
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा की रेजीनगर सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में ‘ममता आॅल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के उम्मीवार रबीउल आलम चौधरी ने शनिवार को एक नाटकीय घटनाक्रम में चुनाव मैदान से हटने की घोषणा की, लेकिन कुछ घंटों के बाद ही कहा कि पार्टी प्रमुख की इच्छानुसार उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया है।
यह घटनाक्रम नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी-नीत पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बैठक के बाद अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की (संचिता डे की) घोषणा के एक दिन बाद सामने आया। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक चौधरी ने मुर्शिदाबाद स्थित अपने घर पर संवाददाताओं से कहा, ”जमीनी स्तर के उन कार्यकर्ताओं को प्रेरित करना मेरे लिए मुश्किल होता जा रहा है, जिन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।
साथ ही, इतने कम समय में मतदाताओं को नए ‘फुटबॉलर’ चुनाव चिह्न से परिचित कराना भी एक मुश्किल काम है। मौजूदा हालात के मद्देनजर मैंने कल रात ममता दी को अपने फैसले (चुनाव न लड़ने) के बारे में बता दिया था… देखते हैं क्या होता है।” चौधरी ने हालांकि कुछ घंटों बाद ही अचनाक बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ”मैं उपचुनाव लड़ूंगा।
पार्टी प्रमुख (बनर्जी) के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मुझे सुरक्षा का भरोसा दिया है… मेरी पार्टी प्रमुख से बात हुई है, जिन्होंने मुझे चुनाव मैदान से न हटने के लिए कहा। मैंने बेलडांगा पुलिस थाना के अधिकारियों से मुलाकात की है और उन्होंने भी मुझे और मेरे कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा का भरोसा दिया है।”
उन्होंने कहा, ”मैं अपने पहले के फैसले को वापस ले रहा हूं। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि हमारे किसी भी कार्यकर्ता को प्रताड़ना का सामना न करना पड़े। भले ही मेरे पास 10 कार्यकर्ता ही क्यों न हों, मैं जीतूंगा।” तृणमूल कांग्रेस पार्टी के नाम और ‘जोड़ा फूल-घास’ वाले चुनाव चिह्न को लेकर प्रतिद्वंद्वी गुट के साथ चल रही तीखी लड़ाई के बीच, निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट को ‘फुटबॉलर’ चुनाव चिह्न और ‘ममता आॅल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम आवंटित किया है। अरूप रॉय के नेतृत्व वाले विरोधी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।



