024 को आए भूकंप और सुनामी के संबंध में किसी से भी संपर्क करने के लिए एक आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है. किसी भी सहायता के लिए नंबर और ईमेल आईडी पर संपर्क किया जा सकता है.” तोक्यो में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर कहा, ” एक जनवरी, 2024 को आए भूकंप और सुनामी के संबंध में किसी से भी संपर्क करने के लिए एक आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है.”

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