मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद चीनी सहकारी क्षेत्र को हुआ लाभ: अमित शाह

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 05 Oct 2025 08:48 PM
मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद चीनी सहकारी क्षेत्र को हुआ लाभ: अमित शाह
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अहिल्यानगर. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत के चीनी सहकारी क्षेत्र को काफी लाभ हुआ है. वह अहिल्यानगर जिले में डॉ. विट्ठलराव विखे पाटिल सहकारी चीनी कारखाने की विस्तारित क्षमता का उद्घाटन करने के बाद एक किसान रैली को संबोधित कर रहे थे. शाह ने चीनी सहकारी समितियों से गैर पेराई सत्र में भी मल्टी-फीड एथनॉल का उत्पादन करने की अपील की.

मंत्री ने कहा, ”एथनॉल मिश्रण के कारण चीनी सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति बदल गई है… मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इस क्षेत्र को लाभ हुआ है.” शाह ने कहा, ”केंद्र सरकार हाल ही में भारी बारिश से प्रभावित महाराष्ट्र के किसानों को हर संभव सहायता देगी.” उन्होंने राज्य के किसानों के लिए केंद्रीय सहायता हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजित पवार की सराहना की. शाह ने सहकारिता आंदोलन की एक प्रमुख हस्ती विट्ठलराव विखे पाटिल और उनके बेटे तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महाराष्ट्र में भारी बारिश से नुकसान झेलने वाले किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी. महाराष्ट्र के कई हिस्सों में हाल में हुई भारी बारिश और बा­ढ़ आने से व्यापक नुकसान हुआ है.
शाह ने कहा, ”मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्रियों – एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ एक विस्तृत बैठक की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से, मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि एक बार विस्तृत रिपोर्ट हमें सौंप दिए जाने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी महाराष्ट्र के किसानों को कोई भी मदद देने में देरी नहीं करेंगे.”

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पिछले वर्ष की सहायता में से 3,132 करोड़ रुपये पहले ही जारी कर चुकी है, जिसमें इस वर्ष अप्रैल में दी गई 1,631 करोड़ रुपये की सहायता भी शामिल है. शाह ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने भी 2,215 करोड़ रुपये की राहत राशि प्रदान की है, जिससे 31 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ हुआ है.

गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की परेशानी कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा, ”महाराष्ट्र सरकार ने बा­ढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को 10,000 रुपये की नकद सहायता और 35 किलोग्राम अनाज उपलब्ध कराया है. ऋण वसूली रोक दी गई है, ई-केवाईसी मानदंडों में एक बार के लिए ढील दी गई है और राजस्व कर और स्कूल फीस में राहत दी गई है.”

सीबीजी और पोटाश संयंत्रों के लिए 15 सहकारी चीनी मिलों को एनसीडीसी से मिलेगा वित्त पोषण: शाह
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) और पोटाश उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए देश भर की 15 सहकारी चीनी मिलों को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) से वित्तपोषण के लिए चुना जाएगा.

अहिल्यानगर जिले के कोपरगांव तहसील में सहकार मर्हिष शंकरराव कोल्हे सहकारी साखर कारखाना में एक सीबीजी इकाई, एक स्प्रे ड्रायर और पोटाश दाना विनिर्माण केंद्र के उद्घाटन पर शाह ने कहा कि ये परियोजनाएं भारत के सहकारी क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ती हैं.

उन्होंने कहा, ”मैं निदेशक विवेक कोल्हे को बताना चाहता हूं कि यह काम पूरे देश में फैलेगा. मोदी सरकार एनसीडीसी से वित्त-पोषण के लिए 15 सहकारी चीनी मिलों का चयन करेगी, ताकि उनके परिसर में ऐसे संयंत्र स्थापित किए जा सकें. यह एक नई शुरुआत होगी.” मंत्री ने कहा कि कोपरगांव में शुरू की गई इकाइयां देश में अपनी तरह की पहली हैं.

उन्होंने कहा, ”पचपन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सीबीजी संयंत्र प्रतिदिन 12 टन सीबीजी और 75 टन पोटाश का उत्पादन करेगा. ये दोनों उत्पाद वर्तमान में आयात किए जाते हैं और यह पहल आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को ब­ढ़ावा देते हुए विदेशी मुद्रा की बचत करेगी.” शाह ने कहा कि परियोजना ने सीबीजी की खरीद के लिए गेल, बीपीसीएल, इफको और राष्ट्रीय केमिकल्स एंड र्फिटलाइजर्स के साथ पहले ही समझौता कर लिया है. उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य वृत्तीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) हासिल करना है.

महाराष्ट्र की सहकारी विरासत की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि राज्य ने कभी चीनी सहकारी आंदोलन का नेतृत्व किया था, उसे अब ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ क्षेत्र में अग्रणी होना चाहिए. उन्होंने कहा, ”देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्रियों- एकनाथ शिंदे और अजित पवार- से अनुरोध है कि यदि महाराष्ट्र ऐसी मिलों का समर्थन करता है तो केंद्र सरकार भी पूरी सहायता प्रदान करेगी.” शाह ने विविधता का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक लाभ कमाने वाली चीनी मिल को फल प्रसंस्करण भी शुरू करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ”इससे फल उत्पादन को ब­ढ़ावा मिलेगा और मिलों को अतिरिक्त आय होगी.” दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए हाल ही में स्वीकृत मिशन का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2025-26 से 2030-31 तक के छह वर्षीय कार्यक्रम के लिए 11,440 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. उन्होंने कहा, ”हम दालों के लिए 1,000 प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करेंगे और किसानों को 38 लाख उच्च-गुणवत्ता वाले बीज किट वितरित करेंगे.” शाह ने यह भी कहा कि हाल ही में किए गए जीएसटी सुधारों से कृषि क्षेत्र पर बोझ कम हुआ है.

उन्होंने कहा, ”ट्रैक्टर, उनके पुर्जों, हार्वेस्टर, थ्रेशर, मधुमक्खी पालन उपकरण, ्प्रिरंकलर, टपक सिंचाई प्रणाली और पोल्ट्री मशीनरी पर कर घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे किसानों की लागत बचेगी.” घरेलू उत्पादन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को चौथे स्थान पर ला दिया है. हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के बहुत करीब हैं. हालांकि, नंबर एक अर्थव्यवस्था बनने के लिए स्वदेशी के अलावा कोई विकल्प नहीं है. प्रत्येक नागरिक को स्वदेशी उत्पादों को अपनाना चाहिए.”

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