अंतरिक्ष और समुद्र ‘सार्वभौमिक सहयोग’ के विषय हों, संघर्ष के नहीं: गुयाना में प्रधानमंत्री मोदी

जॉर्जटाउन. वैश्विक कल्याण के लिए ‘लोकतंत्र प्रथम, मानवता प्रथम’ का मंत्र देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अंतरिक्ष और समुद्र सार्वभौमिक संघर्ष का नहीं, बल्कि ”सार्वभौमिक सहयोग” के विषय होने चाहिए. मोदी ने यहां गुयाना की संसद के विशेष सत्र में, अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत कभी भी स्वार्थ, विस्तारवादी रवैये के साथ आगे नहीं बढ़ा है और वह संसाधनों पर कब्जा करने की भावना से हमेशा दूर रहा है. तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में गुयाना पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी 50 से अधिक वर्षों में इस देश का दौरा करने वाले पहले भारतीय शासनाध्यक्ष हैं.

उन्होंने कहा, ”दुनिया के आगे बढ़ने के लिए सबसे बड़ा मंत्र है ‘लोकतंत्र प्रथम, मानवता प्रथम’. लोकतंत्र की भावना सबसे पहले हमें सबको साथ लेकर चलना और सबके विकास में भाग लेना सिखाती है. ‘मानवता प्रथम’ हमारे निर्णय लेने का मार्गदर्शन करती है. जब हम ‘मानवता प्रथम’ की भावना रखते हैं तो हमारे निर्णय लेने का आधार, परिणाम भी वही होते हैं जो मानवता को लाभान्वित करते हैं.” मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि यह ”ग्लोबल साउथ के जागरण का समय है”, और इसके सदस्यों के एक नयी वैश्विक व्यवस्था बनाने के लिए एक साथ आने का समय है.

उन्होंने कहा, ”दुनिया के लिए यह संघर्ष का समय नहीं है. यह उन स्थितियों को पहचानने और खत्म करने का समय है जो संघर्ष का कारण बनती हैं.” मोदी ने कहा, ”मेरा मानना ??है कि अंतरिक्ष और समुद्र सार्वभौमिक सहयोग के विषय होने चाहिए, सार्वभौमिक संघर्ष के नहीं.” प्रधानमंत्री ने डेढ़ सदी से अधिक पुराने सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत-गुयाना के ‘मिट्टी’ के संबंध सौहार्दपूर्ण हैं.

उन्होंने कहा कि ”भारत कहता है, हर देश मायने रखता है”. मोदी ने रेखांकित किया कि भारत द्वीप राष्ट्रों को छोटे देशों के रूप में नहीं, बल्कि बड़े महासागरीय देशों के रूप में देखता है. मोदी ने कहा कि ‘लोकतंत्र प्रथम, मानवता प्रथम’ की भावना के साथ भारत ‘विश्व बंधु’ के रूप में भी अपना कर्तव्य निभा रहा है और संकट के समय में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में कार्य करता रहा है.

गुयाना, डोमिनिका ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किया देश का शीर्ष पुरस्कार
गुयाना और डोमिनिका ने कोविड-19 महामारी के दौरान दोनों कैरेबियाई राष्ट्रों को दी गई मदद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के योगदान और दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के उनके प्रयासों के लिए मोदी को देश के शीर्ष पुरस्कारों से सम्मानित किया है.
प्रधानमंत्री अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में गुयाना में हैं. उन्हें बुधवार को गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली ने ‘ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया.

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” मुझे गुयाना का सर्वोच्च सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली का हार्दिक धन्यवाद. यह भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए है.” प्रधानमंत्री मोदी ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए कहा, ” यह हमारे संबंधों के प्रति आपकी गहरी प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है जो हमें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा.” विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मोदी ने यह सम्मान भारत की जनता और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों को सर्मिपत किया.

विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” भारत के लिए एक और उपलब्धि! गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वैश्विक समुदाय के लिए उनकी असाधारण सेवा, नेतृत्व और भारत-गुयाना संबंधों को गहरा करने में योगदान के लिए गुयाना के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया.” मंत्रालय के अनुसार मोदी गुयाना के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने वाले चौथे विदेशी नेता हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री को बुधवार को भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान डोमिनिका की राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन ने ”डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर” प्रदान किया.

मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” डोमिनिका का सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं. मैं इसे भारत के 140 करोड़ लोगों को सर्मिपत करता हूं.” प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ” यह सम्मान भारत की मेरी बहनों और भाइयों को सर्मिपत है. यह हमारे देशों के बीच अटूट संबंधों को भी प्रर्दिशत करता है.” विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” यह पुरस्कार प्रधानमंत्री के नेतृत्व और कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका को दी गई मदद के साथ ही भारत-डोमिनिका संबंधों को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए है.”

वहीं डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट के एक पोस्ट के उत्तर में मोदी ने कहा, ” प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट, आपकी बातों से अभिभूत हूं. विनम्रता और कृतज्ञता के साथ मैं ‘डोमिनिका अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ स्वीकार करता हूं.” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ” आपने कोविड-19 के दौरान मिले सहयोग के बारे में बात की. यह देखकर मेरा दिल खुशी से भर गया कि कैसे कोविड-19 के दौरान हमारी एकजुटता ने सीमाओं और महाद्वीपों के पार संबंधों को मजबूत किया. हम आने वाले समय में डोमिनिका के साथ मिलकर काम करते रहेंगे.”

दरअसल प्रधानमंत्री स्केरिट ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा था,” 2021 में कोविड-19 महामारी के वक्त आपने एस्ट्राजेनेका के 70,000 टीके भेजे जिसने डोमिनिका के लोगों को नयी जिंदगी दी.” स्केरिट ने कहा कि यह सम्मान एक प्रतीक से कहीं अधिक है: ”यह नेतृत्व की आपकी स्थायी विरासत, मानवता के प्रति आपकी प्रतिबद्धता, तथा आपकी सीमाओं से परे हमारे देश सहित अन्य देशों पर आपके द्वारा छोड़ी गई अमिट छाप को सम्मानित करने के लिए है.” बारबाडोस भी प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च पुरस्कार प्रदान करेगा, जिससे मोदी को प्रदान किए गए अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या 19 हो जाएगी. डोमिनिका ने कुछ दिन पहले ही मोदी को अपना सर्वोच्च पुरस्कार देने की घोषणा की थी.

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