
कोलकाता. बॉलीवुड के मशहूर गायक कृष्णकुमार कुन्नथ (केके) का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी हृदय धमनियों में कई अवरोध (ब्लॉकेज) थे और समय पर सीपीआर दिया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी. सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन) में बेहोश व्यक्ति की छाती पर दबाव दिया जाता है और कृत्रिम सांसें दी जाती हैं, जिससे फेफड़ों को आॅक्सीजन मिलती रहे. इससे दिल का दौरा पड़ने और सांस न ले पाने जैसी स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है. केके का मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया था. इससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने कोलकाता के ‘नजरुल मंच’ पर आयोजित एक कार्यक्रम में प्रस्तुति दी थी.
चिकित्सक ने नाम उजागर न करने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘ उनकी (केके की) बाईं मुख्य कोरोनरी धमनी में एक बड़ा अवरोध और विभिन्न अन्य धमनियों तथा उप-धमनियों में छोटे अवरोध थे. जनता के सामने प्रस्तुति के दौरान अत्यधिक उत्तेजना के कारण रक्त प्रवाह रुक गया, जिससे उनकी हृदय गति रुक गई और उनका निधन हो गया.’’ चिकित्सक ने कहा कि गायक के बेहोश होते ही उन्हें सीपीआर दिया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी. उन्होंने कहा कि गायक को लंबे समय से हृदय संबंधी समस्याएं थीं, जिनका कोई इलाज नहीं हुआ था.
चिकित्सक ने कहा, ‘‘गायक की बाईं मुख्य कोरोनरी धमनी में 80 प्रतिशत अवरोध और विभिन्न अन्य धमनियों तथा उप-धमनियों में छोटे अवरोध थे. कोई भी धमनी पूरी तरह बंद नहीं थी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मंगलवार को प्रस्तुति के दौरान, गायक मंच पर घूम रहे थे और कई बार भीड़ के साथ नाच भी रहे थे, जिससे अत्यधिक उत्तेजना पैदा हुई और रक्त प्रवाह रुक गया. इससे उनकी हृदय गति रुक गई.’’ चिकित्सक ने कहा कि अत्यधिक उत्तेजना से कुछ क्षणों के लिए रक्त प्रवाह रुक गया, जिससे कुछ समय के लिए दिल की धड़कन अनियमित हो गई.
उन्होंने कहा, ‘‘इस वजह से केके बेहोश हो गए और उनकी दिल की गति रुक गई. अगर उन्हें तुरंत सीपीआर दिया गया होता, तो उनकी जान बच सकती थी.’’ चिकित्सक ने कहा कि पोस्टमार्टम में सामने आया है कि गायक ‘एंटासिड’ ले रहे थे, ‘‘शायद उन्हें दर्द होता होगा और उन्होंने उसे पाचन संबंधी समस्या समझ लिया.’’ ‘एंटासिड’ ऐसी दवाएं होती हैं, जो अपच और सीने की जलन को दूर करने के लिए ली जाती हैं. कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केके की पत्नी ने गायक के ‘एंटासिड’ लेने की पुष्टि की है. आईपीएस अधिकारी ने कहा, ‘‘गायक ने अपनी पत्नी से फोन पर हुई बातचीत के दौरान बताया था कि उनके हाथ और कंधे में दर्द है.’’ पुलिस को केके के होटल के कमरे से भी कई ‘एंटासिड’ गोलियां मिली हैं.
गायक के शव का पोस्टमार्टम करने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा और उसकी वीडियो भी बनाई गई है. इसमें सामने आया है कि तीन घंटे तक प्रस्तुति देने के बाद दिल का दौरा पड़ने से गायक की मौत हुई. उनकी मौत के पीछे कोई साजिश नहीं थी. पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है. केके ने अपने करियर में कई हिट गीत दिए. ‘यारों’, ‘तड़प तड़प के’, ‘बस एक पल’, ‘आंखों में तेरी’, ‘कोई कहे’, ‘इट्स द टाइम टू डिस्को’ आदि केके के मशहूर गीतों में शुमार हैं. उन्होंने ंिहदी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, मराठी और बांग्ला समेत कई भाषाओं के गीत भी गाए.
भाजपा सासंद ने केंद्रीय एजेंसी से जांच के लिए अमित शाह को पत्र लिखा
भाजपा सांसद सौमित्र खान द्वारा बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर केके की मौत की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की अपील करने तथा उनके पार्टी सहयोगी दिलीप घोष द्वारा ‘ उनकी हत्या की साजिश रचे जाने’ का आरोप लगाये जाने के साथ ही बॉलीवुड गायक कृष्णकुमार कुन्नाथ (के के) के निधन पर पश्चिम बंगाल की राजनीति में दूसरे दिन भी उबाल आया रहा.
इन आरोपों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया जतायी. उसने इसे भाजपा की ‘गिद्ध राजनीति’ करार देते हुए उससे मौत का राजनीतिकरण नहीं करने का अनुरोध किया.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को बताया था कि के. के. के पोस्टमार्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में किसी गड़बड़ी से इनकार किया गया है और उनकी मौत की वजह हृदय गति का रूकना बताया गया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गायक को ‘लंबे समय से हृदय संबंधी परेशानियां थीं. यहां 31 मई को एक संगीत कार्यक्रम के बाद के. के. की मृत्यु हो गयी थी. खान ने कहा, ‘‘ मैंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है और किसी केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच की मांग की है. हमें राज्य की पुलिस पर भरोसा नहीं है. इस मामले की, पुलिस एवं आयोजकों की भूमिका की जांच की जरूरत है.’’ उन्होंने अपने ट्विटर एकाउंट पर इस पत्र की प्रति भी डाली.
भाजपा उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने आरोप लगाया, ‘‘ के. के. की मृत्यु साजिश है. यह हत्या है. एक व्यक्ति प्रदर्शन करने बंगाल आया और मर गया. अमित शाह ने एक बार कहा था कि यदि आप बंगाल जायेंगे, आप मर जायेंगे. यह कोई कॉलेज कार्यक्रम नहीं था. यह तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम था. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ सभागार में क्षमता से अधिक लोग थे. वह ठीक नहीं महसूस कर रहे थे लेकिन उन्हें सभागार में एक के बाद एक गाना गाने के लिए बाध्य किया गया. वह वहां से जाना चाहते थे लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाये. क्या यह उन्हें मार डालने की साजिश नहीं थी? क्या यह हत्या नहीं है?’’
वरिष्ठ तृणमूल नेता एवं विधायक तापस राय ने इन आरोपों को ‘ बेबुनियाद’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा जान पड़ता है कि खान एवं घोष कुंठित हो गये हैं. अपनी ही पार्टी में घिर जाने के बाद वे अब कुछ नंबर बनाना चाहते हैं. पोस्टमार्टम में किसी गड़बड़ी से इनकार किया गया है और संकेत दिया गया है कि हृदय गति रूक जाने से उनकी मृत्यु हुई.’’ तृणमूल महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ‘‘ वे (भाजपा नेता) एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना का राजनीतिकरण करने की चेष्टा कर रहे हैं. वह पेशेवर गायक थे और कार्यक्रम के बाद बीमार पड़ गये. उन्हें (भाजपा नेताओं को) ऐसी गिद्ध राजनीति बंद कर देनी चाहिए. ’’



