बलात्कार मामला: भाजपा ने ‘चुप्पी’ को लेकर महिला आयोग प्रमुख को खोजने का नकली अभियान चलाया

कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा के समर्थकों ने कस्बा सामूहिक बलात्कार मामले में पश्चिम बंगाल महिला आयोग की ‘‘चुप्पी और निष्क्रियता’’ का प्रतीकात्मक विरोध करते हुए बुधवार को यहां साल्ट लेक में आयोग के कार्यालय के बाहर इसकी अध्यक्ष को खोजने का नकली अभियान चलाया।

प्रदर्शनकारी लालटेन लेकर परिसर के चारों ओर घूमे और आयोग की अध्यक्ष लीना गंगोपाध्याय को खोजने का नाटक किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे महत्वपूर्ण समय में जब हस्तक्षेप की आवश्यकता थी, तब संगठन ‘‘गायब’’ है।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘हम राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष की तलाश कर रहे हैं क्योंकि हमने उनकी ओर से कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया नहीं देखी और हम इस जघन्य अपराध के बाद यह पता लगाने में असमर्थ हैं कि वह कहां हैं।’’ गंगोपाध्याय ने इस आलोचना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर लगाए गए आरोपों का दृढ़ता से खंडन किया और उन्हें ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे वास्तव में नहीं पता कि इसे देर से दी गई प्रतिक्रिया क्यों कहा जा रहा है।’’ गंगोपाध्याय ने जोर देकर कहा कि आयोग ने घटना के सामने आते ही स्वत? संज्ञान लिया था। उन्होंने कहा कि जिस दिन मामला प्रकाश में आया, उसी दिन पीड़िता और उसके माता-पिता से संपर्क करने का प्रयास किया गया था लेकिन वे चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में व्यस्त थे।

गंगोपाध्याय ने कहा, ‘‘हमने पीड़िता के पिता को फोन किया था और फोन पर एक संदेश भेजा था लेकिन परिवार व्यस्त था क्योंकि उसकी (पीड़िता की) जांच हो रही थी और वह परीक्षाओं के लिए यात्रा कर रही थीं।’’ उन्होंने कहा कि आयोग ‘‘शुरू से ही’’ पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में था।

उन्होंने कहा, ‘‘उपायुक्त ने कई बार हमसे संपर्क किया।’’ अध्यक्ष, एक कानूनी सलाहकार, एक काउंसलर और अन्य सदस्यों समेत आयोग का दल पीड़िता को सहायता देने और यह सुनिश्चित करने के लिए उनके घर गए कि मामले को संवेदनशीलता से संभाला जाए।

गंगोपाध्याय ने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि लड़की जब बात करें तो उससे पहले उसे इस सदमे से उबरने में मदद करने के लिए काउंसंिलग उपलब्ध कराई जाए।’’ उन्होंने कहा कि आयोग ने पीड़िता की काउंसंिलग, सुरक्षा और कॉलेज में वापसी के संबंध में विशिष्ट सिफारिशें भी जारी की हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है।

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