जो खुद ‘होश’ में नहीं हैं, वे युवाओं को ‘नशेड़ी’ कह रहे हैं: मोदी

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग खुद ‘होश’ में नहीं हैं, वे युवाओं को ‘नशेड़ी’ कह रहे हैं. मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के करखियाव अमूल प्लांट परिसर में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की 35 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता गांधी का नाम लिए बिना कहा, ”कांग्रेस के शाही परिवार के युवराज का कहना है, जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे, युवराज काशी की धरती पर आकर कह रहे हैं कि काशी के नौजवान, उत्तर प्रदेश के नौजवान नशेड़ी हैं. यह कैसी भाषा है भाई.” गांधी ने हाल में ‘भारत जोड़ो न्­याय यात्रा’ के दौरान वाराणसी में कहा था कि उन्होंने कुछ युवाओं को नशे में धुत्त होकर सड़कों पर लेटे हुए और रात में नाचते हुए देखा था तथा उत्तर प्रदेश का भविष्य (युवा) नशे में है.

मोदी ने दावा किया, “उत्तर प्रदेश सभी (80 लोकसभा) सीटें राष्­ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नाम करने वाला है.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”मोदी को गाली देते देते इन्­होंने दो दशक बिता लिए, लेकिन अब ईश्वर रूपी जनता जनार्दन, उत्तर प्रदेश के नौजवानों पर अपनी कुंठा निकाल रहे हैं. जिनके अपने होश ठिकाने नहीं हैं वो उत्तर प्रदेश के, मेरे काशी के बच्चों को नशेड़ी कह रहे हैं.” चेतावनी भरे लहजे में मोदी ने कहा, ”अरे घोर परिवारवादियों, काशी का नौजवान तो उत्तर प्रदेश को विकसित बनाने में जुटा है, अपना समृद्ध भविष्य लिखने के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा कर रहा है. ‘इंडी’ गठबंधन द्वारा उत्तर प्रदेश के नौजवानों का अपमान कोई नहीं भूलेगा.” वह ‘इंडी’ गठबंधन से विपक्षी दलों के गठजोड़ ‘इंडिया’ का हवाला दे रहे थे.

मोदी ने कहा, ”घोर परिवारवादियों की यही असलियत होती है. हमेशा परिवारवादी युवा शक्ति से डरते हैं. युवा प्रतिभाओं से डरते हैं. उनको लगता है कि सामान्­य युवा को अवसर मिला तो वह हर जगह चुनौती देगा. इनको वही लोग पसंद आते हैं जो उनकी दिन रात जयजयकार करते रहें.” बिना नाम लिए गांधी पर जमकर प्रहार करते हुए मोदी ने कहा, ”आजकल तो इनके गुस्­से का, इनकी बौखलाहट का एक और कारण है, इनको काशी और अयोध्­या का नया स्­वरूप बिल्­कुल पसंद नहीं आ रहा है. इनको देखिए अपने भाषणों में राममंदिर को लेकर कैसी कैसी बातें करते हैं, कैसी कैसी बातों से हमले करते हैं.”

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ पर हमला करते हुए कहा, ”मैं नहीं जानता था कि कांग्रेस को प्रभु श्रीराम से इतनी नफरत है. ये अपने परिवार और वोट बैंक से बाहर देख ही नहीं सकते. सोच ही नहीं सकते. तभी तो हर चुनाव के दौरान साथ आते हैं और जब परिणाम नील बटा सन्­नाटा आता है तो एक दूसरे को गाली देते हुए अलग हो जाते हैं.” उन्­होंने कहा कि ये लोग (इंडिया गठबंधन वाले) नहीं जानते कि यह बनारस है, यहां ‘इंडिया’ गठबंधन का पैंतरा नहीं चलेगा.

विपक्षी दलों के गठबंधन पर मोदी ने कहा, ”बनारस ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश को पता है कि माल वही है पैकिंग नई है.” उन्­होंने दावा किया कि विपक्षी दलों को इस बार ज.मानत बचाने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ेगा, क्योंकि “पूरे देश का मूड है-अबकी बार मोदी की गारंटी है, हर लाभार्थी को शत प्रतिशत लाभ… उत्तर प्रदेश ने भी सारी सीटें मोदी को देने का निर्णय लिया है. यानि उत्तर प्रदेश शत प्रतिशत सीटें राजग गठबंधन के नाम करने वाला है.”

प्रधानमंत्री ने कहा, ”मोदी का तीसरा कार्यकाल पूरी दुनिया में भारत के सामथ्र्­य का सबसे प्रखंड कालखंड होने वाला है. सबसे प्रखर कार्यकाल होने वाला है. इसमें भारत का आर्थिक, सामाजिक, सामरिक, सांस्­कृतिक हर क्षेत्र नई बुलंदी पर होगा.” उन्होंने कहा, “बीते दस वर्षों में भारत 11वें नंबर से ऊपर उठकर पांचवें नंबर की आर्थिक ताकत बना. आने वाले पांच वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा.”

