छत्तीसगढ़ : सरकार ने हिंसा के बाद बलौदाबाजार जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का तबादला किया

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में धार्मिक स्तंभ को नुकसान पहुंचाने के विरोध में सोमवार को सतनामी समाज के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद राज्य सरकार ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया. राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग ने मंगलवार देर रात तबादला आदेश जारी किया. आदेश के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिलाधिकारी केएल चौहान को विशेष सचिव (बिना किसी विभाग के) के पद पर मंत्रालय (सचिवालय) में स्थानांतरित किया गया है.

राज्य सरकार ने सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार दीपक सोनी को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया है. सोनी के पास मनरेगा आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी है. इसके अलावा राज्य सरकार ने 2010 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार का तबादला पुलिस मुख्यालय रायपुर में उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर कर दिया है.

राज्य सरकार ने कुमार के स्थान पर सरगुजा जिले के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है. इसके साथ ही माना रायपुर में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) की चौथी बटालियन के कमांडेंट योगेश पटेल का तबादला सरगुजा जिले के पुलिस अधीक्षक के पद पर किया गया.

सोमवार को एक धार्मिक ढांचे को कथित रूप से तोड़े जाने के खिलाफ सतनामी समाज द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बलौदाबाजार शहर में एक सरकारी कार्यालय और दोपहिया व चार पहिया वाहनों सहित 150 से अधिक वाहनों में आग लगा दी थी.
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के गिरौदपुरी धाम में 15 और 16 मई की रात अमर गुफा के निकट अज्ञात व्यक्तियों ने सतनामी समाज द्वारा पूजे जाने वाले प्रतीक ‘जैतखाम’ या ‘विजय स्तंभ’ को क्षतिग्रस्त कर दिया था.

पुलिस ने बाद में इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. घटना के विरोध में समुदाय ने सोमवार को दशहरा मैदान बलौदाबाजार में प्रदर्शन और जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने का आह्वान किया था. विरोध प्रदर्शन के दौरान आगजनी और पथराव होने के कारण जिला प्रशासन ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी, जिसके तहत 16 जून तक बलौदाबाजार शहर में चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई.

बलौदाबाजार-भाटापारा के पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने मंगलवार को बताया था कि आगजनी की घटना के संबंध में सात प्राथमिकी दर्ज की गई और घटना में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस की 12 टीमें गठित की गई. राज्य के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने मंगलवार को कांग्रेस नेताओं पर विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया.

बघेल ने कहा, ”कांग्रेस नेताओं ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आगजनी और लूट की घटना को बढ़ावा दिया. यह घटना कांग्रेस की सोची-समझी साजिश का नतीजा है. कंपोजिट बिल्डिंग (जिसमें जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य कार्यालय हैं) को जला दिया गया और तीन दमकल गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया. इस घटना में करीब 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए. आम लोगों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया.” उन्होंने दावा किया कि बलौदाबाजार रजिस्ट्री अधिकारी के पास संपत्ति की रजिस्ट्री कराने आए लोगों से लाखों रुपये लूट लिए गए.

मंत्री ने कहा कि घटना के सिलसिले में अब तक आगजनी करने वाले दो सौ से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि मंत्री अपनी सरकार की विफलता को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार देर शाम अपने सरकारी आवास पर सतनामी समाज के सदस्यों से मुलाकात की और घटना पर चर्चा की.

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