तमिलनाडु के कोयंबटूर में कॉलेज छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में तीन संदिग्ध गिरफ्तार

कोयंबटूर. तमिलनाडु के कोयंबटूर में कॉलेज की एक छात्रा के यौन उत्पीड़न में शामिल तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने अधिकारियों को एक महीने में आरोपपत्र दाखिल करने और दोषियों के लिए शीघ्र अधिकतम सजा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

शहर के पुलिस आयुक्त ए. सरवण सुंदर ने यहां संवाददाताओं को बताया कि तीनों आरोपियों सतीश उर्फ ??करुप्पसामी, उसका भाई कार्ति उर्फ ??कालीश्वरन और रिश्तेदार गुना उर्फ ??थवासी को तीन नवंबर की देर रात गिरफ्तार कर लिया गया जब उन्होंने पुलिस टीम पर हमला करने की कोशिश की. सतीश और कार्ति विरुधुनगर जबकि गुना मदुरै जिले का निवासी है. मुख्यमंत्री स्टालिन ने यौन उत्पीड़न की निंदा करते हुए कहा कि युवती के साथ जो हुआ वह अमानवीय था. उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों की निंदा करने के लिए कोई भी कठोर शब्द पर्याप्त नहीं होगा.

स्टालिन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मामले में शामिल अपराधियों का पता लगा लिया गया है और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जा चुका है. मैंने पुलिस को एक महीने में आरोप पत्र दाखिल करने और उन्हें जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने का आदेश दिया है.” पुलिस आयुक्त सरवण सुंदर के अनुसार, जांचकर्ताओं ने लगभग 300 सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की और लोगों से मिली जानकारी के जरिये संदिग्धों के फरार होने के रास्ते की पहचान की. सोमवार रात लगभग 10:40 बजे वेल्लाकिनारू में उनके छिपे होने का पता चला, जिसके बाद उन्हें तुरंत पकड़ लिया गया.

सुंदर ने कहा, “उन्होंने पुलिसर्किमयों पर हमला किया, जिसके बाद पुलिसर्किमयों ने घुटनों के नीचे गोलियां चलाकर उन्हें काबू किया.ह्व अधिकारी ने कहा कि तीनों ने टीम पर हमला किया, जिसमें पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया. सुंदर ने कहा कि जांच में पता चला कि वे आपस में रिश्तेदार हैं और उनके खिलाफ हत्या, चोरी और चोट पहुंचाने जैसे आपराधिक मामले लंबित हैं.

पुलिस आयुक्त ने कहा, “दो नवंबर की रात, तीनों ने एक दोपहिया वाहन लूटा और जब वे हवाई अड्डे के पास कीचड़ भरी सड़क पर जा रहे थे, तब उन्होंने छात्रा और उसके दोस्त को कार में बात करते देखा.” उन्होंने कहा कि तीनों ने पत्थरों से कार की खिड़कियां तोड़ दीं और छात्रा के पुरुष मित्र को घायल कर दिया, उसे घसीटकर एक सुनसान जगह पर ले गए जहां रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं थी और फिर अपराध को अंजाम दिया.

सुंदर ने कहा, “पुलिस की ओर से एसओएस (आपात संदेश) का जवाब देने में कोई देरी नहीं हुई. उसके दोस्त ने रात 11:20 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन किया और पुलिस 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई. घटनास्थल से छात्रा को अस्पताल ले जाया गया.” उन्होंने कहा कि छात्रा की जान खतरे से बाहर है. आयुक्त ने कहा कि पीड़िता को मनोवैज्ञानिक परामर्श दिया जा रहा है. सतीश (30), कार्ति (21) और गुना (20) मजदूर हैं और एक कारखाने में काम करते हैं. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने तीनों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार का मामला भी दर्ज किया है.

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