नयी दिल्ली. दिल्ली के रोहिणी में रविवार सुबह प्रशांत विहार स्थित सीआरपीएफ स्कूल के पास जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया. इस धमाके में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती जांच के मुताबिक यह देसी बम से किया गया धमाका हो सकता है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और दिल्ली पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी और फॉरेंसिक टीम ने विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल से नमूने एकत्र किए. विस्फोट की सूचना सुबह करीब 7.50 बजे मिली. पुलिस ने बताया कि स्कूल की दीवार, पास की दुकानें और एक कार क्षतिग्रस्त हो गई. त्योहारो की वजह से दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले ही कड़ी कर दी गई है.
घटना के कथित वीडियो में घटनास्थल से धुएं का गुबार निकलता दिखाई दे रहा है. साथ ही, विस्फोट स्थल के पास दो कार खड़ी थीं और विस्फोट से कुछ सेकंड पहले कुछ दोपहिया वाहन वहां से गुजरे थे. स्थानीय निवासियों ने कहा कि विस्फोट ‘तीव्र’ था और इसके बाद इलाके में दुर्गंध फैल गई.
पुलिस ने बताया, ”एफएसएल और एनएसजी टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नमूने एकत्र किए. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 4 और विस्फोटक अधिनियम की धारा चार के तहत रोहिणी के प्रशांत विहार पुलिस थाने में प्राथमिकी संख्या 512/24 यू/एस 326 (जी)दर्ज किया गया है.” अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों को घटनास्थल पर एक संदिग्ध ‘सफेद पाउडर’ मिला है और उन्होंने इसे जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया है. उन्होंने बताया कि टीम ने घटनास्थल से मिट्टी के नमूने भी एकत्र किए हैं.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ”सफेद पाउडर अमोनियम नाइट्रेट और क्लोराइड का मिश्रण हो सकता है. विस्फोट के बाद रसायनों की दुर्गंध आ रही थी. स्थानीय निवासियों और वहां पहुंचे पुलिस अधिकारियों को भी यही महसूस हुआ. हमारी टीम पूरे मामले की जांच कर रही हैं.” एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”यह किसी प्रकार का विस्फोटक है या कुछ और, इसका पता तभी चल सकेगा जब हम इसकी गहन जांच करेंगे. हमें संदेह है कि विस्फोट का कारण देसी बम हो सकता है.” दिल्ली पुलिस ने बताया कि वे मोबाइल नेटवर्क का डेटा एकत्र कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि विस्फोट के समय आसपास कौन-कौन मौजूद थे. उसने कहा कि ऐसा संदेह है कि एक देसी बम के कारण यह धमाका हो सकता है. एनएसजी कमांडो ने पूरे क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री की तलाश के लिए रोबोट तैनात किए हैं.
अधिकारी ने बताया, ”एनएसजी, एनआईए और दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. त्योहार के कारण दिल्ली पुलिस पहले से ही हाई अलर्ट पर है. पुलिस ने इस घटना के संबंध में विस्फोटक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.” सूचना मिलने के बाद अपराध शाखा और विशेष प्रकोष्ठ सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची.
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने बताया कि उन्हें सीआरपीएफ स्कूल की ‘चारदीवारी के पास’ धमाका होने की सूचना मिली थी. डीएफएस के अधिकारियों ने बताया, ”सूचना मिलने के बाद हमने तुरंत दमकल की दो गाड़ियों को मौके पर भेजा. धमाका होने के कारण आग नहीं लगी है और न ही कोई घायल हुआ है, इसलिए हमारी गाड़ी वापस लौट आई.” एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ”हमारी फोरेंसिक टीम और अपराध इकाई घटनास्थल से नमूने एकत्र करने के लिए मौके पर मौजूद है. एक पटाखे के कारण यह धमाका हो सकता है, लेकिन हम इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं.” पुलिस ने बताया कि वे घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं. पुलिस ने एक बयान में कहा कि उसे सुबह 7.47 बजे एक जोरदार धमाका होने की सूचना मिली थी.
उसने बताया, ”धमाका होने से स्कूल की दीवार क्षतिग्रस्त पाई गई और वहां दुर्गंध आ रही थी. प्रशांत विहार के थाना प्रभारी और अन्य कर्मी मौके पर मौजूद हैं. पास की दुकान और नजदीक खड़ी कार के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए हैं. इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है.” पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ”हमारी बम निरोधक टीम आसपास के इलाकों की जांच कर रही हैं. हमने आसपास के पुलिस थानों को भी सतर्कता बरतने और जांच बढ़ाने के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. विभिन्न बाजारों में पैदल गश्त भी बढ़ा दी गई है. हम सभी से अनुरोध करते हैं कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें.” विस्फोट की आवाज सुनकर इलाके के लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए.
