
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सरकार के 10 सालों के कार्यकाल को बड़े व निर्णायक फैसलों वाला करार देते हुए बुधवार को अगले पांच सालों में बुलेट ट्रेन के सपने को साकार करने से लेकर ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नयी ऊंचाई पर ले जाने का भरोसा दिलाया और दावा किया कि देश आगामी चुनाव में ‘वारंटी’ खत्म हो जाने वालों पर नहीं बल्कि ‘गारंटी’ पर विश्वास करने वालों पर भरोसा जताएगा. राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को ‘आउटडेटेड’ और आरक्षण का ‘जन्मजात विरोधी’ बताया तथा उसके पतन के लिए संवेदनाएं प्रकट करते हुए ‘प्रार्थना’ की कि वह अगले आम चुनाव में 40 सीट ही बचा ले.
राहुल गांधी पर साधा निशाना: उन्हें ऐसा ‘नॉन स्टार्टर’ बताया जो न तो ‘लिफ्ट’ हो पा रहे हैं और ना ही ‘लांच’
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर निकले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उन्हें ‘कांग्रेस के युवराज’ के नाम से संबोधित करते हुए उन्हें ऐसा ‘नॉन स्टार्टर’ बताया जो न तो ‘लिफ्ट’ हो पा रहे हैं और ना ही ‘लांच’. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में भारत के आत्मविश्वास, उज्ज्वल भविष्य के प्रति उसके विश्वास और आमजन के सामर्थ्य को बहुत ही कम शब्दों में लेकिन बहुत ही शानदार तरीके से देश के सामने प्रस्तुत किया गया है.
प्रधानमंत्री ने पेश की ‘मोदी 3.0’ योजना, कहा-तीसरा कार्यकाल दूर नहीं
उन्होंने कहा, ”कांग्रेस के 10 सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की पांच नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में शुमार थी. उसके कार्यकाल को नीतिगत पंगुता के लिए याद किया जाता है. वहीं दूसरी तरफ पिछले 10 सालों में भारत दुनिया की पांच शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गई है.” उन्होंने कहा, ”हमारी सरकार के बीते 10 साल को बड़े और निर्णायक फैसलों के लिए हमेशा याद किया जाएगा. हम कड़ी मेहनत से सोच-समझकर देश को संकटों से बाहर लाए हैं.” प्रधानमंत्री ने कहा कि अगला लोकसभा चुनाव अब दूर नहीं है और लोग अभी से उनके तीसरे कार्यकाल को ”मोदी-3.0” कह रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ”हम अगले पांच सालों में भारत की नींव को मजबूत करने के लिए पूरी शक्ति लगा देंगे.” उन्होंने कहा, ”अगले पांच साल में देश बुलेट ट्रेन और वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार भी दिखेगा. अगले पांच साल में आत्मनिर्भर भारत का अभियान नयी ऊंचाई पर होगा. देश हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर होता नजर आएगा.” उन्होंने कहा कि आने वाले पांच साल में ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर के मामले दुनिया में भारत की गूंज होगी और इस दौरान लाखों करोड़ रुपये का तेल आयत की अपनी उर्जा जरूरत के लिए उसे ज्यादा से ज्यादा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम होगा.
उन्होंने कहा कि भारत का जो ्स्विवणम काल था, देश को 2047 तक उस स्थिति में पहुंचाने के लिए वह जी-जान लगा देंगे.
उन्होंने कहा, ”विकसित भारत कोई शब्दों का खेल नहीं है. यह हमारी प्रतिबद्धता है. हमारी हर सांस, हर सोच उसके लिए सर्मिपत है.
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि देश ने पिछले 10 सालों में एक-एक क्षेत्र में बदलाव का अनुभव किया है और आने वाले दिनों में यह तेज गति से उसे नयी ताकत देगा.
‘वारंटी’ खत्म हो जाने वालों पर नहीं, देश ‘गारंटी’ की ताकत दिखाने वालों पर भरोसा करेगा: प्रधानमंत्री
उन्होंने कहा, ”जिनकी वारंटी खत्म हो गई है देश उनकी बातें सुन नहीं सकता है. जिसकी गारंटी की ताकत देश ने देखी है उसके विचारों पर विश्वास करते हुए वह आगे बढ.ता है.” उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद में अपने संबोधन में समाज के चार सबसे बड़े वर्गों… गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं की समस्याएं हल करने की बात की.
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने सत्ता के लिए लोकतंत्र का गला घोंट दिया और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को बर्खास्त कर दिया. कांग्रेस दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों के खिलाफ रही है और अगर बाबासाहेब अंबेडकर नहीं होते तो उन्हें कोई आरक्षण भी नहीं मिलता.” मोदी ने कांग्रेस पर देश को बांटने के लिए कहानियां गढ.ने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि देश को इतना तोड़ा गया, क्या यह कम नहीं है जो अब उत्तर और दक्षिण को तोड़ने के लिए बयान दिए जा रहे हैं? उन्होंने कहा, “कांग्रेस के पास अपने नेताओं और नीतियों की गारंटी नहीं है लेकिन वह मोदी की गारंटी पर सवाल उठा रही है.”
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को देश की समस्याओं के बारे में पता था लेकिन उन्होंने उनके समाधान के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा, ”हम एक कठिन समय से बाहर आए हैं और देश को समस्याओं से बाहर लाए हैं.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस तरह का माहौल बनाया कि भारतीय परंपराओं का पालन करने वालों को हेय नजरों से देखा गया.
उन्होंने कांग्रेस पर गुलामी की मानसिकता को बढ.ावा देने का आरोप लगाते हुए सवाल किया, ” अगर आप अंग्रेजों से प्रभावित नहीं थे तो अंग्रेजों की बनाई दंड संहिता आपने क्यों नहीं बदली, अंग्रेजों के जमाने के सैकड़ों कानून इतने दशकों बाद भी क्यों चलते रहे और लाल बत्ती संस्कृति खत्म क्यों नहीं हुई?” उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने बाबा साहेब आंबेडकर को भारत रत्न देने के योग्य नहीं समझा और अपने ही परिवार के लोगों को भारत रत्न देती रही, ”वह हमें आज उपदेश दे रही है.” उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर को ‘भारत रत्न’ सम्मान तब मिला जब केंद्र में भाजपा के समर्थन वाली एक सरकार बनी .
कांग्रेस के ‘पतन’ पर मेरी संवेदनाएं, 40 सीट ही बचा ले अगले चुनाव में: प्रधानमंत्री मोदी
कांग्रेस पर करारा हमला करते हुए कहा उन्होंने कि आजादी के बाद इतने लंबे समय तक देश की सत्ता पर काबिज रहने वाली पार्टी के पतन और गिरावट को लेकर उनके मन में संवेदनाए हैं और वह ”प्रार्थना” करेंगे कि वह अगले आम चुनाव में 40 सीट बचा ले.
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि वह प्रार्थना करेंगे कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 40 सीट ही बचा ले. तृणमूल प्रमुख ने कहा कि था कि आम चुनाव में कांग्रेस 40 सीट भी नहीं जीत पाएगी.
कांग्रेस ‘आउटडेटेड’ हो गई है, अब देश को बांटने के विमर्श गढ़ने में लगी : प्रधानमंत्री
उन्होंने कहा, ”कांग्रेस की सोच भी ‘आउटडेटेड (पुरानी)’ हो गई है. जब उसकी सोच ही ‘आउटडेटेड’ हो गई है तो उसने अपना कामकाज भी ‘आउटसोर्स (बाहर से काम)’ कर लिया है. देखते ही देखते इतनी पुरानी पार्टी…इतने दशकों तक देश पर राज करने वाले दल का ऐसा पतन…ऐसी गिरावट…. हमें खुशी नहीं हो रही है. आपके प्रति हमारी संवेदनाए हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपने ‘युवराज’ को एक ‘स्टार्टअप’ बनाकर दिया है. उन्होंने कहा, ”अभी वह नॉन स्टार्टर हैं. न तो लिफ्ट हो रहा है, ना लॉन्च हो रहा है.” उन्होंने कहा, ”जिस कांग्रेस के अपने नेता की कोई गारंटी नहीं है, वो मोदी की गारंटी पर सवाल उठा रहे हैं.”
उन्होंने कहा, ”मैं (कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन) खरगे जी का विशेष आभार व्यक्त करना चाहता हूं.” उन्होंने किसी का नाम लिये बिना कहा कि लोकसभा में तो कभी कभी मनोरंजन का मौका मिल जाता है किंतु आजकल कम मिलता है क्योंकि वे दूसरी ड्यूटी पर हैं. ”लेकिन लोकसभा में मनोरंजन की जो कमी थी वह आपने (खरगे ने) पूरी कर दी.’ मोदी ने कहा कि खरगे ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 400 सीटें पाने का आशीर्वाद दिया है और वह चाहें तो अब इस आशीर्वाद को वापस ले सकते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू कहते थे कि अगर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को नौकरी में आरक्षण मिला तो सरकारी कामकाज का स्तर गिर जाएगा. उन्होंने कहा, ”एक बार नेहरू जी ने मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें लिखा था कि ‘मैं किसी भी आरक्षण को पसंद नहीं करता और खासकर नौकरी में आरक्षण तो कतई नहीं. मैं ऐसे किसी भी कदम के खिलाफ हूं जो अकुशलता को बढ.ावा दे, जो दोयम दर्जे की तरफ ले जाए.” मोदी ने कहा कि वह इसी के आधार पर कहते हैं कि कांग्रेस ”आरक्षण की जन्मजात विरोधी” है.
प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान विपक्षी सदस्यों की ओर से टोका-टोकी किए जाने पर मोदी ने कहा कि वह बड़े धैर्य और नम्रता के साथ उनके एक-एक शब्द को सुनते रहे हैं. उन्होंने कहा, ”लेकिन आप आज भी न सुनने की तैयारी के साथ आए हैं. परंतु मेरी आवाज को आप (विपक्ष) दबा नहीं सकते. देश की जनता ने इस आवाज को ताकत दी है, इसलिए मैं भी इस बार पूरी तैयारी के साथ आया हूं.” इससे पहले, प्रधानमंत्री के उच्च सदन में प्रवेश करते ही सत्ताधारी दल के सदस्यों ने खड़े होकर और मेजे थपथपाकर उनका स्वागत किया. इस दौरान कुछ सदस्यों ने ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए.
देश को उत्तर और दक्षिण में बांटने वाला विमर्श गढ़ना बंद करे कांग्रेस: प्रधानमंत्री मोदी
नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस और उसके नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार से देश को उत्तर और दक्षिण में बांटने वाला विमर्श ना गढ़ने का आग्रह करते हुए कहा कि यह देश के भविष्य को खतरे में डालता है. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने अफसोस जताया कि कर्नाटक सरकार विज्ञापनों के जरिए इस तरह की कहानी गढ़ रही है.
प्रधानमंत्री, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कांग्रेस के उस धरने का जिक्र कर रहे थे जो राज्य को कर हिस्सेदारी के बंटवारे पर केंद्र की ओर से किए गए कथित ‘अन्याय’ के खिलाफ दिया गया. उन्होंने कहा, ”आज मैं एक खास मामले पर अपना दर्द बांटना चाहता हूं. जिस तरह से देश को तोड़ने के लिए इन दिनों भाषा बोली जा रही है, ये नए विमर्श राजनीतिक लाभ के लिए गढ़े जा रहे हैं. एक पूरा राज्य इस भाषा को बोल रहा है, देश के लिए इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता… हमने कौन सी भाषा बोलनी शुरू की है.” मोदी ने कहा कि इस तरह की बातें देश के लिए अच्छी नहीं हैं और इससे देश का भविष्य खतरे में पड़ सकता है.
उन्होंने अफसोस जताया कि देश के एक हिस्से में टीका बने और कोई कहे कि दूसरे हिस्सों में यह टीका नहीं दिया जा सकता.
उन्होंने कहा, ”यह कैसी सोच है? और यह बहुत दुखद है कि एक राष्ट्रीय पार्टी से इस तरह की भाषा सामने आ रही है… यह बहुत दुखद है.” उन्होंने कहा, ”यह देश हमारे लिए सिर्फ जमीन का एक टुकड़ा नहीं है. यह मानव शरीर की तरह है, अगर कहीं दर्द होता है, तो हाथ यह नहीं कहता कि कांटा पैर में है और यह मेरी चिंता नहीं है … अगर इस देश में कहीं भी दर्द होता है, तो दर्द हर किसी को महसूस होना चाहिए.” प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर शरीर का एक अंग काम नहीं करता तो पूरे शरीर को विकलांग करार दिया जाता है.
उन्होंने कहा, ”अगर देश के किसी हिस्से में विकास नहीं होता तो देश विकसित नहीं हो सकता. इसलिए हमें देश को एक हिस्से के रूप में देखना चाहिए न कि अलग-अलग हिस्सों के रूप में.” प्रधानमंत्री ने हिमालय का उदाहरण देते हुए कहा कि क्या होगा, अगर कोई यह कहना शुरू कर दे कि नदियां वहां से बहती हैं और उन्हें दूसरों के साथ साझा नहीं किया जाएगा.
उन्होंने कहा, ”देश का क्या होगा, यह कहां रुकेगा? जिन राज्यों के पास कोयला है, यदि वे कहते हैं कि हम इसे दूसरों के साथ साझा नहीं करेंगे तो देश कैसे काम करेगा?” कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन की मांग बढ़ने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उस वक्त पूर्वी राज्यों ने कहा होता कि वह अन्य क्षेत्रों के साथ ऑक्सीजन साझा नहीं करेंगे तो क्या होता? मोदी ने कहा, ”देश के अंदर ये भाव… तोड़ने का क्या प्रयास हो रहा है? हमारा टैक्स हमारा पैसा…यह क्या भाषा बोली जा रही है?” उन्होंने कहा, ”देश को तोड़ने के लिए इस तरह के नए विमर्श गढ़ना बंद करें. यह देश के भविष्य के लिए खतरा है. देश को साथ लेकर चलने की कोशिश करें.”
प्रधानमंत्री ने पेश की ‘मोदी 3.0’ योजना, कहा-तीसरा कार्यकाल दूर नहीं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी सरकार ‘मोदी 3.0’ बनने का भरोसा जताते हुए अगले पांच साल की रूपरेखा पेश की जिसमें गरीबों, युवाओं, मध्यम वर्ग, किसानों, ऊर्जा आत्मनिर्भरता सहित विभिन्न क्षेत्रों के लक्ष्य रखे गये ताकि भारत 2047 तक ‘्स्विवणम युग को छू सके.’ राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आयुष्मान योजना के तहत गरीबों को दी जाने वाली पांच लाख रुपये की बीमा सहायता आगे भी जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि परिवार में कोई एक व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो परिवार मध्यम वर्ग से गरीबी में चला जाता है.
उन्होंने कहा, ”हम मुफ्त अनाज देते हैं और देते रहेंगे, चाहे किसी को बुरा लगे.” उन्होंने कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी की रेखा से बाहर निकले हैं और नव मध्यम वर्ग में आये हैं. उन्होंने कहा, ”लेकिन मैं उस जीवन से निकल कर आया हूं और मुझे मालूम है कि उन्हें इसकी जरूरत है इसलिए यह योजना जारी रहेगी.” मोदी ने कहा, ”मेरी गारंटी है कि गरीबों को इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक की सुविधा आगे भी मिलती रहेगी.” उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत छूट से मध्यम वर्ग एवं गरीबों को जो दवाएं मिल रही हैं, वह भी जारी रहेंगी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि की राशि जारी रहेगी ताकि वे विकास की यात्रा में ताकत के साथ जुड़ जाएं. उन्होंने कहा कि गरीबों को पक्के मकान देने का सरकार का कार्यक्रम जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि यदि परिवार बढ़ता है तो उन्हें नया पक्का मकान दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि उनकी पक्की गारंटी है कि नल से जल योजना, शौचालय बनवाने की योजना जारी रहेगी. मोदी ने कहा, ”यह सब काम तेजी से जारी रहेंगे क्योंकि विकास की जो दिशा हमने पकड़ी है, उसे किसी भी कीमत पर धीमी नहीं होने देंगे.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”हमारी सरकार का तीसरा कार्यकाल दूर नहीं है. कुछ लोग इसे ‘मोदी 3.0’ कहते हैं. मोदी 3.0 विकसित भारत की नींव को मजबूत करने के लिए पूरी शक्ति लगा देगा.” उन्होंने कहा, ”अगले पांच साल तक वह नींव रखी जाएगी जिससे 2047 तक भारत ्स्विवणम युग को छूने लगेगा.” मोदी ने कहा कि अगले पांच साल में डॉक्टरों एवं मेडिकल कॉलेजों की संख्या पहले की तुलना में कई गुना बढ़ेगी और इलाज सस्ता एवं सुलभ हो जाएगा. उन्होंने कहा कि अगले पांच साल में हर गरीब के घर में नल से जल पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि गरीबों को प्रधानमंत्री आवास के तहत पक्के मकान दिये जाएंगे और एक भी गरीब इससे वंचित नहीं रहे, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा.
उन्होंने कहा, ”अगले पांच साल सौर ऊर्जा से बिजली बिल जीरो…यदि ठीक से काम करेंगे तो अपने घर बिजली बनाकर कमाई करेंगे. पूरे देश में पाइप से गैस का नेटवर्क बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा.” मोदी ने कहा कि आने वाले पांच वर्ष में पूरी दुनिया देश की युवा शक्ति को देखेगी. उन्होंने कहा कि युवाओं के स्टार्ट अप्स और यूनीकार्न की संख्या लाखों में होने वाली है. उन्होंने कहा कि अगले पांच सालों में देश से रिकार्ड पेटेंट करवाये जाएंगे.
उन्होंने कहा देश के मध्यम वर्ग के बच्चे शिक्षा के लिए विदेश जाते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस बात का प्रयास करेगी कि देश के विश्वविद्यालय विश्व स्तर के हों ताकि देश के बच्चे यहां पढ़ सकें और उनके परिवार का पैसा बच सके. मोदी ने कहा कि अगले पांच साल में ऐसी कोई खेल स्पर्धा नहीं होगी जिसमें भारत का झंडा नहीं फहरेगा तथा विश्व भर में देश की युवा शक्ति की पहचान अवश्य होगी.
उन्होंने कहा कि अगले पांच साल में देश की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह रूपांतरित होगी. अगले पांच साल में देश बुलेट ट्रेन भी देखेगा और वंदे भारत ट्रेनों की संख्या में वृद्धि भी होगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उनकी सरकार अधिक से अधिक काम करेगी. उन्होंने कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का प्रयोग और नैनो प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने की भी बात कही.



