भारत में 19 साल से अवैध रूप से रह रहा बांग्लादेशी व्यक्ति मुंबई हवाई अड्डे पर गिरफ्तार

असम के कछार में नौ संदिग्ध रोहिंग्या गिरफ्तार

मुंबई/सिलचर. भारत में पिछले 19 साल से अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल किए गए भारतीय पासपोर्ट पर सऊदी अरब जाने की कोशिश करते समय मुंबई हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.

सहार पुलिस अधिकारी के अनुसार, अक्तरुज्जमां अमां उल्ला पहले अपनी ‘भारतीय’ पहचान का इस्तेमाल करते हुए वर्क परमिट पर सऊदी अरब में रह रहा था. अक्तरुज्जमां 2006 में पश्चिम बंगाल के 24 दक्षिण परगना जिले के रास्ते बांग्लादेश से भारत में दाखिल हुआ था.

अधिकारी ने बताया कि बाद में उसने खुद को भारतीय दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाए और 2015 में पासपोर्ट भी बनवा लिया.
उन्होंने बताया कि 2018 में अक्तरुज्जमां का पासपोर्ट खो गया था लेकिन वह कोलकाता से दूसरा पासपोर्ट बनवाने में कामयाब रहा.
अधिकारी ने बताया कि अक्तरुज्जमां 2020 में सऊदी अरब गया और वर्क वीजा पर वहां पांच साल बिताए.

उन्होंने बताया कि वह इस साल 18 मई को भारत लौटा और 29 मई को बांग्लादेश के लिए रवाना हुए तथा लगभग एक महीना वहां बिताने के बाद, वह 26 जून को मुंबई के लिए रवाना हो गया. अधिकारी ने बताया कि अक्तरुज्जमां को मंगलवार को सऊदी अरब के दम्मम जाने वाली उड़ान में सवार होने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने बताया कि आरोपी को सहार थाने ले जाया गया और भारतीय न्याय संहिता, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया. अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है.

असम के कछार में नौ संदिग्ध रोहिंग्या गिरफ्तार

असम पुलिस ने कछार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास महिलाओं और बच्चों समेत नौ संदिग्ध रोहिंग्याओं को हिरासत में लिया है. पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सीमा के निकट कटिगोरा क्षेत्र के बिश्वनभरपुर गांव के निवासियों ने मंगलवार रात कुछ अनजान लोगों को देखा और उनसे पूछताछ करने के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया.

अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों ने दावा किया कि वे लगभग 20 साल पहले अवैध रूप से भारत में घुसे थे और हैदराबाद में रहकर अलग-अलग काम कर रहे थे. उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान संदिग्ध रोहिंग्याओं ने बताया कि वे बांग्लादेश लौटना चाहते थे, क्योंकि वहां उनके रिश्तेदार रहते हैं और दो बिचौलियों ने उन्हें सीमा पार कराने में मदद करने का वादा किया था.

हिरासत में लिए गए नौ लोगों ने दावा किया कि वे रोहिंग्या हैं और वे हैदराबाद से ट्रेन के जरिये आए थे तथा एक बिचौलिए द्वारा उन्हें सीमा के निकट एक जंगल में ले जाया गया, जहां वे पूरे दिन बिना भोजन और पानी के रहे. अधिकारी ने बताया कि शाम के समय रोहिंग्या भोजन की तलाश में जंगल से बाहर निकले थे कि तभी स्थानीय लोगों ने उन्हें देख लिया. उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों को सिलचर लाया गया है और जांच जारी है.

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