स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद को जांच के सिलसिले में उसके संस्थान ले जाया गया, एक सहयोगी गिरफ्तार

नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के एक निजी प्रबंधन संस्थान में 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को सोमवार को जांच के सिलसिले में उसके संस्थान ले जाया गया. उसे उन स्थानों की जानकारी देने के लिए संस्थान ले जाया गया जहां वह पीड़ितों को कथित तौर बुलाता था. पुलिस ने यह जानकारी दी.

इस बीच पुलिस ने सरस्वती के एक सहयोगी हरि सिंह कोपकोटी को भी गिरफ्तार कर लिया है. उत्तराखंड के बागेश्वर निवासी हरि सिंह (38) ने 14 सितंबर को एक पीड़िता के पिता को कथित तौर पर धमकी दी थी. सरस्वती को रविवार को आगरा के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था. एक अधिकारी ने बताया कि 62 वर्षीय सरस्वती को उसके संस्थान में लाया गया जिसका वह पहले अध्यक्ष था.

उन्होंने कहा, ”…आरोपी को संस्थान ले जाया गया ताकि वह उन जगहों, खासकर कार्यालय और उस कमरे की जानकारी दे सके जहां वह रहता था और छात्राओं को मिलने के लिए बुलाता था.” अधिकारी ने कहा कि उससे संस्थान के परिसर तथा छात्रावास में लगे सीसीटीवी के बारे में पूछा गया. छात्रावास के बाथरूम के बाहर भी सीसीटीवी थे, जिनके फुटेज सीधे उससे बरामद मोबाइल फोन में से एक पर देखे जा सकते थे.

इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि नगरपालिका से जुड़े काम से अपनी आजीविका चलाने वाले हरि सिंह ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने सरस्वती के निर्देश पर अपने फ.ोन से कॉल किया था और शिकायतकर्ता के पिता से शिकायत वापस लेने को कहा था.

हरि सिंह ने पुलिस को बताया कि वह पिछले साल सरस्वती के संपर्क में आया था, जब वह एक परिचित के साथ दिल्ली गया था.
पुलिस ने बताया कि कॉल के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फ.ोन ज.ब्त कर लिया गया है. सरस्वती को रविवार को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. संभवत? सरस्वती से उसकी तीन महिला सहयोगियों के सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी, जो ‘एआईसीटीई’ अनुमोदित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में विभिन्न पदों पर काम कर रही हैं.

महिला सहयोगियों पर छात्राओं को धमकी देने और सरस्वती द्वारा छात्राओं को भेजे गए भद्दे संदेशों को हटाने के लिए मजबूर करने का आरोप है. जांचकर्ताओं ने कहा कि सरस्वती जुलाई से विदेश में था और छह अगस्त को भारत लौटा था. यौन उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किए जाने के बाद, उसे देश छोड़ने से रोकने के लिए ”लुकआउट सर्कुलर”जारी किया गया था.

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