
शिवहर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनने पर बिहार में रक्षा गलियारा (डिफेंस कॉरिडोर) तैयार किया जाएगा और प्रत्येक जिले में कारखाने लगाए जाएंगे. शाह ने शिवहर और सीतामढ़ी में चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए विश्वास जताया कि ”14 नवम्बर को दोपहर एक बजे तक जब चुनाव परिणाम घोषित होंगे, तब तक राजद-कांग्रेस गठबंधन का सफाया हो जाएगा और बिहार में पुन? राजग की सरकार बनेगी.” राज्य की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में छह और 11 नवम्बर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवम्बर को की जाएगी.
शाह ने कहा, ”सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के समय से लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काल तक गंडक, कोसी और गंगा नदियों ने बिहार में बाढ़ की तबाही मचाई है. राजग की सरकार बनने पर राज्य को बाढ़मुक्त बनाने के लिए एक आयोग का गठन किया जाएगा.” गृह मंत्री ने कहा ”कोसी नदी के जल का उपयोग कर मिथिलांचल क्षेत्र की 50,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाएगी.” उन्होंने कहा, ”राज्य में रक्षा गलियारा तैयार किया जाएगा और प्रत्येक जिले में कारखाने खोले जाएंगे. साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) और औद्योगिक पार्कों का निर्माण किया जाएगा. सीतामढ़ी से अयोध्या तक ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन का संचालन मां सीता के मंदिर में उनकी प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा दिवस पर शुरू किया जाएगा.” शाह ने बताया कि उन्होंने यहां पुनौरा धाम में 850 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सीता मंदिर की आधारशिला रखी है.
कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए शाह ने कहा ”पहले आतंकवादियों को बिरयानी परोसी जाती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पहलगाम हमले के 10 दिन के भीतर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर आतंकियों का खात्मा कर दिया.” उन्होंने कहा, ”भविष्य में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले सैन्य अभियानों में बिहार के प्रस्तावित रक्षा गलियारे में बनने वाले विस्फोटक इस्तेमाल किए जाएंगे.” शाह ने कहा कि मिथिलांचल क्षेत्र को 500 करोड़ रुपये की लागत से ”वैश्विक ज्ञान केंद्र” के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि सीतामढ़ी-अयोध्या राम-जानकी पथ का निर्माण 550 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा. इसके अलावा, अयोध्या-सीतामढ़ी रेलखंड के दोहरीकरण पर 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
उन्होंने कहा ”पटना, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर के हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा और बिहार के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा.” शाह ने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 वर्षों में बिहार के लिए 18.70 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जबकि राजद-कांग्रेस शासनकाल में राज्य को केवल 2.80 लाख करोड़ रुपये ही मिले थे.” उन्होंने आरोप लगाया ”लालू प्रसाद के शासनकाल में घोटालों की भरमार थी, जबकि बिहार के विकास की गारंटी केवल नीतीश कुमार और नरेन्द्र मोदी की जोड़ी ही दे सकती है.” गृह मंत्री ने यह भी कहा ”राज्य की सभी बंद पड़ी चीनी मिलों को ढाई वर्ष के भीतर फिर से शुरू किया जाएगा.”



