मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के दिन टीएमसी और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप

तृणमूल कांग्रेस नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होगी: सुदीप बंद्योपाध्याय

कोलकाता/नयी दिल्ली.  नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने से कुछ घंटे पहले रविवार को तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया. कोलकाता के महापौर और तृणमूल नेता फिरहाद हकीम ने भविष्यवाणी की कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार लंबे समय तक नहीं चलेगी, वहीं भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने सुझाव दिया कि हकीम को अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में अधिक चिंतित होना चाहिए.

पश्चिम बंगाल के बैरकपुर निर्वाचन क्षेत्र में तृणमूल उम्मीदवार से पराजित हुए सिंह ने पुष्टि की कि उन्हें रविवार को नयी दिल्ली में मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण मिला है. पार्टी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रुख को दोहराते हुए हकीम ने संवाददाताओं से कहा कि राजग सरकार अल्पकालिक होगी और उन्होंने शपथ ग्रहण को ह्लअस्थायीह्व बताया.

शनिवार को बनर्जी ने कहा था कि भले ही विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने अभी सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह बाद में ऐसा नहीं करेगी. तृणमूल कांग्रेस के सांसदों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ह्लदेखो और इंतजार करोह्व का रुख अपनाएगी और उम्मीद जताई कि ह्लकमजोर और अस्थिरह्व भाजपा नीत राजग सरकार सत्ता से हटा दी जाएगी.

मोदी के पास नेहरू जैसा जनादेश नहीं है: सुदीप बंद्योपाध्याय

तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने रविवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी भले ही तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन उनके पास जवाहरलाल नेहरू जैसा जनादेश नहीं है, जो लगातार तीन कार्यकाल तक प्रधानमंत्री रहे थे.
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता के रूप में फिर से चुने गए बंद्योपाध्याय ने यह भी कहा कि विपक्ष संसद के कामकाज में सकारात्मक भूमिका निभाएगा.

उन्होंने कहा, ”लोगों ने उनके (प्रधानमंत्री मोदी) पक्ष में कुछ समर्थन दिया है… लेकिन उनके (मोदी) पास नेहरू जी की तरह जनादेश नहीं है.” बंद्योपाध्याय ने कहा, ”सरकार रविवार को शपथ लेने जा रही है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार ठीक है, लेकिन हमारी नेता ममता बनर्जी ने कल घोषणा की है कि यह सरकार लंबे समय तक नहीं चल सकती.” नेहरू ने 1962 में तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जब कांग्रेस ने 361 सीट पर जीत दर्ज की थी, जो 1957 के लोकसभा चुनाव में मिली सीट से 10 कम थी.
इस चुनाव में मिली बढ.त से उत्साहित विपक्ष द्वारा संसद की कार्यवाही में निभाई जाने वाली भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यदि सदन में उचित प्रबंधन होता तो भूमिका अधिक रचनात्मक होगी.

उन्होंने कहा, ”विपक्ष की भूमिका सकारात्मक रहेगी. हम अपने फैसले खुद लेंगे… हम भी ‘इंडिया’ गठबंधन के भागीदार हैं. यदि सदन में उचित प्रबंधन हो तो विपक्ष की भूमिका अधिक रचनात्मक होगी.” तृणमूल कांग्रेस ने इस बार लोकसभा में अपनी स्थिति में सुधार किया है और पश्चिम बंगाल की 42 में से 29 सीट पर जीत दर्ज की है. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बाद यह तीसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है. लोकसभा में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के 234 सांसद हैं, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के 293 सांसद हैं.

तृणमूल कांग्रेस नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होगी: सुदीप बंद्योपाध्याय

तृणमूल कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री पद के लिए नामित नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होगी. पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने यह जानकारी दी. बंदोपाध्याय ने कहा, ”भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रह्लाद जोशी ने हमें शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन हमारी पार्टी ने फैसला किया है कि हम समारोह में शामिल नहीं होंगे.” तृणमूल सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को एलान किया था कि उनकी पार्टी नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं शामिल होगी.

उन्होंने कहा था, ”न तो हमें आमंत्रित किया गया और न ही हम समारोह में शामिल होंगे.” नरेन्द्र मोदी रविवार शाम 7.15 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. समारोह से पहले, मंत्रिपरिषद में शपथ लेने वाले संभावित मंत्री प्रधानमंत्री आवास पर जलपान कार्यक्रम में शामिल होंगे. सूत्रों के अनुसार, बंगाल से भाजपा के 12 सांसदों में से एक शांतनु ठाकुर को भी मंत्री पद की शपथ दिलाए जाने की संभावना है. बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के पूर्व मंत्री ठाकुर ने जलपान कार्यक्रम के लिए निमंत्रण मिलने की न तो पुष्टि की और न ही इससे इनकार किया. सांसदों के साथ हुई बैठक में ममता ने यह दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक सरकार (राजग) अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी.
बैठक में मौजूद तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ”ममता दीदी ने हमें बताया कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भाजपा को बहुमत नहीं मिलने के कारण राजग सरकार लंबे समय तक नहीं टिक पाएगी.”

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