
दीर अल बला. गाजा पट्टी पर इजराइली हमले में तीन बच्चे और हमास संचालित पुलिस बल के दो उच्चाधिकारियों समेत 18 लोग मारे गए. फलस्तीनी और अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. इजराइल द्वारा मानवीय क्षेत्र घोषित किए गए मुवासी नाम के इलाके में लगाए गए एक तंबू पर बृहस्पतिवार तड़के हमला किया गया. इस इलाके में लगाए गए तंबुओं में हजारों विस्थापित लोग ठंड और बरसात से बचने के लिये रह रहे हैं.
दूसरा हमला मध्य गाज.ा पट्टी पर किया गया जहां कम से कम आठ फलस्तीनियों की मौत हो गई. अल अक्सा शोहदा अस्पताल के मुताबिक, मृतकों में स्थानीय समिति के सदस्य शामिल हैं जो सहायता काफिलों की मदद करते थे. अमेरिकी समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) के एक संवाददाता ने अस्पताल में हताहतों की संख्या की पुष्टि की. इजराइली सेना ने कहा कि उसने गाजा पट्टी में हमास के आंतरिक सुरक्षा तंत्र के एक वरिष्ठ सदस्य को निशाना बनाकर हमला किया. फलस्तीनी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में तीन बच्चों सहित नौ अन्य लोग मारे गए. यह हमला बृहस्पतिवार को तड़के मुवासी मानवीय क्षेत्र में स्थित एक तंबू पर किया गया.
सेना ने कहा कि गाजा में हमास द्वारा संचालित पुलिस बल के एक वरिष्ठ अधिकारी होसाम शाहवान खुफिया जानकारी जुटाने में शामिल थे जिसका इस्तेमाल हमास की सशस्त्र शाखा ने इजराइली बलों पर हमले के लिए किया. एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मेजर जनरल महमूद सला भी हमले में मारे गये. सेना का कहना है कि हमास के चरमपंथी नागरिकों के बीच छिपे हुए हैं और आम लोगों की मौत के लिए समूह को जिम्मेदार ठहराया है.
गाजा में हमास द्वारा संचालित सरकार में हजारों पुलिसकर्मी शामिल थे, जिन्होंने युद्ध शुरू होने से पहले उच्च स्तर की सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखी थी. इजराइल द्वारा निशाना बनाए जाने के बाद कई क्षेत्रों में पुलिस बड़े पैमाने पर सड़कों से गायब हो गई है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है.
यह युद्ध तब शुरू हुआ जब हमास के चरमपंथियों ने सात अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इज.राइल पर हमला कर दिया जिसमें 1200 लोगों की मौत हो गई थी तथा उसने करीब 250 लोगों को अगवा कर लिया था. करीब 100 लोगों को हमास ने अब भी बंधक बनाया हुआ है.
स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इजराइल के हवाई और जमीनी हमले में 45 हजार से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं.
मंत्रालय का कहना है कि मरने वालों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं. अधिकारियों ने हालांकि यह नहीं बताया कि मरने वालों में कितने आम नागरिक थे और कितने लड़ाके. वहीं, मीडिया संस्थान ‘अल जजीरा’ ने फलस्तीनी प्राधिकरण के उस निर्णय की निंदा की है जिसमें उसे कब्जा किए गए वेस्ट बैंक में उसे परिचालन करने से रोक दिया गया है, तथा कहा है कि यह निर्णय इजराइल द्वारा की गई इसी प्रकार की कार्रवाई की तर्ज पर लिया गया है. कतर स्थित प्रसारक ने बृहस्पतिवार को एक बयान में, पश्चिमी सर्मिथत प्राधिकरण पर “कब्जा किए गए क्षेत्रों में घटनाओं के बारे में सच्चाई को छिपाने की कोशिश करने का आरोप लगाया.”



