
हैदराबाद. ओपल सुचाता चुआंगश्री ने रविवार को कहा कि वह मिस वर्ल्ड के रूप में अपने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान दुनिया भर में घूमना पसंद करेंगी और अपने ‘ब्यूटी विद अ परपज’ अभियान के साथ-साथ अन्य दिलचस्प कार्य करना चाहेंगी. मिस वर्ल्ड चुआंगश्री ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से यह भी कहा कि मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के लिए तेलंगाना में उनका प्रवास उनके जीवन के सबसे बेहतरीन अनुभवों में से एक रहा.
थाईलैंड की चुआंगश्री ने कहा, ह्लअगले वर्ष मैं अपना समय दुनिया भर में घूमकर बिताना पसंद करूंगी और उन लोगों की मदद करना चाहूंगी, जिन्हें मेरे अभियान और कार्य दोनों की जरूरत है.ह्व चुआंगश्री ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान उनकी मुलाकात बहुत से ऐसे लोगों से हुई जो बहुत दयालु थे और उन्हें राज्य की कई खूबसूरत जगहों पर जाने का मौका मिला. मिस वर्ल्ड ने कहा कि दुनिया भर से अपने साथी प्रतियोगियों के साथ इस अनुभव को साझा करना और भी बेहतर रहा. चुआंगश्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सपने सच होते हैं.
चुआंगश्री ने शनिवार रात ताज पहनने के बाद ‘पीटीआई- वीडियो’ से कहा, ”अब जब मुझे ‘मिस वर्ल्ड’ का खिताब मिल गया है, तो मेरे पास अन्य लोगों को उनके लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करने और सार्थक करने का मौका है. मैं एक साल तक ‘मिस वर्ल्ड’ संगठन के साथ मिलकर यही काम करूंगी.” उन्होंने कहा कि थाईलैंड 72 साल से भी अधिक समय से ‘मिस वर्ल्ड’ के ताज का इंतज.ार कर रहा था.
चुआंगश्री ने कहा, ”थाईलैंड में मेरे लोग, हम 72 साल से अधिक समय से अपने पहले ‘मिस वर्ल्ड’ ताज का इंतज.ार कर रहे थे और मुझे यक.ीन नहीं हो रहा कि अपना पहला ताज जीतने का सम्मान मुझे मिला है. मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है, न सिर्फ खुद पर, बल्कि अपने लोगों और अपनी टीम पर भी क्योंकि उन्हीं की वजह से मैं यहां हूं.” ‘मिस वर्ल्ड’ ने कहा कि वह भारत में बिताए अपने समय को हमेशा याद रखेंगी.
उन्होंने कहा, ”मैं अभी अपने मित्रों से बात कर रही थी कि मैं इस जगह को छोड़ना नहीं चाहती क्योंकि हम जहां रह रहे थे, वह जगह, यहां के लोग, यहां का खाना और हर चीज (बहुत अच्छी है.) हम यहां आकर बहुत खुश हैं. यह एक शानदार यात्रा रही. मैंने यहां सभी के साथ यादगार समय बिताया.” मिस वर्ल्ड ने कहा कि हालांकि वह ‘ब्यूटी विद अ परपज’ के तहत अपनी स्वयं की परियोजना पर काम करेंगी, लेकिन साथ ही वह अन्य प्रतियोगियों की योजनाओं में भी सहयोग करने का प्रयास करेंगी.
चुआंगश्री ने कहा, ”मेरी योजना स्तन कैंसर को लेकर जागरूकता पैदा करना और महिलाओं के स्वास्थ्य पर केंद्रित करना है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, चूंकि मैं मिस वर्ल्ड हूं, मेरे पास अन्य परियोजनाओं में भी सहयोग करने का अधिक मौका होगा. मैं चयन नहीं करना चाहती. अगर मुझे सभी का सहयोग करने का मौका मिलता है, तो मैं सभी का सहयोग करना चाहती हूं.” इथियोपिया की हासेट डेरेजे एडमसु को उपविजेता घोषित किया गया. द्वितीय उपविजेता पोलैंड की माजा क्लाज्दा और तृतीय उपविजेता मार्टीनिक के ऑरेली जोआचिम रहीं. भारत की प्रतिभागी नंदिनी गुप्ता शीर्ष आठ में पहुंचने से पहले ही प्रतियोगिता से बाहर हो गईं. भारत ने मिस वर्ल्ड की तीसरी बार मेजबानी की. भारत में पहली मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता1996 में बेंगलुरु में आयोजित की गई थी. पिछले साल दिल्ली और मुंबई ने 71वीं मिस वर्ल्ड की मेजबानी की थी.



