शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, सेंसेक्स 668 अंक लुढ़का

मुंबई. स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार चौथे दिन गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 667 अंक से अधिक लुढ़क गया. लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले सतर्क निवेशकों की मुनाफावसूली से बाजार नीचे आया. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 667.55 अंक यानी 0.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,000 अंक के नीचे 74,502.90 अंक पर बंद हुआ. यह कारोबार के दौरान 715.9 अंक टूटकर 74,454.55 अंक के निचले स्तर तक आ गया था. बीएसई सेंसेक्स 27 मई को अपने अबतक के उच्चतम स्तर 76,009.68 अंक तक गया था.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज निफ्टी भी 183.45 अंक यानी 0.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,704.70 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी सोमवार को अपने अबतक के उच्चतम स्तर 23,110.80 अंक पर बंद हुआ था. सेंसेक्स के शेयरों में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस प्रमुख रूप से नुकसान में रहे.
दूसरी तरफ पावर ग्रिड, सन फार्मा, नेस्ले, आईटीसी और भारती एयरटेल के शेयर चढ़ गए. जियोजीत फाइनेंशियल र्सिवसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख को देखते हुए निवेशकों ने अमेरिका में कोर पीसीई (व्यक्तिगत उपभोग व्यय) आंकड़े जारी होने से पहले मुनाफावसूली की. यह आंकड़ा मुद्रास्फीति के बारे में संकेत देता है. मुद्रास्फीति में वृद्धि की संभावना है.”

रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ”बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह आधा प्रतिशत से अधिक नीचे आया. शुरू में गिरावट के बाद निफ्टी में एक दायरे में उतार-चढ़ाव होता रहा और एक समय यह 22,704.70 अंक के निचले स्तर तक आ गया. मई माह के वायदा एवं विकल्प खंड में सौदो के निपटान करीब होने के साथ, उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.” विश्लेषकों का यह भी कहना है कि वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति बढ़ने के साथ अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में कटौती को लेकर उम्मीद कम हुई है. व्यापक स्तर पर कमजोर रुख देखने को मिला. वित्तीय और आईटी शेयरों का प्रदर्शन हल्का रहा.

मझोली कंपनियों के शेयरों का सूचकांक बीएसई मिडकैप 0.38 प्रतिशत नीचे आया जबकि स्मॉलकैप 0.23 प्रतिशत चढ़ गया.
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे, जबकि चीन के शंघाई कम्पोजिट में लाभ रहा. यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख था. अमेरिकी बाजार में मंगलवार को मिला-जुला रुख रहा. अंतिम चरण के लिए मतदान एक जून को होगा. आम चुनाव के नतीजे चार जून को आएंगे. इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.88 प्रतिशत चढ़कर 84.94 डॉलर प्रति बैरल रहा.

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 65.57 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे. बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को 220.05 अंक नुकसान में रहा था जबकि एनएसई निफ्टी में 44.30 अंक की गिरावट आई थी. इस बीच, एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग ने भारत के साख (रेटिंग) परिदृश्य को ‘स्थिर’ से बढ़ाकर ‘सकारात्मक’ कर दिया है. मजबूत वृद्धि, पिछले पांच वर्षों में सार्वजनिक व्यय की बेहतर गुणवत्ता तथा सुधारों और राजकोषीय नीतियों में व्यापक निरंतरता की उम्मीद के बीच 14 साल के अंतराल के बाद भारत के रेटिंग परिदृश्य में यह बदलाव संभव हुआ है. एसएंडपी ने हालांकि, भारत की रेटिंग को निम्नतम निवेश ग्रेड ‘बीबीबी-‘ पर बरकरार रखा है.

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