नीट परीक्षा ने शिक्षा का व्यावसायीकरण किया है, इसकी समीक्षा हो: कांग्रेस सांसद

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 04 Dec 2025 08:32 PM
नीट परीक्षा ने शिक्षा का व्यावसायीकरण किया है, इसकी समीक्षा हो: कांग्रेस सांसद
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नयी दिल्ली. कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने देश में कोचिंग प्रणाली पर सवाल उठाते हुए बृहस्पतिवार को सरकार से मांग की कि चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट की पूरी तरह समीक्षा की जाए. टैगोर ने लोकसभा में शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) ने मेरिट को ब­ढ़ावा नहीं दिया है, बल्कि निजी कोचिंग संस्थानों को मजबूत करके और स्कूलों को कमजोर करके शिक्षा का व्यावसायीकरण किया है. तमिलनाडु के विरुधुनगर से सांसद ने कहा कि केंद्र की बनाई एक समिति ने देश में कोचिंग प्रणाली में कमियां पाई हैं.

उन्होंने कहा, ”इस तरह की रिपोर्ट हैं कि एक केंद्रीय समिति ने जेईई, नीट और सीयूईटी कराने की सिफारिश की थी. तैयारी ग्यारहवीं कक्षा से ही शुरू हो जाती है. समिति ने कोचिंग के घंटे दो से तीन घंटे तक सीमित करने, साल में दो बार परीक्षा कराने और यहां तक ??कि बोर्ड एग्जाम का इस्तेमाल करके हाइब्रिड मूल्यांकन करने की भी सिफारिश की थी.” टैगोर ने मौजूदा प्रणाली को त्रुटिपूर्ण बताया, जिसमें सिर्फ ‘सिंगल स्टेक्स एग्जाम’ (परीक्षा के एक प्रयास) पर फोकस किया गया है, जिससे सिर्फ अमीरों, कोचिंग माफिया और ‘डमी’ स्कूलों को फायदा हुआ है.

उन्होंने कहा, ”सरकारी स्कूल के बच्चे, गांव के विद्यार्थी, एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के बच्चे…. सभी को मौके से वंचित कर दिया गया है, प्रतिभा की कमी की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए कि वे कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च नहीं कर सकते.” टैगोर ने कहा कि शिक्षा मंत्री को यह समझना चाहिए कि नीट ने मेरिट व्यवस्था को मजबूत नहीं किया है, बल्कि शिक्षा का व्यावसायीकरण किया है. उन्होंने कहा कि इस परीक्षा ने निजी शिक्षा जगत के लोगों को मजबूत किया है, जिससे स्कूल कमजोर हुए हैं.

उन्होंने कहा, ”मैं नीट परीक्षा और समानता पर इसके असर की पूरी समीक्षा करने की मांग करता हूं. स्कूली शिक्षा को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप भी होना चाहिए और कोचिंग गठजोड़ को खत्म करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए.” इस बीच, सांगली के सांसद विशालदादा पाटिल ने स्कूली बच्चों पर पड़ रहे दबाव का मुद्दा उठाया.

उन्होंने कहा, ”सेंट कोलंबस स्कूल के एक छात्र ने शिक्षकों के उत्पीड़न के कारण आत्महत्या कर ली. प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. छात्रों की आत्महत्या के मामले ब­ढ़े हैं. मैं सरकार से इस मामले में दखल देने और इन लोगों को गिरफ्तार करने की अपील करता हूं.” पाटिल ने कहा, ”शिक्षकों के लिए एक मिसाल कायम करनी होगी ताकि उन्हें पता हो कि अगर वे छात्रों को परेशान करते हैं या उन्हें चोट पहुंचाते हैं तो उन पर कार्रवाई होगी.”

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