
कोलकाता. निर्वाचन आयोग ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के विभिन्न संभागों के लिए पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को मतदाता सूची का विशेष पर्यवेक्षक (एसआरओ) नियुक्त किया. वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद से संबंधित कार्यों की निगरानी करेंगे. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव कुमार रविकांत सिंह को प्रेसीडेंसी संभाग का एसआरओ नियुक्त किया गया जबकि गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव नीरज कुमार बंसोड़ को मेदिनीपुर संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव कृष्ण कुमार निराला को बर्दवान संभाग का एसआरओ नियुक्त किया गया है, जबकि आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव आलोक तिवारी को मालदा संभाग का और ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव पंकज यादव को जलपाईगुड़ी संभाग का एसआरओ नियुक्त किया गया है.
आयोग ने इससे पहले एसआईआर के संबंध में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मतदाता सूची का विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया था. इसके अलावा मतदाता सूची तैयार करने के प्रमुख पहलुओं की देखरेख करने तथा सुधारात्मक उपाय करने में जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) की मदद करने के लिए मतदाता सूची के पर्यवेक्षकों के रूप में 12 आईएएस अधिकारियों की एक टीम गठित की थी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, “एसआरओ की नियुक्ति से सभी संभागों में एसआईआर प्रक्रिया में बेहतर जांच और पारर्दिशता सुनिश्चित होगी. उनकी उपस्थिति से निगरानी और निर्वाचन आयोग के मानदंडों के अनुपालन को बल मिलेगा.” उन्होंने कहा, “पर्यवेक्षक मतदाता सूची से संबंधित गतिविधियों की निगरानी करेंगे और अपने-अपने क्षेत्राधिकार में निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे.” पश्चिम बंगाल में अब तक 54.59 लाख एसआईआर गणना फॉर्म की पहचान “अप्राप्त” के रूप में हुई है.
अधिकारी ने बताया कि ये फॉर्म इसलिए “अप्राप्त” हैं क्योंकि मतदाता या तो अनुपस्थित थे, या मतदाता सूची में उनके नाम का दोहराव था, मृत्यु हो चुकी थी या स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि आंकड़े पूरी तरह त्रुटिरहित हों और सभी प्रविष्टियों का पूरी तरह सत्यापन किया जाए. ये पांच पर्यवेक्षक विभिन्न संभागों से प्राप्त आंकड़ों की बारीकी से जांच करेंगे.” राज्य में एसआईआर का काम चार नवंबर को गणना फार्मों के वितरण के साथ शुरू हुआ जो 11 दिसंबर तक जारी रहेगा. मसौदा मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी और अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी, 2026 को जारी की जाएगी.


