श्रीनगर. नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि नेकां-कांग्रेस सरकार अपनी पहली ही मंत्रिमंडल की बैठक में जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाला एक प्रस्ताव पारित करेगी. अब्दुल्ला ने यहां पत्रकारों से कहा, ”मुझे उम्मीद है कि सरकार गठन के बाद पहली बैठक में मंत्रिमंडल, राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए केंद्र पर दबाव डालने के वास्ते एक प्रस्ताव पारित करेगा. इसके बाद सरकार इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री के पास भेजेगी.” उन्होंने उम्मीद जतायी कि दिल्ली के विपरीत जम्मू-कश्मीर में सरकार सुचारू रूप से काम कर पाएगी.
उन्होंने कहा, ”हमारे और दिल्ली के बीच एक फर्क है. दिल्ली कभी एक राज्य नहीं रहा. किसी ने दिल्ली को राज्य का दर्जा देने का वादा नहीं किया. जम्मू-कश्मीर 2019 से पहले राज्य था. हमसे प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया, जिन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में तीन कदम उठाए जाएंगे – परिसीमन, चुनाव और फिर राज्य का दर्जा.” अब्दुल्ला ने कहा, ”परिसीमन हो गया, अब चुनाव भी हो गए हैं. इसलिए केवल राज्य का दर्जा देना बाकी है जिसे जल्द ही बहाल किया जाना चाहिए.” यह पूछे जाने पर कि जम्मू-कश्मीर सरकार तथा केंद्र के बीच समन्वय कितना जरूरी है, इस पर उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली से टकराव लेकर कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता.
नेकां नेता ने कहा, ”पहले सरकार बनने दीजिए. यह सवाल मुख्यमंत्री से पूछा जाना चाहिए. नयी दिल्ली के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध होने चाहिए. मेरी उन्हें (मुख्यमंत्री) सलाह होगी कि हम केंद्र के साथ टकराव करके किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं कर सकते.” अब्दुल्ला ने कहा, ”ऐसा नहीं है कि हम भाजपा की राजनीति स्वीकार करेंगे या भाजपा हमारी राजनीति स्वीकार करेगी. हम भाजपा का विरोध करते रहेंगे लेकिन केंद्र का विरोध करना हमारी मजबूरी नहीं है.”
उन्होंने कहा, ”केंद्र के साथ अच्छे रिश्ते रखना जम्मू-कश्मीर और उसके लोगों के लिए फायदेमंद होगा. लोगों ने टकराव के लिए वोट नहीं किया है. जम्मू-कश्मीर के लोगों ने इसलिए वोट दिया है क्योंकि वे रोजगार चाहते हैं, वे विकास चाहते हैं, वे राज्य का दर्जा बहाल कराना चाहते हैं, वे बिजली तथा अन्य समस्याओं से छुटकारा चाहते हैं और नयी दिल्ली से टकराव करके इनका समाधान नहीं निकलेगा.” अब्दुल्ला ने कहा कि नेकां सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए बृहस्पतिवार को विधायक दल की एक बैठक बुलाएगी.
भाजपा से अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग करना मूर्खता : उमर
नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि जिन लोगों ने अनुच्छेद 370 को छीना, उन्हीं से इसकी बहाली की उम्मीद करना “मूर्खतापूर्ण” होगा, लेकिन उनकी पार्टी इस मुद्दे को जीवित रखेगी और इसे उठाती रहेगी. अब्दुल्ला से जब पूछा गया कि सरकार गठन के बाद इस मामले पर उनकी पार्टी का क्या रुख होगा, तो उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “हमारा राजनीतिक रुख नहीं बदलेगा. हमने कभी नहीं कहा कि हम अनुच्छेद 370 पर चुप रहेंगे या अनुच्छेद 370 अब हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं है.” नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने उम्मीद जताई कि देश में नयी सरकार आने पर जम्मू-कश्मीर के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए जाएंगे.
उन्होंने कहा, “मैंने चुनावों से पहले कई बार कहा है कि जिन लोगों ने अनुच्छेद 370 छीना, उनसे इसकी बहाली की उम्मीद करना मूर्खता होगी.” अब्दुल्ला ने कहा, “लेकिन हम इस मुद्दे को जिंदा रखेंगे. हम इस पर बात करते रहेंगे और उम्मीद करते हैं कि कल देश में सरकार बदलेगी, एक नयी व्यवस्था आएगी जिसके साथ हम इस पर चर्चा कर सकेंगे और जम्मू-कश्मीर के लिए कुछ हासिल कर पाएंगे.”
जम्मू-कश्मीर के बीच मतभेदों को कम करना हमारी सरकार का लक्ष्य होगा: फारूक अब्दुल्ला
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में नेकां-कांग्रेस सरकार का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश के दोनों क्षेत्रों के बीच मतभेदों को कम करना और हिंदुओं में विश्वास पैदा करना होगा. अब्दुल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”हमें जम्मू और कश्मीर के बीच पैदा किए गए मतभेदों को कम करना होगा. हमारा प्रयास होना चाहिए कि वहां (जम्मू) के हिंदुओं को हम पर यह भरोसा हो कि हम उनके बारे में उसी तरह सोचेंगे जैसे कश्मीर के बारे में सोचते हैं.”
उन्होंने कहा, ”हम दोनों क्षेत्रों के बीच कोई भेदभाव नहीं करेंगे. इससे क्या फर्क पड़ता है कि उन्होंने हमें वोट नहीं दिया. उनकी समस्याओं का समाधान करना हमारा कर्तव्य है.” नेकां प्रमुख ने कहा कि नयी सरकार के सामने कई चुनौतियां होंगी. उन्होंने कहा, ”सबसे बड़ी चुनौतियां महंगाई और बेरोजगारी की हैं. हमें अपने युवाओं के लिए अवसर पैदा करने होंगे.” फारुक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि वह तय करेंगे कि सरकार का कौन नेतृत्व करेगा. फारूक के बेटे उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि गठबंधन तय करेगा कि कौन मुख्यमंत्री होगा. अपने बेटे के बयान के बारे में पूछे जाने पर फारूक ने कहा, ”मैंने जो तय किया है, वही होगा.” नेकां अध्यक्ष ने मंगलवार को कहा था कि उमर अब्दुल्ला नयी सरकार के मुख्यमंत्री होंगे.