थोड़ी देर में भारत पहुंच सकता है तहव्वुर राणा, NIA कोर्ट में होगी पेशी

मुंबई: मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक तहव्वुर राणा थोड़े समय बाद दिल्ली पहुंच सकता है। एनआईए की टीम उसे अमेरिका से लेकर भारत आ रही है। रास्ते में विमान में ईंधन भरवाने की वजह से पहुंचने में देरी हुई है।

रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से पहले कहा गया कि उसे लेकर आने वाली विमान की लैंडिंग गुरुवार सुबह होगी। सूत्रों का कहना है कि राणा को आज ही NIA कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां जांच एजेंसी उसकी हिरासत मांगेगी। बता दें कि मुंबई आतंकी हमला मामले में एनआईए ने 2009 में मुकदमा दर्ज किया था और उसमें डेविड हेडली, राणा सहित 11 लोगों के नाम हैं। राणा के पहुंचने के मद्देनजर दिल्ली पुलिस की SWAT टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

मुकदमा चलाने की मंजूरी मिली

राणा के खिलाफ मुकदमा चलाने की आधिकारिक मंजूरी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को मिल गई है। यह मंजूरी कानून मंत्रालय से मिली है। एनआईए राणा से पूछताछ कर अपना चार्जशीट दाखिल करेगी। सूत्रों के मुताबिक एनआईए को मुकदमा चलाने की अनुमति गुरुवार शाम साढ़े चार बजे मिली। खास बात यह है कि मुकदमे की कार्यवाही को आगे बढ़ाने और एनआईए को कानूनी सहायता देने के लिए दो पुलिस महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक और एक पुलिस अधीधक जांच एजेसी का सहयोग करेंगे।

SWAT टीम करेगी NIA टीम की सुरक्षा

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए अधिकारियों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस की SWAT टीम तैनात रहेगी। साथ ही दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। दिल्ली एयरपोर्ट पर कमांडो तैनात किए गए हैं। एयरपोर्ट की बाहरी सुरक्षा में सीएपीएफ और स्थानीय पुलिस के जवान तैनात हैं। कोर्ट में तहव्वुर राणा के केस में एनआईए का पक्ष नरेंद्र मान रखेंगे। मान इस केस में विशेष सरकारी वकील होंगे। राणा केस की सुनवाई दिल्ली में एनआईए के स्पेशल एवं अपीलीय कोर्ट में होगी।

प्रत्यर्पण से बचने का आखिरी प्रयास भी विफल

पाकिस्तानी मूल के 64 वर्षीय कनाडाई नागरिक राणा को लॉस एंजिलिस के ‘मेट्रोपोलिटन डिटेंशन सेंटर’ में रखा गया था। प्रत्यर्पण से बचने के राणा के आखिरी प्रयास के विफल होने के बाद उसे भारत लाया जा रहा है, क्योंकि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘आप सभी जानते हैं कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने उसकी याचिका खारिज कर दी है। जहां तक राणा के प्रत्यर्पण का सवाल है, इस समय मेरे पास कोई जानकारी नहीं है।’

मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है राणा

राणा को पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा माना जाता है, जो 26/11 के मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। 26 नवंबर 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों के एक समूह ने अरब सागर में समुद्री मार्ग से भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में घुसपैठ करने के बाद एक रेलवे स्टेशन, दो आलीशान होटलों और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था। साल 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में छह अमेरिकियों समेत कुल 166 लोग मारे गए थे। इन हमलों को 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने अंजाम दिया था।

कसाब को पुणे की यरवदा जेल में फांसी दी गई

नवंबर 2012 में, पाकिस्तानी समूह के एकमात्र जीवित आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को पुणे की यरवदा जेल में फांसी दे दी गई थी।
जांच एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि राणा ने हेडली को भारत के लिए वीजा दिलाने में मदद की थी। फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि उनके प्रशासन ने ‘दुनिया के सबसे बुरे व्यक्ति’ राणा को ‘भारत में न्याय का सामना करने के लिए’ प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी है।

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