
तेल अवीव/काठमांडू. इजराइल-हमास संघर्ष के बीच इजराइल छोड़ने के इच्छुक दो नेपाली नागरिकों और चार बच्चों समेत 143 लोगों को लेकर ‘ऑपरेशन अजय’ के तहत एक विशेष विमान रविवार को भारत के लिए रवाना हुआ. सात अक्टूबर को हमास के चरमपंथियों ने इजराइली शहरों पर हमला कर दिया था, जिसके बाद 12 अक्टूबर को भारतीय नागरिकों की वापसी के लिए शुरू किए गए ‘ऑपरेशन अजय’ के तहत यह छठी उड़ान है.
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि विमान में दो नेपाली नागरिकों और चार शिशुओं समेत 143 लोग सवार हैं. पिछले मंगलवार को 18 नेपाली नागरिकों को विशेष विमान से लाया गया था. अब तक कुल पांच विशेष विमान बच्चों समेत लगभग 1,200 यात्रियों को तेल अवीव से दिल्ली ला चुके हैं. हमास के हमले के बाद गाजा पर इजराइल के जवाबी हमलों में बच्चों समेत लगभग 4,400 फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इजराइल में कम से कम 1,400 इजराइलियों और विदेशी नागरिकों की मौत हुई है.
इजराइल में मारे गए चार नेपाली छात्रों के शव काठमांडू लाये गए
इजराइल में हमास के हमले में मारे गए नेपाल के चार छात्रों के शवों को काठमांडू लाया गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. दक्षिणी इजराइल पर सात अक्टूबर को फलस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास द्वारा किए गए रॉकेट हमलों में 10 नेपाली छात्र मारे गए थे. हमास के रॉकेट हमलों के बाद इजराइली सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू की थी. पहचान और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इजराइल सरकार ने तेल अवीव में स्थित नेपाल के दूतावास को हाल में चारों छात्रों के शव सौंप दिए थे.
शनिवार सुबह जिन छात्रों के शवों को लाया गया, उनमें दारचूला के लोकेन्द्र सिंह धामी और दिपेश राज बिस्ता का शव भी शामिल है.
विदेश मंत्री नारायण प्रकाश सऊद के मीडिया समन्वयक केशव सऊद ने कहा, ”कैलाली के रहने वाले नारायण प्रसाद नियुपाने का शव शुक्रवार को लाया गया था. कैलाली के ही आशीष चौधरी का शव शनिवार दोपहर यहां त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया.” नेपाल सेना मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, सभी चार शवों को पश्चिमी नेपाल के धनगढ़ी से शनिवार को सेना के एक हेलीकॉप्टर द्वारा हवाई मार्ग से लाया गया. शेष छह शवों की पहचान और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया जारी है.



