‘ओवल ऑफिस’ में एक और नाटकीय घटना, ट्रंप ने रामाफोसा को भी दिखाए तेवर

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यालय ‘ओवल ऑफिस’ को एक तरह से अखाड़े में तब्दील कर दिया है और इसी तरह का एक और ‘नाटकीय’ दृश्य बुधवार को भी देखने को मिला जो ट्रंप के हिसाब से भी असाधारण था।

अमेरिका आए अपने मेहमान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की मौजूदगी में ट्रंप ने बत्तियां बुझाने और वहां लाए गए एक टीवी पर वीडियो चलाने का आदेश दिया तथा इसी के साथ ‘ओवल’ की कहानियों में एक नया प्रसंग जुड़ गया। ट्रंप टीवी पर दक्षिण अफ्रीका से जुड़ा एक वीडियो देख रहे थे जबकि रामाफोसा ने मुंह फेर रखा था।

लगभग चार मिनट के वीडियो में अश्वेत नेताओं को श्वेत दक्षिण अफ्रीकी लोगों पर हमला करने के संबंध में रंगभेद विरोधी नारे लगाते दिखाया गया। इनमें एक भी नेता रामाफोसा की सरकार या राजनीतिक दल का नहीं था।वीडियो के अंत में पंक्तियों में लगे सफेद क्रॉस को दिखाया गया। ट्रंप ने कहा कि ये क्रॉस मारे गए श्वेत किसानों का प्रतीक हैं।

ट्रंप ने कहा, ‘‘यह एक भयानक दृश्य है। मैंने पहले ऐसा कुछ कभी नहीं देखा।’’ रामाफोसा नए व्यापार समझौते करने की उम्मीद लेकर आए थे लेकिन ट्रंप बैठक में इन ‘‘आधारहीन’’ आरोपों पर बात करना चाहते थे कि रामाफोसा के देश में श्वेत किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है एवं उनकी हत्याएं की जा रही हैं।

रामाफोसा ने वीडियो पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानना चाहता हूं कि यह कहां हुआ? क्योंकि मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा।’’ इस घटना ने ‘ओवल आॅफिस’ में लगभग तीन महीने पहले हुई ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की बैठक की याद दिला दी जिसमें दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी। हालांकि रामाफोसा और ट्रंप के बीच यह नाटकीय घटनाक्रम कटुता में नहीं बदला।

ट्रंप ने वीडियो के अलावा कुछ कागज भी दिखाए और कहा कि ये श्वेत किसानों पर हमलों संबंधी रिपोर्ट के ‘ंिप्रटआउट’ हैं। ट्रंप ने कहा, ‘‘मौत। मौत। भयानक मौत।’’ उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन ने दर्जनों श्वेत अफ्रीकी लोगों का शरणार्थी के रूप में अमेरिका में स्वागत किया है क्योंकि उन्हें अपने देश में भेदभाव और ंिहसा का सामना करना पड़ता है।

रामाफोसा ने दक्षिण अफ्रीका में नरसंहार के आरोपों को खारिज कर दिया। रामाफोसा ने ट्रंप पर अकेले दबाव डालने के बजाय उन्हें अपने प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों की बात सुनने को कहा जिनमें पेशेवर गोल्फ खिलाड़ी एर्नी एल्स और रीटिफ गूसेन भी शामिल थे।

गोल्फ के शौकीन अमेरिकी राष्ट्रपति इस बात से प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा, ‘‘वे चैंपियन हैं। मैं चैंपियन का सम्मान करता हूं।’’ इसके अलावा श्वेत दक्षिण अफ्रीकी जोहान रूपर्ट भी प्रतिनिधि मंडल में शामिल थे जो लग्जरी वस्तुओं के व्यापारी एवं दक्षिण अफ्रीका के सबसे अमीर व्यक्ति हैं।

रूपर्ट ने कहा, ‘‘हमारे यहां बहुत लोगों की मौतें होती हैं और मृतक सभी समुदायों के होते हैं। केवल श्वेत किसानों के साथ ही ऐसा नहीं होता।’’ उन्होंने कमरे के दूसरी तरफ खड़े दक्षिण अफ्रीका में जन्मे अरबपति एलन मस्क द्वारा बनाई गई उपग्रह इंटरनेट सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘हमें हर स्थानीय पुलिस थाने पर स्टारंिलक की आवश्यकता है।’’

एलन मस्क ट्रंप के सलाहकारों में से एक रहे हैं और उनका दावा है कि उन्हें दक्षिण अफ्रीका में काम करने का लाइसेंस इसलिए नहीं मिल सकता, क्योंकि वह श्वेत हैं। दक्षिण अफ्रीका का रंगभेद से जूझने का दर्दनाक इतिहास रहा है। दक्षिण अफ्रीका में नस्लवादी उत्पीड़न की व्यवस्था तीन दशक पहले समाप्त हो गई थी तथा सुलह के काफी हद तक सफल प्रयासों के बावजूद कुछ तनाव अब भी बना हुआ है।

दक्षिण अफ्रीका पर केंद्रित बैठक में उस समय थोड़ी देर के लिए व्यवधान पैदा हुआ जब ट्रंप से ‘पेंटागन’ (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) द्वारा कतर से उपहारस्वरूप प्राप्त बोइंग 747 को औपचारिक रूप से स्वीकार करने के बारे में पूछा गया।

ट्रंप ने इसका जिक्र करने वाले रिपोर्टर से कड़े शब्दों में कहा कि वह केवल श्वेत किसानों से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। रामाफोसा ने इस बातचीत के बीच मजाक करते हुए कहा, ‘‘काश मेरे पास आपको देने के लिए विमान होता।’’

इसके जवाब में ट्रंप ने भी कहा, ‘‘काश आपके पास होता। मैं इसे ले लेता।’’ रामाफोसा ने ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) से निकलने के बाद पत्रकारों से कहा कि वह इस बैठक से खुश हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आप नाटक और कोई बहुत बड़ी घटना देखना चाहते थे लेकिन मुझे खेद है कि हमने आपको इस मामले में कुछ हद तक निराश किया।’’ हालांकि एक पत्रकार ने उनकी बात से असहमति जताते हुए कहा, ‘‘मैं नहीं जानता कि आपके हिसाब से नाटक क्या है, लेकिन यह मेरे लिए और कमरे में मौजूद हर किसी के लिए बहुत नाटकीय था।’’

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