कांग्रेस का दावा: खजुराहो सीट के उम्मीदवारों को चुनाव न लड़ने का दबाव बना रही भाजपा
प्रतीकात्मक तस्वीर
भोपाल. मध्यप्रदेश की कांग्रेस ईकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर खजुराहो लोकसभा सीट के कुछ उम्मीदवारों को चुनाव मैदान से हटने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया. वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस तरह के दावे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की आंतरिक साजिशों को छिपाने के लिए हैं.
‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्ल्युसिव एलायंस’ के घटक दलों के बीच सीट-बंटवारे को लेकर हुए समझौते के तहत कांग्रेस ने खजुराहो लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी (सपा) को दे दी है. निर्वाचन अधिकारी ने शुक्रवार को खजुराहो से सपा उम्मीदवार मीरा यादव का नामंकन पत्र खारिज कर दिया था क्योंकि उन्होंने नामंकन पत्र में एक जगह हस्ताक्षर नहीं किए थे और पुरानी मतदाता सूची भी जमा नहीं की थी. नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया के बाद इस सीट पर मौजूदा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा समेत 14 उम्मीदवार मैदान में हैं.
पटवारी ने रविवार को संवाददाताओं से बात करते हुए दावा किया कि ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार और पूर्व सरकारी अधिकारी आर.बी प्रजापति ने उनसे मुलाकात की और कहा कि उन पर अपना नामांकन वापस लेने के लिए विभिन्न रणनीति के माध्यम से दबाव बनाया जा रहा है. पटवारी ने कहा कि प्रजापति ने इस संबंध में निर्वाचन आयोग से शिकायत की है. कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा देश के सबसे बड़े चुनाव में उन हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है, जो आम तौर पर पंचायत चुनाव में सुनने को मिलते हैं.
पटवारी ने दावा करते हुए कहा, ”जिला कलेक्टर (निर्वाचन अधिकारी) भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं और उन्होंने सपा उम्मीदवार के नामंकन पत्र को अमान्य कर दिया. लेकिन इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी…लेकिन बाकी उम्मीदवारों पर दबाव डाला जा रहा है. मुझे जानकारी मिली कि उनमें से कुछ का अपहरण कर लिया गया, कुछ को भूमिगत होने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन ऐसी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं होने दिया गया है.
उन्होंने कहा, ”क्या (प्रदेश) भाजपा अध्यक्ष बिहारी शैली में चुनाव लड़ना चाहते हैं, मैं आपसे क्षमा चाहता हूं, फिल्मी शैली की तरह, जहां उम्मीदवारों का अपहरण किया जाता है, पैसे से उन्हें खरीदा जाता है, धमकाया जाता है, प्रशासन के माध्यम से प्रताड़ित किया जाता है, या किसी भी तरह सभी उम्मीदवारों का पर्चा रद्द करवा दिए जाएंगे और निर्वाचित (निर्विरोध) हो जाएंगे .” पटवारी ने यह भी पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में इस तरह से चुनाव कराना चाहते हैं. कांग्रेस नेता ने मांग की कि भारत का चुनाव आयोग उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करे.
आरोपों के बारे में पूछे जाने पर भाजपा के राज्य सचिव रजनीश अग्रवाल ने पीटीआई-भाषा को बताया कि खजुराहो सीट से सपा उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने से ‘इंडिया’ गठबंधन में आंतरिक कलह सामने आ गया है. उन्होंने कहा, ”सपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने के बाद आंतरिक कलह और साजिशों को छिपाने के लिये वे इस तरह का बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं.” अग्रवाल ने कहा कि इन आरोपों का कोई आधार ही नहीं है क्योंकि भाजपा पहले से ही चुनाव लड़ रही है.
उन्होंने कहा, ”भाजपा पहले भी चुनाव जीत रही थी और अब भी जीतेगी.” मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल से 13 मई तक चार चरणों में मतदान होगा. खजुराहो और छह अन्य सीट पर 26 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होगा और इन निर्वाचन क्षेत्रों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि चार अप्रैल थी.
भाजपा मप्र में 2.58 लाख लोगों के पार्टी में शामिल होने के दावे को साबित करे : कांग्रेस
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई ने रविवार को सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उन 2.58 लाख लोगों की सूची जारी करने की चुनौती दी, जो कथित तौर पर उसके सदस्य बने हैं. भाजपा नेताओं ने दावा किया था कि दल में शामिल होने वाले अधिकतर नये सदस्य कांग्रेस छोड़कर आए हैं. पूर्व मंत्री और नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को दावा किया था कि पिछले तीन महीने में 2.58 लाख से अधिक लोग भाजपा में शामिल हुए हैं, जिनमें से 1.26 लाख लोगों ने अकेले छह अप्रैल को पार्टी की सदस्यता ली. उन्होंने यह भी दावा किया कि इनमें से अधिकतर कांग्रेस छोड़कर आए हैं.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भाजपा ने केवल उनकी पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं की सूची मीडिया को जारी की है, जिसमें 336 नेता शामिल हैं. पटवारी ने भाजपा पर फर्जी दावे के जरिये लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा, ”मैं उन्हें चुनौती देता हूं, क्या भाजपा उन 2.58 लाख कार्यकर्ताओं की सूची जारी करेगी जो उसके सदस्य बने हैं?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खनन, रेत, परिवहन और शिक्षा से जुड़े माफियाओं के सदस्यों की सरकार से सांठगांठ है और वे भाजपा में शामिल हो गए हैं.
पटवारी ने कहा, ”अनुशासनहीनता के कारण विभिन्न दलों से निष्कासित लोग भाजपा में शामिल हुए हैं. हम पहले ही ऐसे लोगों को निष्कासित कर चुके हैं.” आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा की राज्य इकाई के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उन कांग्रेस नेताओं के नाम बताए, जिन्होंने पटवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी छोड़ दी है.
सलूजा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम अहाके, विधायक कमलेश शाह, पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना, जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह और अन्य कांग्रेस नेताओं के नाम का उल्लेख किया, जिन्होंने हाल में भाजपा की सदस्यता ली है.
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल किया, ”पटवारी को बताना चाहिए कि क्या ये माफिया हैं?” पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी सवाल किये. प्रधानमंत्री दिन में जबलपुर में एक रोड शो में हिस्सा लेंगे. कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि ‘व्यापमं’ भर्ती घोटाले के आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
उन्होंने सवाल किया कि जब भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता, तो दिल्ली से भेजी गई पर्ची के आधार पर मोहन यादव को मुख्यमंत्री क्यों बनाया गया? उन्होंने प्रधानमंत्री से भाजपा द्वारा किए वादों को पूरा करने में कथित विफलता को लेकर भी सवाल किए जिनमें दो करोड़ नौकरियां और गेहूं एवं धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदारी शामिल है.
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नवभारत समाचार के वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार। निष्पक्ष पत्रकारिता एवं ताज़ा घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्टिंग।