कान फिल्म महोत्सव में पाकिस्तानी फिल्म ‘जॉयलैंड’ का जलवा

कान. लाहौर के सैम सादिक ने उस समय इतिहास रच दिया, जब उनकी फिल्म ‘जॉयलैंड’ कान फिल्म महोत्सव में प्रदर्शन के लिए आधिकारिक तौर पर चुनी जाने वाली किसी पाकिस्तानी लेखक-निर्देशक की पहली फिल्म बन गई।

कोलंबिया यूनिर्विसटी से कला में परास्रातक सादिक ने महोत्सव में ‘जॉयलैंड’ का परिचय देते हुए कहा, “अब से मेरा जीवन ‘प्री-जॉयलैंड’ और ‘पोस्ट-जॉयलैंड’ होगा।” 31 वर्षीय सादिक की इस फिल्म के शुक्रवार शाम एक और इतिहास रचने की संभावना है, जब ‘अन-सर्टेन’ पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम अन-सर्टेन अवॉर्ड जीतने की उम्मीद कर रहे हैं।” सादिक की 2019 में प्रर्दिशत फिल्म ‘डार्लिंग’ ने 76वें वेनिस फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार जीता था। ‘जॉयलैंड’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इसी फिल्म से प्रेरित बताया जाता है।

सादिक ने कहा, “मैंने ‘जॉयलैंड’ का फिल्मांकन नवंबर में पूरी कर लिया था। मैं फिल्म का संपादन कर रहा था, तभी मैंने कान महोत्सव के आधिकारिक चयन के लिए आवेदन करने का फैसला किया। मेरा इरादा हर मंच पर अपनी फिल्म का प्रदर्शन करने का था।”

‘जॉयलैंड’ एक ऐसे युवक की कहानी बयां करती है, जो पाकिस्तान के रूढ़िवादी परिवार में पैदा होता है और एक इरॉटिक थिएटर (कामुक नाटकों का मंचन करने वाला थिएटर) में नौकरी करने लगता है, जहां उसका रिश्ता एक किन्नर से जुड़ जाता है। इसके बाद उसके परिवार में बड़े पैमाने पर उसका विरोध होने लगता है। विरोध करने वालों में युवक की पत्नी भी शामिल है।

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