बालाघाट में 10 इनामी नक्सलियों ने किया समर्पण, मुख्यमंत्री यादव ने सभी को थमाई संविधान की प्रति

बालाघाट. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष बालाघाट जिले में रविवार को 10 इनामी नक्सलियों ने समर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्होंने सभी नक्­सलियों को संविधान की प्रति देते हुए शांतिपूर्ण जीवन जीने की अपील की. बालाघाट पुलिस लाइन परिसर में आयोजित ‘पुनर्वास से पुर्नजीवन’ कार्यक्रम में आत्समर्पण करने वाले ये नक्सली भोरमदेव जंगल क्षेत्र में सक्रिय थे और इनपर मध्­यप्रदेश, छत्­तीसगढ़ एवं महाराष्­ट्र सरकार द्वारा 2 करोड़ 36 लाख का इनाम रखा गया था.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने नक्सलियों से सरकार की पुनर्वास योजना के तहत मुख्­यधारा से जुड़ने की अपील की और कहा कि जो कानून की राह अपनाते हैं, उनके पुनर्वास की ंिचता सरकार करेगी. उन्होंने कहा, “सरकार की पुनर्वास योजना केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार की गारंटी है. जो भी व्यक्ति ंिहसा छोड़कर आत्मसमर्पण करेगा, उसे सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और पुनर्वास का पूरा अवसर दिया जाएगा. सरकार का उद्देश्य हर उस व्यक्ति को सुरक्षित भविष्य देना है जो विकास और शांति की राह पर चलना चाहता है.” आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने मुख्यमंत्री को अपने हथियार सौंपे. इनमें चार महिला नक्सली भी शामिल हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सरकार मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, “लाल सलाम को अब आखिरी सलाम देने का समय आ गया है. इस अभियान को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के अदम्य साहस के कारण इसे अब जनवरी 2026 तक ही पूरा कर लेने का रोडमैप तैयार कर लिया गया है.” उन्होंने कहा कि एक भी व्यक्ति को हथियार उठाने की अनुमति नहीं है.

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नक्सल उन्मूलन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में कुल 10 खूंखार नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने ढेर किया, जिन पर एक करोड़ 46 लाख रुपए तक का इनाम था. मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में नक्सल विरोधी अभियान को सशक्त किया गया है.

उन्होंने कहा, “नए कैंप स्थापित किए गए हैं, ‘हॉक फोर्स’ और पुलिस बल में वृद्धि की गई है. साथ ही अधिकारियों और जवानों को सतत प्रोत्साहन दिया जा रहा है. इन कार्रवाइयों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी नक्सलवादियों द्वारा आत्मसमर्पण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.” उन्होंने कहा कि रोजगार और कौशल विकास के प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं और नागरिकों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. मकवाना ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस निर्धारित समय-सीमा में नक्सल मुक्ति के लिए प्रतिबद्ध है.

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