एक स्थानीय ने बताया, ”हमें लगा कि पास में ही कोई एलपीजी सिलेंडर फट गया है. हमने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को मामले की जानकारी दी. कई दुकानों के शीशे टूट गए हैं.” पास में रहने वाले राकेश गुप्ता ने बताया कि धमाका होने के तुरंत बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. गुप्ता ने बताया, ”हम इस बात को लेकर बहुत उलझन में हैं कि आखिर क्या हुआ है. पुलिस की कई टीम जांच कर रही हैं.” घटनास्थल के निकट स्थित चश्मे की एक दुकान के मालिक सुमित ने बताया, ”मेरी खिड़की के शीशे टूट गए. मेरी दुकान के अंदर का सारा सामान जमीन पर गिर गया. यह बहुत तेज धमाका था.”
‘तीव्र कंपन, रसायन जैसी गंध’: विस्फोट के बाद दिल्ली के पश्चिम विहार के स्थानीय लोग दहशत में
दिल्ली के रोहिणी इलाके के निवासी रविवार सुबह एक जोरदार धमाके की आवाज सुनकर नींद से जागे. धमाके की तीव्रता ऐसी थी कि दूर-दूर के घरों में भी इसका कंपन महसूस किया गया. स्थानीय निवासियों ने यह जानकारी दी. स्थानीय लोगों ने बताया कि घटनास्थल पर “रसायन जैसी” गंध थी और हर जगह घने सफेद धुएं का गुब्बार था. निवासियों ने कहा कि इलाके में स्थित सीआरपीएफ स्कूल के पास विस्फोट होने के बाद आसपास दहशत फैल गई.
इलाके की निवासी किरण सचदेवा ने कहा, ”यह (धमाका) पटाखे की तरह नहीं था, आवाज बहुत तेज थी और उसके बाद 15-20 मिनट तक हर जगह सिर्फ धुआं ही धुआं था.” साठ-वर्षीया किरण ने कहा कि यद्यपि उनका घर घटनास्थल से 200-250 मीटर दूर था, लेकिन धमाके का अहसास “भूकंप जैसा” महसूस हुआ.
अधिकारियों ने कहा कि विस्फोट से स्थानीय व्यवसाय प्रभावित हुए. उनके अनुसार, अग्निशमन विभाग, पुलिस, बम निरोधक दस्ते के साथ-साथ राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण (एनआईए) और राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (एनएसजी) की एक-एक टीम विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल पर पहुंच चुकी थी. अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन स्कूल की दीवारें और कुछ दुकानें तथा पास में ही खड़ी एक कार क्षतिग्रस्त हो गई. आमतौर पर चहल-पहल वाली सड़कें खामोश थीं, सभी दुकानें और खोखे बंद थे.
दुकानदार हिमांशु कोहली ने कहा कि जब उन्होंने धमाके की आवाज सुनी तो वे घटनास्थल की ओर भागे. उन्होंने कहा कि हवा में सफेद धुआं भर गया और मौके से रसायन की तीक्ष्ण गंध आ रही थी. कोहली ने कहा, “कांच की खिड़कियां और बोर्ड टूट गए थे. मैं डर गया और अपनी दुकान पर वापस आ गया.” पश्चिम विहार निवासी रीता सिंह ने कहा, “मेरा बेटा उस (सीआरपीएफ) स्कूल में कक्षा-नौ में पढ़ता है. मैं उसके बारे में चिंतित होने से खुद को नहीं रोक पाया.” अनीता सिंह नामक एक महिला मंदिर से लौट रही थी कि उन्होंने “बहुत तेज. धमाका” सुना.
उन्होंने कहा, ”मैंने अपने घर में कंपन महसूस किया. ऐसा लगा जैसे किसी का सिलेंडर पास में फट गया हो. मेरे बच्चों की स्कूल बस यहीं आती है और आमतौर पर हम सुबह इसी (स्कूल के पास) गेट पर खड़े होते हैं.” उन्होंने कहा, ”लेकिन आज रविवार था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ. मैं यह सोचकर कांप उठती हूं कि अगर यह सप्ताह के दिनों में हुआ होता तो कितना बड़ा हादसा हो सकता था.” पैंतीस वर्षीय अनीश मल्होत्रा ??ने कहा कि जब विस्फोट सुना तो वह डर के मारे जाग गए. उन्होंने कहा, ”जब मैं बाहर आया तो चारों तरफ धुआं था, लेकिन शुक्र है कि रविवार था और स्कूल बंद थे, क्योंकि यहां एक-दूसरे से सटे दो स्कूल हैं.” धीरज पराना ने कहा, ”यह सड़क काफी व्यस्त है और अगर यह शाम को हुआ होता, तो मुझे नहीं पता कि कितना नुकसान हो सकता था. आज करवा चौथ है और बहुत से लोग यहां जश्न मनाने के लिए बाहर निकले होंगे.”