अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश करते 10,000 से अधिक बांग्लादेशी पकड़े गए: बीएसएफ

बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने की राज्यसभा में उठी मांग

कोलकाता/नयी दिल्ली/श्रीनगर. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की पूर्वी कमान ने सोमवार को कहा कि पिछले एक साल में सीमापार से घुसपैठ करने या देश से बाहर जाने का प्रयास करते समय 10,263 बांग्लादेशियों को पकड़ा. सुरक्षा बल ने एक बयान में कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या घुसपैठ रोधी उपायों में की गई वृद्धि दर्शाती है, विशेष रूप से बांग्लादेश में अशांति के दौरान, जब बीएसएफ के जवानों ने अवैध प्रवासियों को भारत में प्रवेश करने से रोकने के लिए कड़ी निगरानी की.

बयान में कहा गया है, ”बीएसएफ ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर 10,263 बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने या देश से बाहर जाने का प्रयास करते समय पकड़ा है. बांग्लादेश में अशांति के दौरान, बीएसएफ ने कड़ी निगरानी की जिससे अवैध प्रवासियों को भारत में प्रवेश करने से रोका गया.” इसमें कहा गया है, ” जवानों ने इस कठिन कार्य को पूरा करने के लिए रात-दिन एक कर दिया.” अधिकारियों ने कहा कि संकट के दौरान बल की जमीनी तैनाती ने “उच्चतम स्तर का पेशेवर रुख” बनाए रखा.

बीएसएफ पूर्वी कमान ने बल का 61वां स्थापना दिवस मनाया. इसने सभी रैंक के र्किमयों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं और र्किमयों से अपने कर्तव्यों के निर्वहन में ईमानदार और प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया. पूर्वी कमान ने अपनी वार्षिक समीक्षा में पिछले वर्ष सीमा पर प्रमुख जब्ती की जानकारी दी, जिसमें 376.52 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ, 170.57 करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित सामान और 67.42 करोड़ रुपये मूल्य का 51,389 किलोग्राम सोना शामिल है.

बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने की राज्यसभा में उठी मांग
राज्यसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदस्य बृजलाल ने देश में रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए बड़ा खतरा बताते हुए उनकी पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की मांग की. बृजलाल ने उच्च सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया और कहा कि भारत में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की संख्या करीब डे­ढ़ से दो करोड़ के बीच है जो देश के विभिन्न राज्यों में रह रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ये भारतीय लोगों के संसाधनों पर पल रहे हैं और देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई राजनीतिक दलों ने जानबूझकर इन्हें वोट बैंक के रूप में बसाया. भाजपा सदस्य ने कहा कि आज जब एसआईआर (मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण) की बात चल रही है तब टीवी और सोशल मीडिया में दिख रहा है कि पश्चिम बंगाल से तमाम घुसपैठिए बांग्लादेश की तरफ भाग रहे हैं.

उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठनों के ‘फुटप्रिंट’ भारत में हैं और बांग्लादेश के जो मौजूदा हालात हैं अगर इन लोगों को बाहर नहीं किया गया तो आतंकवादी संगठनों को भारत में जगह खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए जरूरी है कि ऐसे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर किया जाए.

इस साल नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की हर कोशिश नाकाम, आठ आतंकवादी मारे गए: बीएसएफ

मौजूदा वर्ष के दौरान नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार से कश्मीर में कोई आतंकवादी घुसपैठ नहीं हुई. सीमा सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि सुरक्षा बलों ने आठ घुसपैठियों को मार गिराया, जबकि पांच अन्य को वापस जाने पर मजबूर कर दिया गया. इस दौरान आतंकवादी गुर्गों के घुसपैठ के चार प्रयास नाकाम किए गए.

बीएसएफ के महानिरीक्षक (आईजी) अशोक यादव ने बल के 61वें स्थापना दिवस पर संवाददाताओं को बताया, “बीएसएफ ने सेना के साथ मिलकर नियंत्रण रेखा पर कारगर एवं प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया, जिसके परिणामस्वरूप इस वर्ष कश्मीर घाटी से घुसपैठ के सभी प्रयास विफल हो गए. बल ने श्री अमरनाथ यात्रा 2025 के दौरान भी आंतरिक क्षेत्रों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.” यादव ने बताया कि बीएसएफ ने सेना के साथ मिलकर आठ आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि पांच अन्य को वापस जाने को मजबूर कर दिया.

उन्होंने कहा, “हमारी जी-इकाई नियंत्रण रेखा पर सभी 69 सक्रिय ‘लांचिंग पैड’ पर कड़ी नजर रख रही है, जहां लगभग 100-120 आतंकवादी घुसपैठ की फिराक में हैं. इसके साथ ही, आतंकवादियों के विभिन्न प्रशिक्षण शिविर भी हमारी खुफिया शाखा की जांच के दायरे में हैं.” यादव ने कहा कि बीएसएफ कश्मीर फ्रंटियर सेना के साथ समन्वय बिठाते हुए 343 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा पर प्रभावी ढंग से तैनात है.

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, बीएसएफ इकाइयां पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करके महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रही हैं और कश्मीर के लोगों को सुरक्षा प्रदान कर रही हैं. यादव ने कहा कि 2025 के दौरान बीएसएफ की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि ऑपरेशन सिंदूर रही है.

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