अंतरिम जमानत मिलने के बाद सपा नेता आजम खान जेल से रिहा

सीतापुर. समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को उच्चतम न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद शुक्रवार सुबह सीतापुर जेल से रिहा कर दिया गया. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता खान के बेटे और विधायक अब्दुल्ला आजम, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के नेता शिवपाल सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में समर्थकों ने करीब 27 माह बाद जेल से बाहर आने पर खान का स्वागत किया. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर आजम खान की रिहाई का स्वागत किया.

यादव ने ट्वीट किया, ‘‘सपा के वरिष्ठ नेता तथा विधायक आजम खान के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है. जमानत के इस फैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नये मानक दिये हैं. पूरा ऐतबार है कि वे अन्य सभी झूठे मामलों-मुकदमों में बाइज्जत बरी होंगे. झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं!’’ सीतापुर कारागार के जेलर आरएस यादव ने बताया कि रिहाई आदेश बृहस्पतिवार देर रात 11 बजे प्राप्त हुए, जिसके बाद सभी प्रक्रियाएं पूरी होने पर आजम खान को शुक्रवार सुबह आठ बजे जमानत पर सीतापुर जेल से रिहा कर दिया गया.

सुबह जेल से रिहा होने के बाद खान अपने पैतृक आवास रामपुर के लिए रवाना होने से पहले समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर गए. सीतापुर जेल में बंद होने के बाद से ही गुप्ता खान के लगातार संपर्क में थे. गुप्ता के घर पर अपने 45 मिनट के प्रवास के दौरान खान ने नाश्ता किया और दूरदराज से आए अपने समर्थकों और शुभंिचतकों से मुलाकात की.

बाद में पीटीआई-भाषा से बात करते हुए अनूप गुप्ता ने कहा, ‘‘मुझे मेरी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने निर्देश दिया था कि सीतापुर जेल में आजम खान, उनकी पत्नी और बेटे की देखभाल करें.’’ उन्होंने कहा कि उनका घर जेल के काफी करीब है, इसलिए उन्हें सपा प्रमुख के निर्देश पर अपनी पार्टी नेता की सेवा करने का मौका मिला. गुप्ता ने कहा कि आजम खान उनके पिता और समाजवादी पार्टी के चार बार विधायक रहे स्वर्गीय ओम प्रकाश गुप्ता के काफी करीबी थे.

उन्होंने कहा कि उनकी तबियत ठीक नहीं थी और कुछ दिन पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी, इसलिए आजम खान मुझे देखने और मेरी सेहत के बारे में पूछताछ करने के लिए आए थे. उन्होंने आजम से मुलाकात को एक आम बैठक बताया जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था. गुप्ता ने बताया कि आजम खान के साथ उनके दो बेटे अदीब और अब्दुल्ला थे, पार्टी नेता आशु मलिक और बिल्हारी विधायक मोहम्मद फहीम भी आए थे. उन्होंने नाश्ते में चाय के साथ भरवां पराठा लिया.

अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव जेल के बाहर मौजूद थे और उन्होंने बाद में आजम खान के साथ अपनी तस्वीरें ट्विटर पर पोस्ट कीं. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को खान को अंतरिम जमानत दे दी थी, इसके बाद सांसद-विधायक स्थानीय अदालत ने सीतापुर जेल प्रशासन को देर रात पत्र भेजकर खान को रिहा करने को कहा था. शीर्ष न्यायालय ने खान को अंतरिम जमानत देते हुए बृहस्पतिवार को कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत उसे (न्याालय को) मिले विशेषाधिकार का उपयोग करने के लिए यह एक उपयुक्त मामला है.

न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना की पीठ ने कहा था, ‘‘याचिकाकर्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत पुलिस थाना कोतवाली, रामपुर, उत्तर प्रदेश में वर्ष 2020 में दर्ज प्राथमिकी के संदर्भ में नियम और शर्तों पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया जाता है.’’

शीर्ष अदालत ने कहा कि नियमित जमानत के लिए याचिका पर फैसला आने तक खान अंतरिम जमानत पर रहेंगे. इससे पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने खान की जमानत याचिका का विरोध करते हुए उन्हें ‘भूमि कब्जा करने वाला’ और ‘आदतन अपराधी’ बताया था. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस वी राजू ने न्यायालय से कहा था कि खान ने जमीन हड़पने के मामले में जांच अधिकारी को कथित रूप से धमकी दी थी.

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