तमिलनाडु में वास्तव में ‘परिवार का शासन’ है जो हर परिवार के कल्याण के लिये प्रयासरत : स्टालिन

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 06 Mar 2024 08:42 PM
तमिलनाडु में वास्तव में ‘परिवार का शासन’ है जो हर परिवार के कल्याण के लिये प्रयासरत : स्टालिन
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चेन्नई. ‘वंशवादी राजनीति’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तंज पर पलटवार करते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार को कहा कि राज्य में सत्तारूढ. सरकार के तहत वास्तव में ‘परिवार का शासन’ है, जो हर परिवार के कल्याण के लिए प्रयासरत है.

एक सरकारी बयान में, स्टालिन ने प्रधानमंत्री के हालिया बयान पर भी सवाल उठाया कि केंद्रीय धन सीधे राज्य के लोगों तक पहुंच रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ. से प्रभावित लोगों को केंद्र से एक भी रुपया नहीं मिला. स्टालिन ने वंशवाद की राजनीति के बारे में प्रधानमंत्री के तंज के संदर्भ में कहा, ‘कुछ लोग हमें (द्रमुक) एक परिवार का शासन कहते हैं. हां, यह एक पारिवारिक शासन है, एक ऐसा परिवार जो तमिलनाडु के हर परिवार की मदद के लिये हाथ बढ.ाता है.”

पिछले कुछ दिनों में, मोदी ने कांग्रेस के साथ-साथ द्रमुक और कुछ अन्य लोगों की आलोचना करते हुए कहा है कि ‘जम्मू कश्मीर से तमिलनाडु’ तक राजनीतिक राजवंशों का शासन एक खतरनाक प्रवृत्ति है. प्रधानमंत्री मोदी के इस तर्क पर कि केंद्र योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे उनके खातों में पैसे भेज रहा है, स्टालिन ने दावा किया कि ऐसा नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि इस तरह का धन किसे प्राप्त हुआ है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ”चेन्नई समेत आठ जिलों के लोगों को दो प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा. हमने (केंद्र से राहत के रूप में) 37,000 करोड़ रुपये की मांग की थी. क्या प्रधानमंत्री ने तमिल लोगों की सहायता के लिए एक रुपये का भी आवंटन किया?” उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने लोगों की मदद के लिए राज्य आपदा राहत कोष और राज्य के अन्य कोषों से 3,406 करोड़ रुपये खर्च किए.

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