
मुंबई. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन की लड़ाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नहीं, बल्कि यह नफरत की विचारधारा के खिलाफ है. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने यहां शिवाजी पार्क में ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश में विविधता और भाईचारे की रक्षा करने की जरूरत है.
उन्होंने कहा, ”मोदी झूठ के निर्माता, थोक विक्रेता और वितरक हैं, लेकिन हमारे जैसे सच्चे लोग डरते नहीं हैं.” उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार में जो लोग हैं वे ”डीलर हैं, लीडर नहीं.” राज्य में सत्तारूढ. गठबंधन में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं.
उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में तो बस विधायकों को दल-बदल कराया जाता है, लेकिन बिहार में उन्होंने (भाजपा ने) मेरे चाचा को हाईजैक कर लिया.” उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजद का साथ छोड़कर भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में जाने की ओर इशारा करते हुए यह बात कही. यादव ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की मदद से सरकारें गिराई जा रही हैं.
बिहार में महागठबंधन के समर्थन में खामोश लहर है: तेजस्वी
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को कहा कि बिहार में एक ”खामोश लहर” (अंडरकरंट) है जिसके कारण आगामी लोकसभा चुनाव में ”आश्चर्यजनक” नतीजे सामने आएंगे. यादव ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि चुनाव के नतीजे महागठबंधन के पक्ष में होंगे, जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खिलाफ मजबूत लहर का संकेत देंगे.
उन्होंने बिहार की पिछली महागठबंधन सरकार के 17 महीने के कार्यकाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और इसकी तुलना भाजपा-जदयू (जनता दल-यूनाइटेड) के 17 वर्ष के शासन से की. यादव ने कहा, ”बिहार की जनता जानती है कि हमने (महागठबंधन सरकार) अपने 17 महीने के शासनकाल में बिहार में क्या किया. जो काम 17 महीने में हुआ, वह 17 साल (भाजपा-जदयू शासन) में नहीं हो सका.” उन्होंने कहा कि बिहार के लोग महागठबंधन के किए प्रयासों को पहचानते हैं और मानते हैं कि उसके नेतृत्व में बड़े परिवर्तन संभव हैं.
राजद नेता शिवाजी पार्क में विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) द्वारा आयोजित एक रैली में भाग लेने के लिए मुंबई रवाना हुए. उन्होंने जातिगत सर्वेक्षण रिपोर्ट पर आधारित महागठबंधन की नीतियों, विशेष रूप से वंचित जातियों के लिए राज्य सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण 50 प्रतिशत से बढ.ाकर 65 प्रतिशत करने के महत्व पर जोर दिया.
यादव ने आरक्षण बढ.ाने के कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में नहीं रखने के लिए केंद्र की राजग सरकार की आलोचना की. उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी पर सवाल उठाया. राजद नेता ने कहा, ”हमने केंद्र से आरक्षण बढ.ाने के कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध किया था ताकि उन्हें कानूनी जांच से छूट मिल सके, लेकिन केंद्र की राजग सरकार ने ऐसा नहीं किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले पर चुप क्यों हैं.” यादव ने भाजपा के 400 संसदीय सीट जीतने के दावे को अवास्तविक बताकर खारिज कर दिया. उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि भले ही लोकसभा में केवल 543 सीट हैं, लेकिन वे 1,000 सीट का दावा करने के लिए भी स्वतंत्र हैं.
विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ ईडी-सीबीआई का दुरुपयोग चुनावी मुद्दा होगा: तेजस्वी यादव
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के नेताओं के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी जांच एजेंसियों का दुरुपयोग लोकसभा चुनाव में मुद्दा होगा. ‘इंडिया’ गठबंधन में कांग्रेस और राजद सहित 20 से अधिक विपक्षी दल शामिल हैं.
मुंबई हवाई अड्डा पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव ने कहा, ”ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां ‘इंडिया’ के सहयोगियों के खिलाफ काम कर रही हैं. यही वह मुद्दा है जिस पर गठबंधन चुनाव लड़ेगा.” इस बीच, वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के नेता प्रकाश आंबेडकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह शिवाजी पार्क में रैली में शामिल होंगे. आंबेडकर ने कहा कि उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से रैली में शामिल होने का आमंत्रण पत्र मिला था.



