जम्मू-कश्मीर में जनादेश पलटने का भाजपा का मंसूबा, हम सतर्क हैं: कांग्रेस

पार्टी की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष को ईडी का समन मिला, हम खामोश होने वाले नहीं हैं: कांग्रेस

नयी दिल्ली/श्रीनगर. कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने से एक दिन पहले, सोमवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मंसूबा इस केंद्रशासित प्रदेश में जनादेश पलटने का है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि कांग्रेस-नेकां गठबंधन के पक्ष में आने वाले लोगों के फैसले को नकारने के लिए दुर्भावनापूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में -18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को मतदान हुआ था. मतगणना मंगलवार को होनी है. जम्मू-कश्मीर में 10 साल के अंतराल पर तथा 2019 में राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित किये जाने के बाद ये चुनाव हुए हैं.

रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”आसन्न हार को देखते हुए भाजपा बहुमत हासिल करने के लिए हताशापूर्ण खेल, खेल रही है और अपनी चाल में मदद मिल जाए, उसके लिए त्रिशंकु विधानसभा की उम्मीद कर रही है.” उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा जानती है कि जम्मू कश्मीर के लोगों ने कांग्रेस-नेकां गठबंधन को स्पष्ट जनादेश दिया है.

कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, ”इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को खत्म करने के लिए, उन्होंने अपनी स्वयंभू फर्जी ‘चाणक्य-नीति’ के पुराने तरीकों का सहारा लिया है. हमारे पास यह कहने के लिए स्पष्ट जानकारी और आधार है कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस-नेशनल कॉंन्फ्रेंस गठबंधन के पक्ष में (आने वाले) जनादेश को नकारने के लिए दुर्भावनापूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं.” रमेश ने कहा, ”हम इस तरह के नापाक मंसूबों को विफल करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे.”

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”जम्मू-कश्मीर में जनादेश को स्पष्ट खतरा है. कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर है, लेकिन भाजपा लोकतांत्रिक जनादेश को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है और उसका मंसूबा किसी भी तरीके से इसे पलटने का है.” उन्होंने कहा, ”हम उनकी सभी चाल से सतर्क हैं और उन्हें हमारे लोकतंत्र का अपहरण नहीं करने देंगे. जनादेश को बदलने के लिए संस्थानों और केंद्र की शक्तियों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”

इल्तिजा ने पांच सदस्यों के मनोनयन के कदम पर कहा: मतगणना से पहले बेशर्मी के साथ की गयी गड़बड़ी

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) नेता इल्तिजा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि उपराज्यपाल को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पांच सदस्यों को मनोनीत करने का अधिकार देना चुनाव में “नतीजे से पहले की गई बेशर्मी” है. इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”उपराज्यपाल द्वारा मनोनीत सभी पांच विधायक या तो भाजपा के सदस्य हैं या पार्टी से जुड़े हैं. नतीजों से पहले की गई बेशर्म धोखाधड़ी और शर्मनाक हेराफेरी.” उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि जम्मू-कश्मीर में 1987 के चुनावों में हुई धांधली से कोई सबक नहीं सीखा गया.

उन्होंने कहा, ”इसके बजाय सभी 90 सदस्यों को मनोनीत किया जा सकता था. चुनाव क्यों करवाए गए? वर्ष 1987 के चोरी के चुनाव परिणाम ने जम्मू-कश्मीर को (किस) कगार पर पहुंचा दिया. फिर भी कोई सबक नहीं सीखा गया?” सरकार गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोधी मोर्चे को अपनी पार्टी के समर्थन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पीडीपी का वरिष्ठ नेतृत्व चुनाव परिणाम आने के बाद इस पर फैसला लेगा.

उन्होंने कहा, ”अनावश्यक अटकलें. मैं अपनी बात स्पष्ट कर दूं. पीडीपी का वरिष्ठ नेतृत्व धर्मनिरपेक्ष मोर्चे को समर्थन देने के बारे में चुनाव परिणाम आने के बाद ही फैसला करेगा. यह हमारा आधिकारिक रुख है.” नब्बे-सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए मतों की गिनती मंगलवार को होगी.

पार्टी की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष को ईडी का समन मिला, हम खामोश होने वाले नहीं हैं: कांग्रेस

कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि उसकी मणिपुर इकाई के अध्यक्ष को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का समन मिला है जो प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस इस तरह के कदमों से खामोश होने वाली नहीं है.

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मणिपुर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. मेघचंद्र सिंह मई 2023 से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और भाजपा के खिलाफ निडरता और आक्रामक तरीके से बोल रहे हैं कि किस तरह से उन्होंने मणिपुर को बर्बाद किया है.” उन्होंने कहा, ”आज उन्हें ईडी से समन मिला है. यह प्रतिशोध, उत्पीड़न और बदले की राजनीति के अलावा और कुछ नहीं है.”

रमेश ने दावा किया, ”यह कार्रवाई राज्य में केंद्र सरकार की घोर विफलताओं को छिपाने के लिए है, जो 17 महीने पहले राज्य में हिंसा शुरू होने के बाद से मोदी जी के राज्य का दौरा करने से इनकार करने में परिलक्षित होती है.” उनका कहना था, ”जो डरते हैं, वो डराते हैं. कांग्रेस कभी चुप नहीं होगी.”

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