प्रधानमंत्री ने कहा, ” मोदी ने गारंटी दी है कि जिस पूर्वी भारत को उप­ेक्षित रखा गया उसको विकसित भारत की प्रगति का ‘इंजन’ बनाऊंगा.” हर हर महादेव के नारों से अपनी बात शुरू करते हुए मोदी ने भोजपुरी में कहा, ”काशी के धरती पर आज एक बार फिर आप लोगन के बीच आवे क मौका मिलल ह, जब तक बनारस नांहि आईलां, तब तक हमार मन नांहि मानेला. 10 साल पहिले आप लोग हमके बनारस क सांसद बनइला, 10 साल में बनारस हमके बनारसी बना देले ह.” (यानी मुझे आज एक बार फिर काशी की धरती पर आपके बीच आने का अवसर मिला है. जब तक मैं बनारस न आऊं, मेरा मन नहीं लगता. 10 साल पहले आपने मुझे बनारस का सांसद बनाया, 10 साल में बनारस ने मुझे बनारसी बना दिया.)”

प्रधानमंत्री ने 13 हजार करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्­यास की चर्चा करते हुए कहा, ”ये परियोजना काशी के साथ साथ पूर्वी भारत के विकास को गति देंगी.” परियोजनाओं को गिनाते हुए मोदी ने कहा कि इससे बनारस समेत पूरे पूर्वांचल के लिए नौकरी के बहुत अवसर बनेंगे.” मोदी ने किसानों को आश्­वस्­त करते हुए कहा, “किसान व पशुपालक हमेशा से भाजपा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रहा है. हमने गन्­ने का मूल्य बढ़ाया है.” उन्­होंने कहा, ”हमारी सरकार अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने के साथ ही अब अन्नदाता को उर्वरक दाता बनाने पर भी काम कर रही है. हम पशुपालकों को दूध के अलावा गोबर से भी कमाई के अवसर दे रहे हैं.”

प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए कहा, ”पहले की सरकार हमारी सरकार की सोच में बहुत अंतर है. आत्­मनिर्भर भारत तभी होगा जब देश की हर छोटी-छोटी शक्ति को जगाया जाए, जब उन्हें मदद दी जाए.” मोदी ने कहा, ”इसीलिए मैं ‘लोकल’ के लिए ‘वोकल’ रहता ही हूं और मैं जब ‘वोकल फॉर लोकल’ कहता हूं तो यह उन छोटे उद्यमियों का प्रचार है जो लाखों रुपये खर्च कर अखबारों व टीवी पर विज्ञापन नहीं दे सकते. स्­थानीय उत्­पाद बनाने वाले साथी का प्रचार मोदी खुद करता है.” उन्­होंने कहा, ”देश के हर छोटे किसान, हर छोटे उद्यमी का ‘अंबेसडर’ (दूत) आज मोदी है. जब मैं ‘मेक इन इंडिया’ कहता हूं तो छोटे उद्यमों को नई बुलंदी देने का प्रयास करता हूं.” मोदी ने कहा, ”जबसे विश्­वनाथ धाम का पुनिर्निममाण हुआ है तबसे 12 करोड़ से अधिक लोग काशी आ चुके हैं और इससे सबका रोजगार बढ़ा है.” प्रधानमंत्री ने वाराणसी के करखियाव अमूल प्लांट परिसर में 35 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इन परियोजनाओं में कई सड़कें, रसोई गैस बॉटलिंग संयंत्र, दूध प्रसंस्करण इकाई और बुनकरों के लिए रेशम कपड़े की छपाई का सामान्य सुविधा केंद्र शामिल है. वाराणसी के कपड़ा क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान की आधारशिला रखी. उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में एक नए मेडिकल कॉलेज और ‘नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग’ की नींव भी रखी.

करखियांव में इस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी खुली जीप में सवार होकर पहुंचे, उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे. जैसे ही प्रधानमंत्री को ले जा रहा वाहन धीरे-धीरे निर्धारित मंच की ओर आगे बढ़ा, दोनों तरफ एकत्र लोगों ने फूल बरसाए और हाथ हिलाए.
प्रधानमंत्री ने भी भीड़ की ओर देखते हुए हाथ हिलाया और भीड़ की ओर हाथ जोड़े, जबकि योगी आदित्यनाथ हाथ जोड़कर खड़े रहे.
इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री ने संत रविदास की एक भव्­य प्रतिमा का अनावरण किया और संत रविदास की 647वीं जयंती समारोह में भाग लिया.

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