रिजर्व बैंक के नाम में इंडिया शब्द को भारत से बदला जाए: हिमंत विश्व शर्मा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 06 Sep 2023 10:50 PM
रिजर्व बैंक के नाम में इंडिया शब्द को भारत से बदला जाए: हिमंत विश्व शर्मा
ऑडियो सुनें

गुवाहाटी. एक बार फिर ‘भारत’ नाम की वकालत करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं का नाम बदला जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि ‘इंडिया’ शब्द और ब्रिटिश काल से जुड़ी प्रथाएं ‘औपनिवेशिक खुमारी’ है और देश ‘नवजागरण के दौर’ में प्रवेश कर रहा है, ऐसे में इन प्रथाओं को खत्म किया जाएगा.

शर्मा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ”केंद्रीय बैंक का नाम ‘रिजर्व बैंक ऑफ भारत’ होना चाहिए. यह नवजागरण का दौर है. असम ने कई पुरानी विरासतें बदल दी हैं और केंद्र में भी कई बदलाव किए गए हैं.” उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासकों द्वारा शुरू की गई कई प्रथाएं देश में जारी हैं और उन्हें बदलने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, ”लोगों ने 75 वर्षों तक इंतजार किया कि एक मोदी आएगा और इस औपनिवेशिक खुमारी को जड़ से खत्म करेगा.” उन्होंने कहा, ”नेहरू (जवाहरलाल) द्वारा किए गए किसी काम के लिए मोदी जी को कैसे दोषी ठहराया जा सकता है?” उन्होंने ‘इंडिया’ नाम के इस्तेमाल और ‘औपनिवेशिक प्रथाओं’ को जारी रखने के स्पष्ट संदर्भ में यह बात कही.

यह इंगित करते हुए कि उच्चतम न्यायालय ने पहले फैसला सुनाया था कि इंडिया और भारत नामों का परस्पर उपयोग किया जा सकता है, शर्मा ने कहा, ”चाहे वह इंडिया हो या भारत, मुझे नहीं लगता कि यह बहस का विषय है. जब अमित शाह ने भारतीय न्याय संहिता विधेयक संसद में रखा तो किसी ने कोई आपत्ति नहीं की.”

उन्होंने कहा, ”मनमोहन सिंह ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जबकि एचडी देवेगौड़ा ने इंडिया के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी.” शर्मा ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की टिप्पणी को भी खारिज कर दिया कि यह पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ही थे जिन्होंने ‘इंडिया’ नाम पर आपत्ति जताई थी क्योंकि इसका तात्पर्य यह कि ‘हमारा देश ब्रिटिश राज का उत्तराधिकारी राष्ट्र था और पाकिस्तान एक अलग राष्ट्र था.’

शर्मा ने कहा, ”थरूर ने जो कहा वह आधा सच था. जिन्ना ने क्या कहा यह महत्वपूर्ण नहीं है. हमारे लिए महत्वपूर्ण यह है कि ऋषि-मुनियों ने कौन सा नाम इस्तेमाल किया और वह भारत था न कि इंडिया.” सनातन धर्म की उत्पत्ति पर कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर के सवाल पर शर्मा ने कहा, ”सनातन शब्द में ही जवाब है. इसका मतलब यह है जिसका न कोई आरंभ है और न ही कोई अंत. सनातन धर्म अनंत काल से अस्तित्व में है और अनंत काल तक अस्तित्व में रहेगा.” शर्मा ने चुटीले अंदाज में कहा, ”कर्नाटक जैसे इतने बड़े राज्य के गृह मंत्री को इतनी सरल बात समझ में नहीं आती, जबकि मेरे जैसे छोटे राज्य का कोई व्यक्ति इसे समझ सकता है.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu