नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने का संभावित कारण पटरी में खराबी : प्रारंभिक जांच

बिहार ट्रेन दुर्घटना: दुर्गा पूजा के लिए असम आ रही मां-बेटी की जान गई

नयी दिल्ली/तिनसुकिया/गुवाहाटी. बिहार में दिल्ली-कामाख्या नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के पटरी से उतरने का संभावित कारण पटरी में खराबी थी. सूत्रों ने बृहस्पतिवार को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह जानकारी दी. बिहार के बक्सर जिले में बुधवार रात हुए हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. छह रेलवे अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित रिपोर्ट में कहा गया है, ”ऐसा लगता है कि यह दुर्घटना पटरी में खराबी के कारण हुई.”

यात्री डिब्बों की स्थिति का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी 22 डिब्बे और इंजन पटरी से उतर गए. इनमें से दो पूरी तरह पलट गए और दो अन्य भी क्षतिग्रस्त हो गए. इसमें दुर्घटना के कारण 52 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का अनुमान लगाया गया है.

हादसे में लोको पायलट (चालक) विपिन कुमार सिन्हा आंशिक रूप से घायल हो गये और उनके सहायक को गंभीर चोटें आईं. रिपोर्ट में लोको पायलट सिन्हा का एक बयान भी शामिल है, जिसमें कहा गया है कि ट्रेन 128 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रघुनाथपुर स्टेशन से गुजरी, लेकिन स्टेशन को पार करने के तुरंत बाद उसे पीछे से एक गंभीर झटका लगा.

प्रारंभिक रिपोर्ट में लोको पायलट के हवाले से कहा गया है कि अत्यधिक कंपन और गंभीर झटके के परिणामस्वरूप, ब्रेक पाइप का दबाव अचानक कम हो गया और ट्रेन रात 9:52 बजे पटरी से उतर गई. सिन्हा के बयान के मुताबिक, उन्होंने रात 8:27 बजे दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन से ट्रेन की कमान संभाली. उस समय सब कुछ ठीक था. उन्होंने बताया कि ट्रेन रात 9:29 बजे बक्सर पहुंची तो सहायक लोको पायलट ने दोबारा इंजन की जांच की और सब कुछ ठीक पाया.

रिपोर्ट में रघुनाथपुर स्टेशन के एक गेटमैन और एक प्वॉइंटमैन के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने ट्रेन के पहियों के पास से चिंगारी निकलती देखी. रिपोर्ट में कहा गया है, ”एलसी (लेवल क्रॉसिंग) गेट नंबर 59बी के गेटमैन के बयान के अनुसार, ट्रेन नंबर 12506 गेट से गुजरी और 8-10 डिब्बे गुजरने के बाद उसने चिंगारी देखी और भारी शोर सुना.” रिपोर्ट में लोको पायलट और उसके सहायक का ”ब्रेथ एनालाइजर” परीक्षण नकारात्मक बताया गया.

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) ने बताया कि दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई. इनमें से दो की पहचान आकृति भंडारी और उसकी मां उषा भंडारी (37) के रूप में हुई है, जो असम की यात्रा कर रही थीं. सीपीआरओ ने बताया, ”उनके साथ यात्रा कर रहे लड़की के पिता दुर्घटना में बच गए. दुर्घटना में राजस्थान के नरेंद्र कुमार और पूर्णिया के अबू जायद (27) की भी मौत हो गई. साथ यात्रा कर रहा जायद का दोस्त दुर्घटना में बच गया.”

उन्होंने यह भी बताया कि मामूली रूप से घायल हुए कई लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई. सीपीआरओ ने बताया कि इन यात्रियों को एक विशेष ट्रेन में बिठाया गया, जो गंतव्य स्टेशन के लिए रवाना हुई. सीपीआरओ ने कहा, ”डॉक्टरों की सलाह के आधार पर, हम बिहार और पश्चिम बंगाल के दूर-दराज के इलाकों के यात्रियों को भी घर तक छोड़ने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान कर रहे हैं.”

बिहार ट्रेन दुर्घटना: दुर्गा पूजा के लिए असम आ रही मां-बेटी की जान गई

असम के तिनसुकिया जिले में अपने घर पर दुर्गा पूजा मनाने के लिए जब एक युवा दंपति और उनकी आठ वर्षीय जुड़वां बेटियां नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस में सवार हुईं, तो उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं होगा कि उनकी यात्रा आपदा में समाप्त होगी तथा परिवार में दो लोग ही रह जाएंगे. बिहार के बक्सर जिले में बुधवार रात करीब 10 बजे हुए हादसे में जुड़वा बेटियों में से एक और उसके पिता दीपक भंडारी तो सुरक्षित बच गए, लेकिन उसकी बहन आकृति और मां उषा भंडारी (37) इतनी भाग्यशाली नहीं थीं.

दिल्ली के एक होटल में काम करने वाले दंपति ने अपनी पिछली यात्रा के बाद से पैसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने के बाद तिनसुकिया क्षेत्र के सदिया में उषा के पैतृक घर में दुर्गा पूजा की छुट्टियों की योजना बनाई थी. तिनसुकिया के सदिया उपमंडल के चपाखोवा में महिला के पड़ोसियों ने कहा कि मां-बेटी की मौत की सूचना मिलने के बाद उसके वृद्ध माता-पिता पूरी तरह से टूट गए हैं. एक पड़ोसी ने कहा, ”दंपति दिल्ली के एक होटल में काम करते थे और परिवार छुट्टियां मनाने घर आ रहा था.”

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी दीपक डेका ने बताया कि उषा भंडारी और उनकी बेटी आकृति के शव लाए जा रहे हैं. डेका ने कहा, ”रेलवे ने हर चीज की व्यवस्था की है और एक अधिकारी भी एम्बुलेंस में उनके साथ है. वाहन के संबंध में हम लगातार जानकारी ले रहे हैं.”

शोकसंतप्त परिवार के साथ जा रहे पूर्व मध्य रेलवे के यात्रा टिकट परीक्षक (टीटीई) नवीन कुमार ने कहा कि उन्होंने यात्रा अपराह्न 1.45 बजे शुरू की और उन्हें 1450 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी है. कुमार ने एम्बुलेंस से फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”दीपक और उनकी एक बेटी हमारे साथ एक एसयूवी में जा रहे हैं. उन्हें कोई चोट नहीं आई है, लेकिन वे बेहद सदमे में हैं.”

दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन से असम के कामाख्या जाने वाली ट्रेन के 23 डिब्बे बुधवार रात करीब 9.53 बजे बिहार के बक्सर जिले के रघुनाथपुर के पास पटरी से उतर गए, जिससे चार यात्रियों की मौत हो गई. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने दुर्घटना में उषा भंडारी और उनकी बेटी की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की. दुर्घटना में राजस्थान के नरेंद्र कुमार (27) और बिहार के पूर्णिया के अबू जायद (27) की भी मौत हो गई.

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