अमृतपाल की पैरोल याचिका खारिज करने का ‘आधार’ बताए पंजाब सरकार: अदालत ने पंजाब सरकार से कहा

चंडीग­ढ़. पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायलय ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वह वह “मूलभूत सामग्री” अदालत के सामने पेश करे, जिसके आधार पर खडूर साहिब से सांसद और जेल में बंद अमृतपाल सिंह की संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए दायर पैरोल याचिका खारिज की गई थी.

मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की पीठ ने सोमवार को अमृतपाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया. अमृतपाल ने इस याचिका में संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल न देने के राज्य के फैसले को चुनौती दी है. पंजाब सरकार ने इससे पहले अमृतसर के उपायुक्त और अमृतसर पुलिस की रिपोर्टों के आधार पर कानून-व्यवस्था से जुड़ी आशंकाओं का हवाला देते हुए अमृतपाल की अस्थायी रिहाई (पैरोल) संबंधी अभ्यावेदन खारिज कर दिया था.

उच्च न्यायालय ने 21 नवंबर को पंजाब सरकार को निर्देश दिया था कि वह सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल के अनुरोध वाले अमृतपाल के अभ्यावेदन पर एक सप्ताह के भीतर निर्णय ले. अमृतपाल के वकील ईमान सिंह खारा ने कहा कि अदालत ने पंजाब को निर्देश दिया है कि वह आठ दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई में दस्तावेज पेश करे और पैरोल के लिए आवेदन को खारिज करने का आधार बताए. उन्होंने कहा कि राज्य को सभी दस्तावेज पेश करने को कहा गया है.

वकील ने बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद का मामला भी उद्धृत किया, जिन्हें शीतकालीन सत्र में भाग लेने की अनुमति दी गई.
सांसद के वकील ने तर्क दिया कि सांसद हिरासत में रहते हुए अपने संसदीय कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहते हैं. राज्य के अधिवक्ता ने पैरोल का विरोध करते हुए कहा कि खडूर साहिब के सांसद को किसी भी तरीके से, चाहे वह भौतिक हो या डिजिटल की अनुमति देना “गंभीर जोखिम” है.

‘वारिस पंजाब दे समूह’ के प्रमुख अमृतपाल(32) वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूग­ढ़ जेल में बंद है.
मारे जा चुके खालिस्तानी आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तर्ज पर खुद को पेश करने वाले अमृतपाल को एक महीने से अधिक की तलाशी के बाद 23 अप्रैल, 2023 को मोगा के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था.

खालिस्तानी समर्थक 18 मार्च, 2023 को जालंधर जिले में पुलिस के जाल से बच निकला था, उसने वाहन और हुलिया बदल लिया था.
पंजाब पुलिस ने 23 फरवरी, 2023 को अजनाला की घटना के बाद कार्रवाई शुरू की थी, जिसमें सिंह और उनके समर्थक (तलवारें और बंदूकें लहरा रहे थे) कथित तौर पर बैरिकेड्स तोड़कर अमृतसर शहर के बाहरी इलाके में पुलिस थाने में घुस गए और अपने सहयोगियों की रिहाई के लिए पुलिस के साथ भिड़ गए.

सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा था और खडूर साहिब सीट से जीत हासिल की थी. अप्रैल में एनएसए के तहत उनकी नजरबंदी ब­ढ़ा दी गई थी, जबकि असम की जेल में बंद उनके नौ सहयोगियों को भी पंजाब वापस लाया गया था. इन नौ लोगों को 2023 के अजनाला पुलिस थाने हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.

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