नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि वह दो जून को आत्मसमर्पण करेंगे और एक भावनात्मक अपील में लोगों से कहा कि उनके जाने के बाद वे उनके वृद्ध और बीमार माता-पिता की देखभाल करें. केजरीवाल ने कहा, “मैं रविवार को अपराह्न करीब तीन बजे आत्मसमर्पण करने के लिए अपने घर से निकलूंगा. हो सकता है कि इस बार वे मुझे और प्रताड़ित करें, लेकिन मैं झुकूंगा नहीं.”
उन्होंने दिल्ली की जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी अनुपस्थिति में भी उन्हें मिलने वाली सभी सुविधाएं जारी रहेंगी. उन्होंने कहा, ”आप अपना ख्याल रखना, मुझे जेल में आपकी बहुत चिंता होती है. यदि आप खुश रहेंगे तो आपका केजरीवाल भी खुश रहेगा.” उन्होंने एक डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”मैं आपके बीच नहीं रहूंगा, लेकिन आप चिंता न करें, आपके सारे काम चलते रहेंगे… और वापस लौटने के बाद मैं हर मां-बहन को हर महीने 1000 रुपये देना भी शुरू करूंगा.” केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से कहा कि वे उनके बुजुर्ग और बीमार माता-पिता की देखभाल करें. केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने हमेशा “आपके परिवार के बेटे” के तौर पर अपना कर्तव्य निभाया है.
उन्होंने कहा, “आज मैं आपसे अपने परिवार के लिए कुछ मांगना चाहता हूं. मेरे माता-पिता बहुत बूढ़े हैं, मेरी मां बहुत बीमार हैं. मुझे जेल में उनकी बहुत चिंता होगी. मेरे जाने के बाद मेरे माता-पिता का ख्याल रखना, उनके लिए प्रार्थना करना, भगवान से प्रार्थना करना. प्रार्थना में बहुत शक्ति होती है. अगर आप मेरी मां के लिए रोजाना प्रार्थना करेंगे, तो वह निश्चित रूप से स्वस्थ रहेंगी.” केजरीवाल ने कहा कि उनकी पत्नी सुनीता जीवट वाली महिला हैं और उन्होंने जीवन के हर मुश्किल दौर में उनका साथ दिया है.
उन्होंने कहा, ”जब मुश्किल समय आता है तो पूरा परिवार साथ देता है, आप सभी ने मुश्किल समय में मेरा बहुत साथ दिया है. आपकी दुआओं की वजह से ही मैं आज जिंदा हूं और आपका आशीर्वाद भविष्य में भी मेरी रक्षा करेगा. अंत में मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि भगवान ने चाहा तो आपका बेटा बहुत जल्द वापस आ जाएगा.” उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि 24 घंटे मुफ्त बिजली और महिलाओं के लिए बस यात्रा समेत उन्हें मिलने वाली सभी सुविधाएं जारी रहेंगी.
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को उच्चतम न्यायालय ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए एक जून तक अंतरिम जमानत प्रदान की थी. जेल से रिहा होने के बाद केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार किया.
केजरीवाल ने कहा, “हम सब मिलकर तानाशाही से लड़ रहे हैं… अगर देश को बचाते हुए मुझे कुछ हो जाए, मेरी जान भी चली जाए, तो दुखी मत होना.”
उन्होंने कहा, ”मैं परसों तिहाड़ जेल वापस जाऊंगा. मुझे नहीं पता कि इस बार ये लोग मुझे कितने दिन जेल में रखेंगे. लेकिन मेरा हौसला बुलंद है.” उन्होंने कहा, ”मुझे गर्व है कि मैं देश को तानाशाही से बचाने के लिए जेल जा रहा हूं. उन्होंने मुझे (मनोबल) तोड़ने की कई तरह से कोशिश की, मुझे झुकाने की कोशिश की और मुझे चुप कराने की कोशिश की. लेकिन वे सफल नहीं हुए.” आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि हाल ही में जब वह जेल में थे, तो उन्हें कई तरह से “प्रताड़ित” किया गया. उन्होंने कहा कि उनकी दवाएं बंद कर दी गई थीं.
उन्होंने कहा, ”मैं 20 साल से गंभीर मधुमेह से पीड़ित हूं. पिछले 10 सालों से मुझे रोजाना इंसुलिन के इंजेक्शन लग रहे हैं. मेरे पेट में हर दिन चार बार इंजेक्शन लगते हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में कई दिनों तक उनके इंसुलिन इंजेक्शन बंद कर दिए गए थे.
उन्होंने कहा कि उनका शुगर लेवल 300, 325 (एमजी/डीएल) तक पहुंच गया था. उन्होंने कहा कि अगर शुगर इतने दिनों तक इतना अधिक रहता है, तो किडनी और लीवर खराब हो जाते हैं.
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ये लोग क्या चाहते थे और उन्होंने ऐसा क्यों किया.” जेल में रहने के दौरान वजन में हुई कमी के बारे में बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि जेल में 50 दिनों के दौरान उनका वजन छह किलोग्राम कम हो गया. उन्होंने कहा, “जब मैं जेल गया था, तब मेरा वजन 70 किलोग्राम था. आज यह 64 किलोग्राम है. जेल से रिहा होने के बाद भी मेरा वजन नहीं बढ़ रहा है.” केजरीवाल ने कहा कि चिकित्सक कह रहे हैं कि यह उनके शरीर में किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है. उनके पेशाब में कीटोन का स्तर भी काफी बढ़ गया है और कई टेस्ट करवाने की जरूरत है.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें “झूठ बोलने की बीमारी” है. उन्होंने कहा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री (अरविंद केजरीवाल) ने कहा है कि उन्हें गंभीर बीमारी है. मैं उनकी बात से सहमत हूं. उन्हें झूठ बोलने की बीमारी है.” सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल ने चुनाव प्रचार किया. हालांकि, अब जब उनके जेल जाने का समय आ गया है तो वह सबको अपनी बीमारियों की याद दिला रहे हैं.