भारत में सृजन, विश्व के लिए सृजन का सही समय: प्रधानमंत्री मोदी ने ‘वेव्स’ सम्मेलन में कहा

मुंबई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोगों के जीवन में प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका है और रचनात्मक क्षेत्र के लोगों को संगीत, नृत्य और कहानी कहने की शैली जैसी कलाओं का इस्तेमाल करके अधिक संवेदनशील भविष्य बनाने की दिशा में काम करना चाहिए.

मोदी ने यहां पहले ‘विश्व दृश्य श्रव्य और मनोरंजन सम्मेलन’ (वेव्स) का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह ”भारत में सृजन, विश्व के लिए सृजन” का सही समय है जब दुनिया कहानी कहने के नए तरीके तलाश रही है और भारत के पास इस दिशा में काम करने के लिए बहुत कुछ है.

उन्होंने कहा, ”मनुष्य को रोबोट में नहीं बदलने देना है. हमें उन्हें और अधिक संवेदनशील बनाना है.” ‘वेव्स’ का उद्देश्य दुनियाभर के रचनाकारों, स्टार्टअप, उद्योग जगत के लोगों और नीति निर्माताओं को साथ लाकर भारत को मीडिया, मनोरंजन और डिजिटल नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाना है.

प्रधानमंत्री ने रचनात्मक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि लोगों के जीवन में प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे. उन्होंने कहा कि हमें युवा पीढ़ी को कुछ मानवता विरोधी विचारों से बचाना होगा. मोदी की ये टिप्पणियां विवादास्पद ऑनलाइन सामग्री को लेकर जारी बहस के बीच आई हैं जहां उच्चतम न्यायालय ने सरकार से इसके विनियमन के लिए दिशानिर्देश बनाने को कहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वेव्स’ में ऐसे समय में एक मंच पर वैश्विक प्रतिभाओं को लाने की क्षमता है, जब भारत फिल्म निर्माण, डिजिटल विषयवस्तु, गेमिंग, फैशन, संगीत और लाइव प्रस्तुतियों के लिए अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभर रहा है. उन्होंने कहा कि रचनात्मक दुनिया में मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक चेतना को जगाने की शक्ति है.

मोदी ने कहा कि उद्देश्य रोबोट बनाना नहीं, बल्कि उच्च संवेदनशीलता, भावनात्मक गहराई और बौद्धिक समृद्धि वाले लोग तैयार करना है. उन्होंने कहा कि ये गुण अकेले ‘सूचनाओं के पहाड़’ या तकनीक की गति से नहीं हासिल किए जा सकते. उन्होंने कहा कि भारत का खाना दुनियाभर में लोकप्रिय है, उसी तरह ”मुझे विश्वास है कि भारतीय गाना भी दुनियाभर में मशहूर होगा.” प्रधानमंत्री ने कहा कि स्क्रीन का आकार भले ही छोटा (माइक्रो) हो रहा हो, लेकिन संदेश (भारतीय कहानियां) बड़ा (मेगा) रूप ले रहा है.

सम्मेलन की शुरुआत ऑस्कर पुरस्कार विजेता एम एम केरावानी द्वारा तैयार ऋग्वेद की एक ऋचा पर आधारित धुन के साथ हुई. समारोह में श्रेया घोषाल और कुछ अन्य गायकों ने भी प्रस्तुति दी. इस मौके पर अभिनेता शाहरुख खान ने सम्मेलन में अतिथियों का स्वागत किया. सम्मेलन में अनुपम खेर, हेमा मालिनी, मोहनलाल, रजनीकांत, कार्तिक आर्यन, एस एस राजामौलि और अनिल कपूर समेत कुछ फिल्मी हस्तियों ने संक्षिप्त भाषण दिए और भारतीय प्रतिभाओं के लिए वैश्विक मंच बनाने की प्रधानमंत्री की सोच को सराहा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब भारत फिल्म निर्माण, डिजिटल सामग्री, गेमिंग, फैशन, संगीत और लाइव प्रस्तुतियों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभर रहा है, वेव्स में वैश्विक प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने की क्षमता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार रचनात्मक क्षेत्र के लोगों के साथ दृढ़ता से खड़ी है और ‘स्किल इंडिया’ जैसी पहल और ‘वेव्स’ जैसे वैश्विक मंचों के माध्यम से उनका समर्थन कर रही है.

उन्होंने कहा कि ‘वेव्स’ केवल शब्द-संक्षेप नहीं है; यह संस्कृति, रचनात्मकता, फिल्म संगीत, गेमिंग, कहानी कहने की शैली की एक लहर है. मोदी ने कहा कि वेव्स सम्मेलन पहले ही क्षण से दुनिया का ध्यान आर्किषत कर रहा है. मोदी के मुताबिक, भारत के पास देने के लिए बहुत कुछ है; एक अरब से अधिक आबादी वाला देश होने के अलावा यह एक अरब से अधिक कहानियों का देश भी है.

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